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पीएम-किसान योजना: कैसे यूपी के किसानों को मिल रही है सीधी आय सहायता

2019 में गोरखपुर से शुरू हुई पीएम-किसान योजना अब देशभर के भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये देती है और नवीनतम किस्त में उत…

AajTak के अनुसार9 सितंबर 2026 को 01:04 pm बजे
पीएम-किसान योजना: कैसे यूपी के किसानों को मिल रही है सीधी आय सहायता

सौजन्य से:- AajTak

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2019 में गोरखपुर से शुरू हुई पीएम-किसान योजना अब देशभर के भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये देती है और नवीनतम किस्त में उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से ज्यादा किसान लाभार्थियों में शामिल हैं. देश के किसानों तक पहुंचने के मकसद से बनी इस योजना की शुरुआत भी उत्तर प्रदेश से ही हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना लॉन्च की थी.

यह योजना कैसे काम करती है

- PM-KISAN एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका पूरा खर्च भारत सरकार वहन करती है.

- पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं, जो 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं.

- भुगतान सीधे बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किया जाता है, जिसके लिए e-KYC और आधार-बैंक खाते की सीडिंग जरूरी है.

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी है, जिसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.

नवीनतम किस्त, और उत्तर प्रदेश का हिस्सा

योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई, जिसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों को कुल 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई. इसमें से, राज्यवार सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला. राज्य के 2.17 करोड़ से ज्यादा पात्र किसानों को सिर्फ इसी किस्त में कुल 4,352.40 करोड़ रुपये मिले.

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किसान इस पैसे का इस्तेमाल किसलिए करते हैं

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कृषि-आर्थिक अनुसंधान केंद्र के 2022 के एक अध्ययन (जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रायोजित था) ने खासतौर पर उत्तर प्रदेश में PM-KISAN के असर की जांच की. इसमें पाया गया.

- ज्यादातर लाभार्थी छोटे और सीमांत किसान थे, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन थी

- इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से जरूरी कृषि खर्चों के लिए किया गया - जुताई, खाद और बीज

- लाभार्थी खेतों में धान की उपज 3.08% ज्यादा और गेहूं की उपज 1.93% ज्यादा दर्ज हुई, गैर-लाभार्थी खेतों की तुलना में

- लाभार्थी परिवारों की शुद्ध कृषि आय में 9.85% की बढ़ोतरी दर्ज हुई

जुड़े हुए फायदे

PM-KISAN के लाभार्थी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, जिसे सरकार ने इस योजना से जोड़ा है, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर अल्पकालिक कर्ज मिल सकता है.

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