ड्राइवर ही निकला कातिल, किडनैप कर मारी गोली... लखनऊ में हिंदुत्ववादी नेता हत्याकांड में बड़ा खुलासा
लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हिंदुत्ववादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में उनके ड्राइवर रवि की भूमिका सामने आई है.…

सौजन्य से:- AajTak
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लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हिंदुत्ववादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में उनके ड्राइवर रवि की भूमिका सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र को दो गोलियां मारी गई थीं. इनमें एक गोली सिर और दूसरी पेट में लगी थी. वारदात के बाद आरोपी ने हत्या की जानकारी छिपाने के लिए पूरी कहानी गढ़ी.
बताया जा रहा है कि ड्राइवर रवि दिनभर धीरेंद्र के परिवार को गुमराह करता रहा. वह कहता रहा कि धीरेंद्र प्रताप सिंह अपने दोस्तों के साथ प्लासियो मॉल गए हैं. आरोपी के मुताबिक, धीरेंद्र ने उससे कहा था कि उन्हें लौटने में समय लगेगा और घर पर इस बारे में नहीं बताना है.
यह भी पढ़ें: लखनऊ में हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या, फॉर्च्यूनर से शव नहर में फेंका
रवि ने सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पुलिस को भी यही कहानी बताई. उसने कहा कि धीरेंद्र प्लासियो मॉल से अपने दोस्तों के साथ कहीं गए थे और उसके बाद वापस नहीं लौटे. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताए गए समय और जगह की जांच शुरू की.
सीसीटीवी ने खोली झूठी कहानी की पोल
पुलिस ने आरोपी रवि द्वारा बताए गए समय के आधार पर प्लासियो मॉल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला. जांच के दौरान पुलिस को न तो धीरेंद्र प्रताप सिंह के मॉल में आने का कोई फुटेज मिला और न ही उनकी गाड़ी के वहां पहुंचने की तस्वीर सामने आई.
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मॉल के सीसीटीवी में धीरेंद्र या उनकी गाड़ी की मौजूदगी नहीं मिलने से पुलिस का शक गहराने लगा. रवि की बताई कहानी और जांच में सामने आ रही जानकारी के बीच अंतर मिलने के बाद पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू की.
इसी पूछताछ में पुलिस को मामले की दिशा बदलने वाली जानकारी मिली. रवि के जवाबों में विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस ने उससे लगातार पूछताछ की. आखिरकार आरोपी ड्राइवर ने पूरी घटना कबूल कर ली.
ट्रेन में रखा मोबाइल, बदलती रही लोकेशन
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी रवि ने धीरेंद्र प्रताप सिंह का मोबाइल ट्रेन में रख दिया था. इसका मकसद पुलिस को गुमराह करना और धीरेंद्र की वास्तविक लोकेशन छिपाना था. मोबाइल ट्रेन के साथ आगे बढ़ता रहा, जिससे उसकी लोकेशन भी लगातार बदलती रही.
जांच एजेंसियों को शुरुआती तौर पर मोबाइल की लोकेशन से जो जानकारी मिल रही थी, उससे भी भ्रम की स्थिति बनी रही. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और रवि के बयानों में मेल नहीं होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जानकारी के साथ उसके दावों की पड़ताल की.
पूछताछ में सामने आया कि रवि ने अपने दो दोस्तों को बुलाकर धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या की थी. धीरेंद्र को दो गोलियां मारी गईं, जिनमें एक सिर और दूसरी पेट में लगी. इसके बाद हत्या को छिपाने और जांच को भटकाने के लिए मोबाइल को ट्रेन में रख दिया गया.
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ऐसे खुला हत्या की साजिश का राज
पुलिस को रवि की कहानी पर तब शक हुआ, जब उसके बताए समय पर प्लासियो मॉल में धीरेंद्र या उनकी गाड़ी की कोई मौजूदगी नहीं मिली. इसके बाद पूछताछ का सिलसिला तेज किया गया. पुलिस के दबाव में रवि ने कथित तौर पर हत्या की पूरी घटना का खुलासा कर दिया.
इस मामले में अब पुलिस रवि के साथ शामिल उसके दोनों साथियों की भूमिका और हत्या के पीछे की पूरी वजह की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात की साजिश कब और कैसे तैयार की गई थी.
धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के बाद पुलिस पहले से ही मामले की जांच में जुटी थी. अब ड्राइवर रवि के कथित कबूलनामे के बाद जांच को अहम सुराग मिला है. पुलिस हत्या में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
पत्नी ने लगए थे किडनैपिंग का आरोप
बता दें कि लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हिंदुत्ववादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की बॉडी दुबग्गा के पास नहर से बरामद की गई थी. पुलिस के मुताबिक, उन्हें गोली मारी गई थी और हत्या के बाद शव नहर में फेंक दिया गया. धीरेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ के पीजीआई इलाके में रह रहे थे और मूल रूप से उन्नाव के निवासी थे.
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मामले में धीरेंद्र की पत्नी ममता सिंह ने पुलिस को तहरीर दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति का ड्राइवर उन्हें अगवा करके ले गया है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और मामले की छानबीन शुरू की. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को धीरेंद्र की हत्या से जुड़े अहम सुराग मिले.
पुलिस ने तलाश के दौरान नहर से धीरेंद्र प्रताप सिंह की बॉडी रिकवर कर ली. उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी भी बरामद की गई है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई गई थी कि हत्या के बाद शव को गाड़ी के जरिए नहर तक ले जाकर फेंका गया.
ड्राइवर ने साथियों संग दिया वारदात को अंजाम
डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि जांच में सामने आया है कि धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या उनके ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर की. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया और इसके बाद शव को नहर में फेंक दिया.
पुलिस जांच में हत्या की वजह उन्नाव में चल रहा जमीन का विवाद सामने आया है. बताया जा रहा है कि इसी विवाद को लेकर धीरेंद्र प्रताप की हत्या की साजिश रची गई. हालांकि, पुलिस पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
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इस मामले में आरोपी ड्राइवर समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे. पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
6 पुलिस टीमें कर रहीं आरोपियों की तलाश
डीसीपी साउथ ने बताया कि घटना के पूरी तरह खुलासे के लिए छह पुलिस टीमों का गठन किया गया है. ये टीमें मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस ने कहा है कि वारदात में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के अलावा अन्य संदिग्धों की जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
डीसीपी मोहम्मद मुस्ताक ने कहा कि मामले में जो भी लोग शामिल हैं, उनकी गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस की छह टीमें आरोपियों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं. नहर से शव और फॉर्च्यूनर बरामद होने के बाद जांच को अहम दिशा मिली है.
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जमीनी विवाद में हत्या की बात
जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर बबलू कुमार ने बताया कि आज थाना सुशांत गोल्फ सिटी पर उन्नाव के धीरेंद्र सिंह के अपहरण की सूचना प्राप्त हुई. घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की गई. डीसीपी साउथ द्वारा अपहृत की बरामदगी के लिए 6 टीमों का गठन किया गया था. उन्होंने बताया कि इस मामले में डीसीपी साउथ की टीम ने घटना का अनावरण कर दिया है. घटना में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर शव बरामद किया गया है.
शुरुआती पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने जमीनी विवाद में हत्या की बात कबूल की है. इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भी जानकारी मिली है, जिनकी गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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