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Dainik Bhaskar के अनुसार30 अगस्त 2026 को 10:31 am बजे
'सपा समाज को फिर बांटने का प्रयास कर रही है':  योगी बोले- ये दंगों के बादशाह, कर्फ्यू इनकी पहचान; हम माफिया को मिट्टी में मिलाने वाले - Lucknow News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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'सपा समाज को फिर बांटने का प्रयास कर रही है':योगी बोले- ये दंगों के बादशाह, कर्फ्यू इनकी पहचान; हम माफिया को मिट्टी में मिलाने वाले

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सीएम योगी ने लखनऊ में कहा कि पीडीए के नाम पर बांटने वाले लोगों की आप कल्पना कर सकते हैं कि ये कैसे लोग हैं। जिन्होंने बाबूजी कल्याण सिंह के निधन पर पुष्पांजलि अर्पित करने जाना तो दूर, एक ट्वीट तक नहीं किया। इन्होंने लखनऊ में एक स्मारक बनवाया।

भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए जिन्होंने अपना जीवन लगा दिया था, उनके नाम का स्मारक बनवाया। जय प्रकाश नारायण के नाम का 200 करोड़ रुपए का JPNIC प्रोजेक्ट शुरू किया। उस पर खर्च कर दिए 864 करोड़ रुपए, तब भी वह अधूरा रहा। 18 महीने में पूरा होना था, उसमें 2 साल लगा दिए तब भी अधूरा ही रहा।

इसके बाद कोशिश की कि इस प्रोजेक्ट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा हो जाए। उसके लिए एक कमेटी गठित की। उस कमेटी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अखिलेश यादव के निजी सचिव, सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी थे। उसे अपना अड्डा बना लिया था।

एक महापुरुष के इस अपमान को डबल इंजन की सरकार स्वीकार नहीं कर सकती। JPNIC में पैसा सैफई सिंडिकेट का नहीं, ये पैसा उत्तर प्रदेश की जनता का है। इस प्रोजेक्ट को सरकार ने जब समाजवादी पार्टी के हाथ से खींच लिया तो अब ये अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। इनकी वास्तविकता आपने देखी होगी। सीएम योगी ने कहा-

ये दंगों के बादशाह हैं, कर्फ्यू इनकी पहचान है, प्रदेश के खजाने में लूट-खसोट इनकी आदत का हिस्सा है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और 'देख सपाई-बिटिया घबराई' इनकी पहचान है। ये लोग आज फिर से समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।

हमारी पॉलिसी माफिया को मिट्टी में मिलाने की है तो बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी है। सीएम योगी रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास अवंती बाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण के दौरान यह बोल रहे थे। इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंट की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। ये सभी काम 101 करोड़ रुपए से कराए जाएंगे।

योगी ने कहा- बंटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं का आह्वान करने आया हूं

सीएम योगी ने कहा- उत्तर प्रदेश की जनता-जनार्दन के पैसे पर किसी पार्टी को डकैती डालने की छूट कतई नहीं दी जा सकती। इसलिए सरकार ने इसे वापस लिया। इसकी कमेटी भंग की और प्रोजेक्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंपा। हमने तय किया है कि इस प्रोजेक्ट को चलाएंगे। जय प्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत करेंगे। जो पैसा प्रदेश के खजाने से गया है, उसकी वसूली करके वापस लाएंगे।

जिन कारणों से देश गुलाम हुआ था, उस जाति का जहर घोल कर फिर से वर्ग के आधार पर ये बांटना चाहते हैं। इस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं। अवंती बाई लोधी के मंत्र पर चलना है। हम बंटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं। यही आह्वान करने के लिए मैं आया हूं।

कार्यक्रम के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि याद कीजिए कि पहले की सरकारों के समय में देश की राजधानी तक में महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं। उत्तर प्रदेश में मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि या तो कल्याण सिंह की हुकूमत थी या फिर योगी आदित्यनाथजी की हुकूमत है। कोई महिलाओं की तरफ देखने की जुर्रत करेगा तो यहां (जमीन पर) नहीं होगा, वहां (ऊपर) होगा।

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सीएम योगी ने कहा- अवंतीबाई लोधी के नाम पर लखनऊ की पीएसी वाहिनी, वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर गोरखपुर की पीएसी महिला वाहिनी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर और पीएसी वाहिनी का नाम अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा है।

अभी हम लोग स्नातक फाइनल इयर की 50,000 बेटियों को महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी देने जा रहे हैं।

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सीएम योगी ने कहा- पीडीए के नाम पर बांटने वाले लोगों की आप कल्पना कर सकते हैं कि ये कैसे लोग हैं, जो बाबूजी कल्याण सिंह के निधन पर पुष्पांजलि अर्पित करने जाना तो दूर, एक ट्वीट तक नहीं किया। इन्होंने लखनऊ में एक स्मारक बनवाया। भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए जिन्होंने अपना जीवन लगा दिया था, उनके नाम का स्मारक बनवाया। जय प्रकाश नारायण के नाम का 200 करोड़ रुपए का एक प्रोजेक्ट शुरू किया। उस पर खर्च कर दिए 864 करोड़ रुपए, तब भी वह अधूरा रहा। 18 महीने में पूरा होना था, उसमें 2 साल लगा दिए तब भी अधूरा ही रहा।

इसके बाद कोशिश की कि इस प्रोजेक्ट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा हो जाए। उसके लिए एक कमेटी गठित की। उस कमेटी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अखिलेश यादव के निजी सचिव, सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी थे। उसे अपना अड्डा बना लिया था। एक महापुरुष के अपमान को डबल इंजन की सरकार स्वीकार नहीं कर सकती। अगर हमारी पॉलिसी माफिया को मिट्टी में मिलाने की है तो बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की है। ये पैसा सैफई सिंडिकेट का नहीं, ये पैसा उत्तर प्रदेश की जनता का है।

- उत्तर प्रदेश की जनता-जनार्दन के पैसे पर किसी पार्टी को डकैती डालने की छूट कतई नहीं दी जा सकती। इसलिए सरकार ने इसे वापस लिया। इसकी कमेटी भंग की और प्रोजेक्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंपा। हमने तय किया है कि इस प्रोजेक्ट को चलाएंगे। जय प्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत करेंगे। जो पैसा प्रदेश के खजाने से गया है, उसकी वसूली करके वापस लाएंगे।

- जब समाजवादी पार्टी के हाथ से खजाना छीन लिया गया तो अब वह अनर्गल प्रलाप कर रही है। इनकी वास्तविकता आपने देखी होगी। ये दंगों के बादशाह हैं, कर्फ्यू इनकी पहचान है, प्रदेश के खजाने में लूट-खसोट इनकी आदत का हिस्सा है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और 'देख सपाई-बिटिया घबराई' इनकी पहचान है। ये लोग आज फिर से समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।

- जिन कारणों से देश गुलाम हुआ था, उस जाति का जहर घोल कर फिर से वर्ग के आधार पर ये बांटना चाहते हैं। इस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं। अवंती बाई लोधी के मंत्र पर चलना है। हम बंटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं। यही आह्वान करने के लिए मैं आया हूं।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- हम सब जानते हैं, शहीद वीरांगना अवंतीबाई लोधीजी ने जिस ढंग से अंग्रेजों के छक्के छुड़ाते हुए 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों को खदेड़ने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। जब उनको महसूस हुआ कि अंग्रेज उनके शरीर को टच करने वाले हैं, तो उन्होंने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं, वीरगति को प्राप्त करने का चुना और उन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों की बलि दी। आज हम सब स्वतंत्र भारत में अपने-अपने अधिकारों के साथ, अपने कर्तव्यों के साथ, भारतवर्ष को माननीय मोदी जी की अगुआई में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। देश की सीमाओं की रक्षा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं।

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राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास चौराहे पर अमर स्वतंत्रता सेनानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनावरण किया।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- लखनऊ का जिस तेजी से विकास हुआ है, उसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का बहुत बड़ा योगदान है। जब भी लखनऊ के किसी प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री जी के सामने कोई विकास संबंधी बात रखी, उन्होंने उसमें पूरा सहयोग दिया। मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत मिलकर विकास के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। जब केंद्र और राज्य सरकार की सोच एक दिशा में चलती है तो विकास की गति स्वाभाविक रूप से कई गुना बढ़ जाती है।

आज लखनऊ छावनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। करीब 101 करोड़ रुपए की लागत से 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है। मैं इन परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्यों की सूची के रूप में नहीं देखता। मेरे लिए ये लखनऊ छावनी के भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। इन परियोजनाओं में बेहतर जलापूर्ति, बच्चों की अच्छी शिक्षा, युवाओं को खेल के बेहतर अवसर, सम्मानजनक नागरिक सुविधाएं, आधुनिक तकनीक और व्यवस्थित पार्किंग जैसी जरूरतों को पूरा करने का संकल्प शामिल है। हमारा उद्देश्य ऐसी आधुनिक छावनी तैयार करना है, जहां सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

- आज भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया भारत की ओर जिस नजर से देख रही है, वह भारत की बढ़ती ताकत और बदलती भूमिका का प्रमाण है। करीब 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत जब बोलता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। यह नए भारत की बदली हुई हैसियत है।

- मेरा मानना है कि विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक पहुंचनी चाहिए। लखनऊ और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पूरी लगन और निष्ठा के साथ इस दिशा में काम कर रहे हैं।

- समय बदल रहा है और लोगों की जरूरतें भी बदल रही हैं। लखनऊ छावनी में नई संभावनाओं के साथ अपनी विरासत को सुरक्षित रखने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में कई बाजारों के नाम स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े महान व्यक्तित्वों के नाम पर रखे गए हैं।ट्रायल आर्टिलरी बाजार का नाम एकता बाजार, पूजा देवी बाजार का नाम मातादीन वाल्मीकि बाजार और एक अन्य ब्रिटिश इन्फेंट्री बाजार का नाम मनोज पांडेय बाजार रखा गया है। किंडल मार्केट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि नाम बदलना केवल बोर्ड बदलने तक सीमित नहीं है। जब कोई व्यक्ति इन बाजारों में आएगा तो उसे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाओं की कहानी याद आएगी। मातादीन वाल्मीकि का नाम स्वतंत्रता संग्राम में श्रमिक और वंचित वर्गों की भूमिका की याद दिलाएगा। मंगल पांडेय का नाम देश के स्वतंत्रता संग्राम और प्रतिरोध की भावना से प्रेरणा देगा, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी का नाम राष्ट्रीय सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाएगा।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- छावनी में कहीं घरों तक पानी पहुंचाने का प्रयास है, कहीं बच्चों को शिक्षा और अवसर देने की कोशिश है, तो कहीं युवाओं को खेल और बेहतर भविष्य की दिशा देने का काम हो रहा है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने, दिव्यांग बच्चों को समान अवसर देने, युवाओं को खेल का बेहतर मंच उपलब्ध कराने, परिवारों को सम्मानजनक सुविधाएं देने और यातायात व पार्किंग को व्यवस्थित करने का संकल्प लिया गया है। लक्ष्य केवल आज की समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाओं से युक्त छावनी तैयार करना है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब आने वाली पीढ़ी पीछे मुड़कर देखे तो उसे महसूस हो कि उसके समय में लखनऊ छावनी ने विकास की नई छलांग लगाई थी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय, लखनऊ छावनी परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। सभी के सहयोग से ऐसी लखनऊ छावनी बनाई जा सकती है, जहां विकास के साथ नए भारत की पहचान भी दिखाई दे।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- करीब 20 साल पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर बोर्ड लगा होता था- ‘मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं।’ लेकिन उस समय लखनऊ के जाम, संकरी गलियों और गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग परेशान होते थे। आज लखनऊ ने अपनी पुरानी विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

आज लखनऊ में पुरानी गलियां भी हैं और स्मार्ट रोड भी। शहर की संकरी गलियों के साथ आउटर रिंग रोड जैसी आधुनिक सुविधा भी है। जहां लखनऊ में ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी की ऐतिहासिक विरासत है, वहीं रक्षा आत्मनिर्भरता के लिहाज से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी यहां विकसित हो रहा है।

- लखनऊ अपनी चिकनकारी और हस्तशिल्प के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। हाल ही में यूनेस्को ने लखनऊ को ‘हेरिटेज सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर शहर को नई पहचान दी है।

- रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और प्रेरणा से छावनी परिषद में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना और स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत हो रही है।

- इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। इसके लिए सेंट्रल कमांड की ओर से मिल रहे सहयोग की भी उन्होंने सराहना की।

- आधुनिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था से छावनी में रहने वाले सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। लखनऊ को इन सुविधाओं की लंबे समय से जरूरत थी और रक्षा मंत्री के प्रयासों से लगातार ऐसी परियोजनाएं मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। प्रदेश में अभाव, अराजकता और उपद्रव की स्थिति थी, लेकिन आज उत्तर प्रदेश इन समस्याओं से उबरकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन रहा है।

प्रधानमंत्री की प्रेरणा और रक्षा मंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं। प्रदेश एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ा है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके काम को भी जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क है। वर्तमान में प्रदेश में 17 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों के जरिए भी प्रदेश के युवा देश की सुरक्षा जरूरतों के लिए तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में 24 घंटे जुटे सैनिकों और उनके परिवारों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है। छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने लखनऊ छावनी को आदर्श छावनी परिषद के रूप में विकसित करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम करने का भरोसा दिलाया।

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कैंट में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- रक्षामंत्री ने लखनऊ को सजाने-संवारने और यहां विकास की बड़ी परियोजनाएं लाने का काम किया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को गति देकर लखनऊ के विकास की नई दिशा तय की है।

जब दूसरे शहरों से लोग लखनऊ आते हैं तो कहते हैं कि लखनऊ जैसा कोई शहर नहीं है। आज लखनऊ विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए मैं रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री का अभिनंदन करता हूं।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ को बड़ी परियोजनाओं से सजाने-संवारने के साथ ही उस सपने को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ के लिए देखा था। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उस सपने को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

लखनऊ में फ्लाईओवर, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, अस्पताल और स्कूल जैसी कई बड़ी परियोजनाएं विकसित हुई हैं। अब विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी मिल रही है। इससे लखनऊ के बच्चे आईएएस, पीसीएस और डॉक्टर बनने की तैयारी कर सकेंगे और देश-दुनिया में शहर का नाम रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग लखनऊवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। इसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।

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लोधी सभा के जिला संयोजक सूरज राजपूत ने कहा कि इस दिन का बहुत समय से इंतजार था। आज यह समय आ ही गया, जब अवंती बाई लोधी चौराहे पर प्रतिमा चमकेगी।

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दुबग्गा में राष्ट्र प्रेरणा स्थल चौराहे पर अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण रक्षामंत्री करेंगे। यहां पर प्रतिमा अनावरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि लखनऊ छावनी के बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने के लिए मंगला देवी जूनियर हाईस्कूल में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की जा रही है। इसमें करीब 105 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। पहले चरण में बच्चों को एनडीए और जीडीएस की तैयारी कराई जाएगी। इसके बाद नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड के समय एक चुनौती को अवसर में बदला। जब ज्यादातर कोचिंग संस्थान ऑनलाइन हो गए थे और सरकारी कोचिंग बंद हो गई थी, तब मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी कोचिंग भी ऑनलाइन शुरू की जाए। इसी से एक यूट्यूब चैनल के माध्यम से शुरुआत हुई और आज मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है।

असीम अरुण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में फ्री ऑनलाइन कोचिंग की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी। मुख्यमंत्री का भी निर्देश है कि ऑनलाइन कॉन्टेंट को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए, ताकि कोई भी बेटा या बेटी गांव में अपने घर से मोबाइल या किसी अन्य डिवाइस के जरिए पढ़ाई कर सके।

अवसर की समानता तभी पूरी होगी, जब उन बच्चों तक भी शिक्षा पहुंचे, जिनके पास मोबाइल, डिवाइस या इंटरनेट की सुविधा नहीं है। सरकार ऐसे विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।

समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि बागपत में यूनिफॉर्म रिसोर्सेज की एकेडमी का प्रयोग काफी सफल रहा है। वहां करीब 65 प्रतिशत बच्चों का चयन हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर इसी तरह के प्रयोग को लखनऊ में भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें स्किल डेवलपमेंट के साथ यूपीएससी की तैयारी और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड का डिप्लोमा जैसे कोर्स भी शामिल हैं।

आज लखनऊ में करीब 101 करोड़ रुपए की योजनाओं की शुरुआत हो रही है। लखनऊ से उनका पुराना जुड़ाव है और उनकी पढ़ाई भी यहीं हुई है। इसलिए शहर को लगातार बेहतर होते देख खुशी होती है।

मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से उन्हें उम्मीद है कि हर साल लखनऊ से बड़ी संख्या में बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होंगे।

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जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत सभा के लोग राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर जुटने लगे हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।

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रक्षा संपदा की महानिदेशक शोभा गुप्ता ने कहा कि विभाग और लखनऊ छावनी के समस्त नागरिकों की ओर से माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। उनके मार्गदर्शन से लखनऊ छावनी के लिए करीब 60 करोड़ रुपए की लागत वाली आठ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति और वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ है। इनमें जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, विद्यालयों की आधारभूत संरचना में सुधार और मल्टीलेवल रोबोटिक कार पार्किंग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

छावनी परिषद के विद्यालयों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, लखनऊ छावनी परिषद के पॉलिटेक्निक को सिटी पॉलिटेक्निक के रूप में विकसित किया जाएगा। ये परियोजनाएं केवल आधारभूत ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छावनी के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, बेहतर जीवन स्तर और युवक-युवतियों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

शोभा गुप्ता ने कहा कि मैं भारतीय सेना का विशेष आभार व्यक्त करती हूं, जिसने करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से एआई आधारित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण में सहयोग दिया है। यह परियोजना आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वच्छता और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एचएएल और बीईएल से मिले करीब 9 से 10 करोड़ रुपए के आर्थिक सहयोग से लखनऊ छावनी में मल्टी यूटिलिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंहजी, रक्षा संपदा विभाग उस मिशन को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके तहत देश की सभी छावनियों को स्वच्छ, हरित, आधुनिक, स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित मॉडल शहरों के रूप में विकसित किया जाना है। इस दिशा में योजनाओं का मूर्त रूप अब सामने आने लगा है।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने 101 करोड़ रुपए की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

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