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जहरीली शराब कांड: यूपी में तैयार होती थी मदिरा, फर्जी क्यूआर-रैपर लगाकर खपाई जाती थी; जानें कैसे होता था खेल

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Amar Ujala के अनुसार6 सितंबर 2026 को 08:31 am बजे
जहरीली शराब कांड: यूपी में तैयार होती थी मदिरा, फर्जी क्यूआर-रैपर लगाकर खपाई जाती थी; जानें कैसे होता था खेल

सौजन्य से:- Amar Ujala

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जहरीली शराब कांड: यूपी में तैयार होती थी मदिरा, फर्जी क्यूआर-रैपर लगाकर खपाई जाती थी; जानें कैसे होता था खेल

Sun, 06 Sep 2026 01:11 PM IST

हिमांशु सिंह बघेल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

Published by: हिमांशु सिंह बघेल

Updated Sun, 06 Sep 2026 01:11 PM IST

सार

सागर जहरीली शराब कांड: बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर का कनेक्शन सामने आया है। जांच के मुताबिक, नकली शराब पर फर्जी रैपर, सील-ढक्कन और क्यूआर कोड लगाकर उसे सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई किया जाता था। पढ़ें पूरी खबर...

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विस्तार

सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में बड़ा सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस पूरे मामले का उत्तर प्रदेश कनेक्शन सामने आया है। सागर जिले के यूपी से सटे गांवों में ललितपुर के शराब माफिया का नेटवर्क सक्रिय था, जो नकली शराब बनाकर कम दामों पर सागर के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई कर रहा था। जिला कलेक्टर ने अब तक 10 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि पुलिस ने मामले में 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

ललितपुर में तैयार होता था मौत का सामान

हाल ही में उत्तर प्रदेश की ललितपुर पुलिस ने अवैध शराब सप्लाई करने वाले एक गिरोह को दबोचा था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सागर के बंडा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में नकली शराब की सप्लाई करते थे। आरोपियों के मुताबिक, ललितपुर निवासी रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा मिलकर इस पूरे सिंडिकेट को चला रहे थे।

फर्जी QR कोड और रैपर से देते थे असली का रूप

ललितपुर में अवैध तरीके से तैयार की गई इस शराब को असली का रूप देने के लिए माफिया गिरोह उस पर नकली रैपर, नकली सील-ढक्कन और फर्जी QR कोड लगाता था। इसके बाद चार पहिया वाहनों और मोटरसाइकिलों के जरिए इसे सीमावर्ती गांवों तक पहुंचाया जाता था। जांच में सामने आया है कि यह जहरीली शराब सागर के ग्राम बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज जैसे सीमावर्ती गांवों में बड़े पैमाने पर खपाई गई थी।

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ये भी पढ़ें- एमपी: सागर में जहरीली शराब का कहर, नौ लोगों की मौत; 25 से ज्यादा मरीज जिला अस्पताल रेफर

स्थानीय नेटवर्क की तलाश, छापों का दौर शुरू

घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ललितपुर से सागर तक शराब पहुंचाने में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से तस्कर शामिल थे और यह नेटवर्क कितना गहरा फैला हुआ है। पूरे जिले में शराब दुकानों और अवैध शराब के संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

प्रशासनिक कार्रवाई

मामले में जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी है। जिला कलेक्टर ने अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटे हैं।

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ललितपुर में तैयार होता था मौत का सामान

हाल ही में उत्तर प्रदेश की ललितपुर पुलिस ने अवैध शराब सप्लाई करने वाले एक गिरोह को दबोचा था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सागर के बंडा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में नकली शराब की सप्लाई करते थे। आरोपियों के मुताबिक, ललितपुर निवासी रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा मिलकर इस पूरे सिंडिकेट को चला रहे थे।

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फर्जी QR कोड और रैपर से देते थे असली का रूप

ललितपुर में अवैध तरीके से तैयार की गई इस शराब को असली का रूप देने के लिए माफिया गिरोह उस पर नकली रैपर, नकली सील-ढक्कन और फर्जी QR कोड लगाता था। इसके बाद चार पहिया वाहनों और मोटरसाइकिलों के जरिए इसे सीमावर्ती गांवों तक पहुंचाया जाता था। जांच में सामने आया है कि यह जहरीली शराब सागर के ग्राम बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज जैसे सीमावर्ती गांवों में बड़े पैमाने पर खपाई गई थी।

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ये भी पढ़ें- एमपी: सागर में जहरीली शराब का कहर, नौ लोगों की मौत; 25 से ज्यादा मरीज जिला अस्पताल रेफर

स्थानीय नेटवर्क की तलाश, छापों का दौर शुरू

घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ललितपुर से सागर तक शराब पहुंचाने में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से तस्कर शामिल थे और यह नेटवर्क कितना गहरा फैला हुआ है। पूरे जिले में शराब दुकानों और अवैध शराब के संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

प्रशासनिक कार्रवाई

मामले में जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी है। जिला कलेक्टर ने अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटे हैं।

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