सौर ऊर्जा क्रांति में यूपी का डंका, 'PM सूर्य घर योजना' के तहत योगी सरकार ने स्थापित किए 7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर - uttar pradesh achieves 7 lakh rooftop solar installations
सौर ऊर्जा क्रांति में यूपी का डंका, 'PM सूर्य घर योजना' के तहत योगी सरकार ने स्थापित किए 7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स…

सौजन्य से:- Jagran
सौर ऊर्जा क्रांति में यूपी का डंका, 'PM सूर्य घर योजना' के तहत योगी सरकार ने स्थापित किए 7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर
उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर गुजरात के बाद दूसरा राज्य बनने की उ ...और पढ़ें
HighLights
- 7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, दूसरा राज्य।
- 12,000 एकड़ भूमि की बचत, 85,000 हरित रोजगार।
- 2371.14 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा, 32 लाख टन CO2 कम।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने इस महत्वाकांक्षी योजना को केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है।
यूपीनेडा, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, सभी डिस्कॉम, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, बैंकिंग संस्थानों, जनपदीय प्रशासन, विद्युत विभाग, सौर ऊर्जा उद्योग तथा अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी रूफटॉप सोलर राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश गुजरात के बाद 7 लाख से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने वाला भारत का दूसरा राज्य बन गया है।
जुलाई 2026 तक राज्य में 11,58,183 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 7,03,661 से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से 2371.14 मेगावाट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित की जा चुकी है। केवल ढाई वर्षों में प्राप्त यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल पारदर्शिता, सुदृढ़ संस्थागत समन्वय और प्रदेशवासियों की बढ़ती सहभागिता का प्रमाण है।
केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही आकर्षक सब्सिडी, सरल ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पारदर्शी पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग तथा मजबूत कार्यान्वयन व्यवस्था ने योजना को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेज़ी से विकसित हो रहे रूफटॉप सोलर बाज़ारों में अग्रणी स्थान प्राप्त कर चुका है तथा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, नवाचार और हरित विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
खबरें और भी
रूफटॉप सोलर से उत्तर प्रदेश को बहुआयामी लाभ, लगभग 12,000 एकड़ भूमि की बचत
दरअसल, 2371.14 मेगावाट क्षमता यदि पारंपरिक ग्राउंड-माउंटेड सोलर पार्कों के माध्यम से स्थापित की जाती, तो इसके लिए लगभग 12,000 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती। रूफटॉप सोलर मॉडल के कारण यह विशाल भूमि कृषि, औद्योगिक विकास, आवास एवं अन्य सार्वजनिक उपयोगों के लिए सुरक्षित बनी हुई है। इससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम हुई है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।
प्रतिदिन 1.07 करोड़ यूनिट स्वच्छ एवं निःशुल्क बिजली उत्पादन
प्रदेश में स्थापित रूफटॉप सोलर संयंत्रों से औसतन 4.5 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिदिन के आधार पर लगभग 1.07 करोड़ यूनिट (10.67 मिलियन यूनिट) स्वच्छ बिजली का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। यह बिजली लाखों परिवारों की घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी सुदृढ़ बना रही है।
यदि औसत बिजली दर ₹6.50 प्रति यूनिट मानी जाए, तो प्रतिदिन उत्पन्न होने वाली बिजली का आर्थिक मूल्य लगभग ₹6.94 करोड़ प्रतिदिन है। अर्थात प्रदेश के लाखों परिवार प्रतिदिन लगभग ₹7 करोड़ मूल्य की निःशुल्क एवं स्वच्छ बिजली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनके मासिक बिजली व्यय में उल्लेखनीय कमी आ रही है।
रूफटॉप सोलर संयंत्रों से प्रतिवर्ष लगभग 389 करोड़ यूनिट स्वच्छ विद्युत का उत्पादन होने का अनुमान है। इससे पारंपरिक विद्युत उत्पादन पर निर्भरता कम होती है तथा राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और विद्युत प्रणाली की स्थिरता मजबूत होती है। रूफटॉप सोलर से उत्पन्न स्वच्छ ऊर्जा के कारण प्रतिवर्ष लगभग 32 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन से बचाव हो रहा है। यह उत्तर प्रदेश को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने तथा भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बनाता है।
लगभग 14.5 करोड़ वृक्षों के बराबर पर्यावरणीय लाभ
रूफटॉप सोलर से होने वाली वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में कमी का प्रभाव लगभग 14.5 करोड़ परिपक्व वृक्षों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित कार्बन के बराबर है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हरित रोजगार, उद्यमिता एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उत्तर प्रदेश में हरित रोजगार एवं हरित अर्थव्यवस्था के विकास का एक मजबूत आधार बन चुकी है। प्रदेश में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु यूपीनेडा द्वारा 7,000 से अधिक कंपनियाँ पंजीकृत एवं कार्यरत हैं। इन कंपनियों के माध्यम से राज्यभर में 85,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।
इनमें तकनीशियन, इंजीनियर, इलेक्ट्रिशियन, परियोजना प्रबंधक, इंस्टॉलेशन टीमें, सर्वे एजेंसियाँ, गुणवत्ता निरीक्षक, संचालन एवं अनुरक्षण विशेषज्ञ, ग्राहक सहायता कर्मी तथा अन्य तकनीकी एवं गैर-तकनीकी मानव संसाधन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, संरचनात्मक सामग्री, विद्युत उपकरण, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं, बीमा, ऊर्जा परामर्श, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, एमएसएमई इकाइयों तथा स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े व्यवसायों में लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित हुए हैं।
यह योजना स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई इकाइयों, स्टार्टअप्स एवं उद्यमिता को नई गति प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश को देश की हरित अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा की पहुँच सुनिश्चित करना, स्थापना की गति को और तेज करना, डिजिटल प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाना तथा निवेश, नवाचार और हरित ऊर्जा उद्योग को प्रोत्साहित करते हुए उत्तर प्रदेश को भारत का रूफटॉप सोलर कैपिटल बनाना है।
आज उत्तर प्रदेश केवल स्थापित क्षमता और उपभोक्ताओं की संख्या में ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण, डिजिटल पारदर्शिता, तीव्र क्रियान्वयन, निवेश आकर्षण, हरित रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन तथा जनसहभागिता के प्रत्येक क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत, हरित अर्थव्यवस्था, जलवायु संरक्षण एवं सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति प्रदान करते हुए भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

यूपी की ODOP योजना, 75 जिलों के पारंपरिक हुनर को मिला सरकारी सहयोग

ODOP योजना को समझिए, जिससे उत्तर प्रदेश के लोकल उद्योगों को मिल रही ग्लोबल पहचान

उत्तर प्रदेश में 13 आईएएस अधिकारियों का तबादला: इंद्र विक्रम सिंह गोरखपुर कमिश्नर नियुक्त; 4 संभागीय आयुक्तों में फेरबदल - https:// Indianmasterminds.com


