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आलू किसानों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री योगी तक पहुंची बात; इस वेबसाइट पर करना होगा आवेदन - potato farmers get relief cm yogi adityanath started website sadabad mla

आलू किसानों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री योगी तक पहुंची बात; इस वेबसाइट पर करना होगा आवेदन आलू किसानों को बड़ी राहत मिली है, उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹1100 करोड़ की सहायता राशि की घोषणा की है। सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी की पै…

Jagran के अनुसार20 अगस्त 2026 को 04:56 pm बजे
आलू किसानों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री योगी तक पहुंची बात; इस वेबसाइट पर करना होगा आवेदन
 - potato farmers get relief cm yogi adityanath started website sadabad mla

सौजन्य से:- Jagran

आलू किसानों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री योगी तक पहुंची बात; इस वेबसाइट पर करना होगा आवेदन

आलू किसानों को बड़ी राहत मिली है, उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹1100 करोड़ की सहायता राशि की घोषणा की है। सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी की पैरवी के बाद कोल्ड स्टोरेज और बीज खरीद पर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं।

HighLights

- कोल्ड स्टोरेज भाड़े पर ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान मिलेगा।

- आलू बीज खरीद पर ₹1000 प्रति क्विंटल सहायता का प्रावधान।

संवाद सूत्र, सादाबाद (हाथरस)। आलू के गिरते भाव और बढ़ती लागत के बीच आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों की समस्या को सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया ने विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष और मुख्यमंत्री की जनसभाओं तक प्रमुखता से उठाया। विधायक की लगातार पैरवी का नतीजा अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।

प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए करीब ₹1100 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की है। किसानों को राहत जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और संबंधित वेबसाइट पर आवेदन लिए जाने लगे हैं। हाथरस जिले में इस वर्ष करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती हुई है।

आलू उत्पादन में जिले की बड़ी हिस्सेदारी होने के बावजूद इस समय किसानों को उनकी उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। बाजार में आलू के भाव गुणवत्ता के अनुसार करीब ₹300 से 400 रुपये प्रति पैकेट तक चल रहे हैं। उत्पादन लागत, मजदूरी, खुदाई, परिवहन और कोल्ड स्टोरेज भाड़े का खर्च जोड़ने के बाद इन भावों पर किसानों के सामने लागत निकालना भी चुनौती बना हुआ है।

किसानों की इसी परेशानी को विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया ने लगातार सरकार के सामने रखा। विधानसभा में आलू किसानों की समस्या उठाने के साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी किसानों की दुर्दशा और कमजोर बाजार भाव का मुद्दा प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी उन्होंने किसानों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए राहत की मांग की।

असर यह हुआ प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए ₹1100 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। सरकार की ओर से राहत की घोषणा के बाद अब उसे किसानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। किसानों को लाभ के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर दी है।

ये है वेबसाइट

प्रदेश सरकार ने कोल्ड स्टोरेज भाड़े में सब्सिडी देने के लिए वेबसाइट शुरू कर दी है और किसानों से ऑनलाइन आवेदन भी लेना शुरू कर दिया गया है। पात्र किसान potato.uphorticulture.in वेबसाइट पर जाकर योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

विधायक ने किसानों से अपील की है कि वे समय से आवेदन करें और सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार की ओर से कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू पर किसानों को ₹100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भंडारण शुल्क अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।

आवेदन के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स

निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों को सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कमजोर भाव के बीच कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों को भंडारण खर्च के बोझ से राहत मिलेगी। योजना के लिए आवेदन करते समय किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी विवरण और खसरा-खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री की जानकारी देनी होगी।

इसके साथ कोल्ड स्टोरेज की रसीद, आमद रसीद, गेट पास रसीद, लॉट नंबर की रसीद और पेमेंट रसीद भी आवश्यक होगी। किसान का नाम, पता, तहसील और जिला संबंधी विवरण भी आवेदन में सही दर्ज होना चाहिए। आलू किसानों की समस्या केवल मौजूदा फसल तक सीमित नहीं है। अगली फसल की तैयारी को लेकर भी किसानों पर आर्थिक दबाव है।

इसी को देखते हुए सरकार ने आलू बीज की खरीद पर भी सहायता देने का प्रावधान किया है। विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण आलू बीज खरीदने वाले किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को अगली फसल की तैयारी में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

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