होम›क्राइम›लखनऊ बाढ़ः अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाके पर मंडराया खतरा, बांध में दिखीं दरारें
क्राइम

लखनऊ बाढ़ः अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाके पर मंडराया खतरा, बांध में दिखीं दरारें

लखनऊ बाढ़ः अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाके पर मंडराया खतरा, बांध में दिखीं दरारें राजधानी लखनऊ में गोमती की बाढ़ का खतरा अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाकों पर मंडरा रहा है। एक तरफ लगातार पानी बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ यह…

Hindustan के अनुसार9 अक्टूबर 2026 को 02:04 am बजे
लखनऊ बाढ़ः अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाके पर मंडराया खतरा, बांध में दिखीं दरारें

सौजन्य से:- Hindustan

लखनऊ बाढ़ः अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाके पर मंडराया खतरा, बांध में दिखीं दरारें

राजधानी लखनऊ में गोमती की बाढ़ का खतरा अब पुलिस मुख्यालय के पास के इलाकों पर मंडरा रहा है। एक तरफ लगातार पानी बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ यहां बने बंधे में दरारें नजर आ रही हैं।

लखनऊ में दस दिनों बाद भी गोमती की बाढ़ से राहत नहीं है। हजारों लोग घर छोड़कर शिविरों और होटलों में रह रहे हैं। अधिकारियों की सभी कोशिशें फेल दिख रही हैं। इस बीच गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-7 में पुलिस मुख्यालय के सामने नए बने बंधे की मिट्टी धंसने से बड़ी-बड़ी दरारें नजर आ रही हैं। इससे इस इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ओरेंज अपार्टमेंट के सामने बंधे के एक हिस्से की मिट्टी गोमती नदी की ओर धंस गई है। बंधे पर बनी दरारें अब छोटी नहीं रह गई हैं। जी-20 रोड की तरफ से देखने पर बंधे की स्थिति साफ नजर आती है।

हिन्दुस्तान ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर बंधे की स्थिति देखी। बंधे के जिस हिस्से में मिट्टी धंसी है, वहां जमीन का हिस्सा असामान्य रूप से बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। आसपास बड़ी दरारें भी नजर आ रही हैं। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि यदि गोमती का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और मिट्टी का कटाव जारी रहा तो बंधे का यह हिस्सा और कमजोर हो सकता है।

निचले हिस्से में है इलाका, कई इमारतों पर संकट

गोमती नगर विस्तार का यह इलाका बंधे के दूसरी तरफ अपेक्षाकृत निचले क्षेत्र में बसा है। यदि बंधे का कमजोर हिस्सा टूटता है तो पानी आबादी तक पहुंच सकता है। पुलिस मुख्यालय के पास का इलाका प्रभावित होगा। सरकारी विभागों, अस्पतालों, सुशांत गोल्फ सिटी और सुल्तानपुर रोड की तरफ भी असर पहुंच सकता है। गोमती का जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है। ऐसे में बंधे की मिट्टी का धंसना चिंता का विषय बन गया है। नदी की तरफ से लगातार दबाव पड़ने और मिट्टी खिसकने की स्थिति बनी रही तो दरारें और चौड़ी हो सकती हैं।

फिर टूटा नाला और भर गया इकाना-पलासियो क्षेत्र

इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास जलभराव से निपटने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की रातभर की मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह फिर संकट खड़ा हो गया। पानी निकालने के लिए जिस स्थान पर नाला बंद कराया गया था, वह सुबह करीब आठ बजे दोबारा टूट गया। इसके बाद इकाना स्टेडियम, पलासियो मॉल, आपदा प्रबंधन विभाग, मर्क्योर होटल, टेंडर पाम हॉस्पिटल समेत आसपास के इलाकों में कम हुआ पानी वापस भरने लगा।

नाला टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। एलडीए का यहां बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी पानी में डूब गया। प्लांट तक पहुंचने का रास्ता भी पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क और अंडरपास पानी से लबालब होने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया। दोपहर में अत्यधिक जलभराव के चलते इस मार्ग पर यातायात भी रोकना पड़ा।

फिर मिट्टी-बोल्डर डालकर रोका पानी

हालात बिगड़ने पर एलडीए की टीम ने दोबारा मोर्चा संभाला। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह खुद मौके पर पहुंचे। सचिव पूरे दिन वहीं रहकर निगरानी करते रहे। नाले के टूटे हिस्से को मिट्टी और बोल्डर डालकर बंद किया गया। पानी को आगे फैलने से रोकने के बाद निकासी का अभियान तेज किया गया। एलडीए ने पानी निकालने के लिए 26 पंप लगाए। इसके बाद जलभराव वाले इलाकों से पानी तेजी से निकलना शुरू हुआ।

शाम तक कम होने लगा जलस्तर, यातायात भी बहाल: लगातार पंप चलने और नाले को मजबूत तरीके से बंद करने के बाद गुरुवार शाम तक इकाना, पलासियो मॉल और आसपास के ज्यादातर क्षेत्रों से पानी निकल गया। जलभराव कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। दोपहर में रोका गया यातायात भी बाद में बहाल कर दिया गया और लोगों का आवागमन शुरू हो गया। एलडीए की टीम देर शाम तक मौके पर बनी रही और जलनिकासी की स्थिति पर नजर रखी।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें