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Lucknow News: पुराने लखनऊ की सड़कों पर ई रिक्शों का कब्जा, आवागमन मुश्किल

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Amar Ujala के अनुसार1 सितंबर 2026 को 11:31 pm बजे
Lucknow News: पुराने लखनऊ की सड़कों पर ई रिक्शों का कब्जा, आवागमन मुश्किल

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Lucknow News: पुराने लखनऊ की सड़कों पर ई रिक्शों का कब्जा, आवागमन मुश्किल

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लखनऊ। पुराने लखनऊ में ई रिक्शों की बढ़ती संख्या से भीषण जाम की समस्या गंभीर हो गई है। शहर के चरक चौराहा, मेडिकल कॉलेज चौराहा और नादान महल तिराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर हर समय जाम लगा रहता है। इन क्षेत्रों में पुलिस थाने और चौकियां होने के बावजूद ई रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगाम नहीं लग पा रही है।

मेडिकल कॉलेज पुराने लखनऊ का संवेदनशील क्षेत्र है। यहां लखनऊ ही नहीं, आसपास के जनपदों से भी गंभीर मरीज आते हैं। इसके बावजूद ई रिक्शा चालक मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के सामने ही अपने रिक्शे खड़े कर देते हैं। इससे एंबुलेंस और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है। मुख्य गेट के पास अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है।

चरक चौराहा : फ्लाईओवर के नीचे अवैध स्टैंड

चरक चौराहे से कुछ दूरी पर चौक थाना और एक पुलिस चौकी भी है। फिर भी फ्लाईओवर के नीचे ई रिक्शों का अवैध स्टैंड चलता है। अगर आपको पाटानाला की ओर से मेडिकल कॉलेज जाना हो तो आप 15 मिनट चरक चौराहे पर ही फंस जाएंगे। जाम बेकाबू होने पर पुलिस थोड़ी देर के लिए कार्रवाई करती है, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो जाती है।

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नक्खास : 500 मीटर दूरी तय होती है 20 मिनट में

नक्खास के चिड़िया बाजार से टूड़ियागंज जाने वाले मार्ग पर नादान महल तिराहे पर भी जाम लगना तय है। रविवार को यहां जाम की स्थिति और भी खराब हो जाती है। चिड़िया बाजार से नादान महल तिराहे तक की 500 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को 20 मिनट लग जाते हैं। इस तिराहे के आसपास भी पुलिस चौकियां हैं। मगर जाम से कोई राहत नहीं मिलती। तिराहे के पास फल और सब्जी के ठेले सड़क का बड़ा हिस्सा घेर लेते हैं।

Iट्रैफिक और सिविल पुलिस ई रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगातार कार्रवाई कर रही है। ऑपरेशन सेफ राइड के तहत चालकों के सत्यापन किया जा रहा है। अवैध स्टैंड को लेकर भी जांच जारी है।I

I-राघवेंद्र सिंह, एडीसीपी ट्रैफिकI

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मेडिकल कॉलेज पुराने लखनऊ का संवेदनशील क्षेत्र है। यहां लखनऊ ही नहीं, आसपास के जनपदों से भी गंभीर मरीज आते हैं। इसके बावजूद ई रिक्शा चालक मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के सामने ही अपने रिक्शे खड़े कर देते हैं। इससे एंबुलेंस और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है। मुख्य गेट के पास अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है।

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चरक चौराहा : फ्लाईओवर के नीचे अवैध स्टैंड

चरक चौराहे से कुछ दूरी पर चौक थाना और एक पुलिस चौकी भी है। फिर भी फ्लाईओवर के नीचे ई रिक्शों का अवैध स्टैंड चलता है। अगर आपको पाटानाला की ओर से मेडिकल कॉलेज जाना हो तो आप 15 मिनट चरक चौराहे पर ही फंस जाएंगे। जाम बेकाबू होने पर पुलिस थोड़ी देर के लिए कार्रवाई करती है, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो जाती है।

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नक्खास : 500 मीटर दूरी तय होती है 20 मिनट में

नक्खास के चिड़िया बाजार से टूड़ियागंज जाने वाले मार्ग पर नादान महल तिराहे पर भी जाम लगना तय है। रविवार को यहां जाम की स्थिति और भी खराब हो जाती है। चिड़िया बाजार से नादान महल तिराहे तक की 500 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को 20 मिनट लग जाते हैं। इस तिराहे के आसपास भी पुलिस चौकियां हैं। मगर जाम से कोई राहत नहीं मिलती। तिराहे के पास फल और सब्जी के ठेले सड़क का बड़ा हिस्सा घेर लेते हैं।

Iट्रैफिक और सिविल पुलिस ई रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगातार कार्रवाई कर रही है। ऑपरेशन सेफ राइड के तहत चालकों के सत्यापन किया जा रहा है। अवैध स्टैंड को लेकर भी जांच जारी है।I

I-राघवेंद्र सिंह, एडीसीपी ट्रैफिकI

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