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मुरादाबाद की मुस्लिम बहुल कांठ सीट पर दिलचस्प मुकाबला, जानें पूरा समीकरण

मुरादाबाद की मुस्लिम बहुल कांठ सीट पर दिलचस्प मुकाबला, जानें पूरा समीकरण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एबीपी न्यूज़ ने हरेक विधानसभा सीट के सियासी और जातीय समीकरण का विशाल विश्लेषण शुरू किया है, इसी क्रम में आज बाद…

abplive.com के अनुसार26 अगस्त 2026 को 10:22 am बजे
मुरादाबाद की मुस्लिम बहुल कांठ सीट पर दिलचस्प मुकाबला, जानें पूरा समीकरण

सौजन्य से:- abplive.com

मुरादाबाद की मुस्लिम बहुल कांठ सीट पर दिलचस्प मुकाबला, जानें पूरा समीकरण

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एबीपी न्यूज़ ने हरेक विधानसभा सीट के सियासी और जातीय समीकरण का विशाल विश्लेषण शुरू किया है, इसी क्रम में आज बाद मुरादाबाद की काँठ विधानसभा सीट की होगी.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले में समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई है. 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से मुरादाबाद ज़िले में सपा और भाजपा का ही बोलबाला देखने को मिल रहा है. मुरादाबाद जिले में एक भी विधानसभा सीट एससी समाज के लिए आरक्षित नहीं हैं. यहां की सभी 6 विधानसभा सीट सामान्य है. आज हम बात करेंगे यहां की काँठ विधानसभा सीट के सियासी और जातीय समीकरण की.

मुरादाबाद ज़िले की काँठ सीट की विधानसभा संख्या 25 के विशाल विश्लेषण की बात करें तो काँठ रामगंगा नदी के किनारे मौजूद है. यहाँ गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है. काँठ विधानसभा सीट पर पहला चुनाव साल 1957 में हुआ. इस विधानसभा सीट की ख़ासियत यह है कि हर बार अपना विधायक बदल देती है.

काँठ विधानसभा का विशाल विश्लेषण

काँठ विधानसभा सीट पर राजनीतिक दल भी नए नए प्रयोग करते रहते हैं. 2012 में पीस पार्टी, 2017 में बीजेपी, 2022 में सपा ने इस विधानसभा सीट पर जीत हासिल की. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में काँठ विधानसभा सीट पर सपा पहले नंबर और बीजेपी दूसरे नंबर पर रही.

2022 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के कमाल अख्तर काँठ सीट पर चुनाव जीते. बीजेपी ने राजेश सिंह चुन्नू को टिकट दिया था. बसपा ने अफक अली खान, कांग्रेस ने मोहम्मद इसरार को प्रत्याशी बनाया.

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एसआईआर के बाद काँठ का समीकरण

2026 में एसआईआर के बाद काँठ विधानसभा सीट पर 3,71,072 मतदाता हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में काँठ विधानसभा सीट पर 3,92,364 मतदाता थे. यानि एसआईआर के बाद 21,292 वोट कम हुए. काँठ को मुस्लिम, एससी और जाट बाहुल्य सीट मानी जाती है. इस सीट पर सैनी समेत अति पिछड़ी जातियों का वोट भी बहुत अच्छी ख़ासी संख्या में है.

2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर सपा को 1,34,692, बीजेपी को 91,514, बसपा को 36,341, AIMIM को 2,886 और कांग्रेस को 1,470 वोट मिले.

विधानसभा चुनाव में सपा को बड़ी जीत

2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के कमाल अख्तर ने 43,178 वोटों से बीजेपी के राजेश चुन्नू को चुनाव हरा दिया. सपा ने काँठ सीट पर बहुत बड़े अंतर से जीत दर्ज की. बीजेपी को 91,514 वोट मिले. सपा को 49.19 प्रतिशत और बीजेपी को 33.42 फीसदी वोट मिले. सपा और बीजेपी के बीच 15.77 प्रतिशत वोटों का फासला रहा. बसपा को 36,341 वोट मिले. कांग्रेस से ज़्यादा वोट तो AIMIM को मिल गए. लेकिन ना तो AIMIM और ना ही कांग्रेस 3 हज़ार वोटों का आंकड़ा पार कर पाईं.

2022 के विधानसभा चुनाव में काँठ सीट पर मुस्लिम वोट एक तरफा सपा को गए. इसके अलावा सैनी और कश्यप समाज का कुछ कुछ वोट सपा की तरफ गया. जबकि जाट, गुर्जर और ओबीसी की अन्य जातियों का वोट बीजेपी की तरफ गया. ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज का वोट भी बीजेपी को हासिल हुआ. सपा ने बीजेपी के सैनी और कश्यप वोटों में सेंध लगाई. बीएसी ने काँठ सीट पर एससी समाज का वोट लिया. जबकि एससी की कई अलग अलग जातियों का वोट बीजेपी और सपा दोनों को मिला.

लोकसभा चुनाव में कैसा रहा समीकरण

2022 के विधानसभा चुनाव में तो सपा ने लगभग 43 हज़ार से काँठ विधानसभा सीट जीत ली लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में काँठ विधानसभा सीट पर क्या काँठ की हांडी दोबारा चढ़ी या फिर बीजेपी ने परचम लहराया. यह समझने के लिए 2024 लोकसभा चुनाव में काँठ विधानसभा सीट पर किस पार्टी को कितने वोट मिले, इन आंकड़ों को देख लेते हैं.

1. सपा- 1,27,838

2. बीजेपी- 99,599

3. बसपा- 28,613

2024 के लोकसभा चुनाव में भी काँठ सीट पर जीत हासिल की. सपा पहले नंबर और बीजेपी दूसरे नंबर पर रही. काँठ मुरादाबाद लोकसभा सीट का हिस्सा है. सपा की रूचिवीरा ने बीजेपी के कुंवर सर्वेश कुमार को 28,239 वोटों से हरा दिया. बीएसपी को लगभग 28 हज़ार वोट मिले.

2022 की तुलना में 2024 में काँठ सीट पर सपा को 6,854 वोट कम मिले. ऐसा माना जा रहा है कि सैनी वोट सपा को नहीं मिला, जबकि 2022 में सैनी वोट सपा को मिला था. 2022 के मुकाबले 2024 में बीजेपी को 8,085 वोट ज़्यादा मिले. बीजेपी के साथ सैनी एक बार फिर से आ गए. लेकिन एससी वोट का कुछ हिस्सा सपा के साथ गया. इसीलिए बसपा को वोट 2022 के मुकाबले 2024 में काँठ सीट पर कम हुए.

काँठ विधानसभा सीट के जातीय समीकरण (अनुमानित)

1. मुस्लिम- 1.60 लाख

2. एससी- 50 हज़ार

3. जाट- 40 हज़ार

4. सैनी- 26 हज़ार

5. क्षत्रिय- 15 हज़ार

6. ब्राह्मण- 10 हज़ार

7. कश्यप- 12 हज़ार

8. यादव- 5 हज़ार

9. प्रजापति- 8 हज़ार

10. गुर्जर- 6 हज़ार

11. अन्य पिछड़ा वर्ग- 35 हज़ार

काँठ विधानसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है. इस सीट पर मुस्लिम के बाद एससी मतदाता हैं. लेकिन ओबीसी और सामान्य वर्ग का वोट भी अच्छी खासी संख्या में हैं. जाट मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं. ओबीसी की अति पिछड़ी जातियों की कुल संख्या एक अहम भूमिका निभाता है. बीजेपी इस सीट पर ओबीसी और सामान्य वर्ग को एकजुट करने का रणनीति पर काम करती है. इसके अलावा एससी वोट पर सपा और भाजपा दोनों की नज़रें हैं. मुस्लिम के बाद ओबीसी वोट ही हार जीत तय करता है.

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