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लखनऊ हत्याकांड: मानस के दो बैंक खातों का मांगा ब्योरा, हथियारों के स्रोत और मददगारों तक पहुंचने की कोशिश - lucknow double murder manas bank accounts weapon source probed

लखनऊ हत्याकांड: मानस के दो बैंक खातों का मांगा ब्योरा, हथियारों के स्रोत और मददगारों तक पहुंचने की कोशिश पुलिस गोमतीनगर दोहरे हत्याकांड में मानस के बैंक खातों, हथियारों के स्रोत और कानूनी विवादों की जांच कर रही है। हत्या…

Jagran के अनुसार26 अगस्त 2026 को 01:56 am बजे
लखनऊ हत्याकांड: मानस के दो बैंक खातों का मांगा ब्योरा, हथियारों के स्रोत और मददगारों तक पहुंचने की कोशिश
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सौजन्य से:- Jagran

लखनऊ हत्याकांड: मानस के दो बैंक खातों का मांगा ब्योरा, हथियारों के स्रोत और मददगारों तक पहुंचने की कोशिश

पुलिस गोमतीनगर दोहरे हत्याकांड में मानस के बैंक खातों, हथियारों के स्रोत और कानूनी विवादों की जांच कर रही है। हत्याकांड से पहले मानस के संपर्क में रहे लोगों और उसकी गतिविधियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। गोमतीनगर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या की जांच अब मानस के बैंक खातों और उसके कानूनी विवाद से जुड़े लोगों पर केंद्रित हो गई है। पुलिस ने मानस के दो बैंक खातों का ब्योरा मांगा है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि खातों के लेनदेन से यह पता चल सकता है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और घटना से पहले किसी संदिग्ध व्यक्ति से उसका आर्थिक लेनदेन तो नहीं हुआ। इसके साथ ही पुलिस मानस का केस लड़ रहे अधिवक्ता से भी संपर्क करने की कोशिश कर रही है, ताकि तलाक के मुकदमे की सुनवाई और हाल के घटनाक्रम की जानकारी मिल सके।

मामले में सबसे बड़ा सवाल हथियारों को लेकर बना हुआ है। मानस के पास दो पिस्टल और एक देसी तमंचा होने की बात सामने आई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से आए और किस हथियार का इस्तेमाल किस वारदात में हुआ। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या मानस अकेले ही हथियारों की व्यवस्था कर सकता था अथवा किसी व्यक्ति ने उसकी मदद की थी। मामले में एक और महत्वपूर्ण बिंदु बैंक और घर के बीच मानस की गतिविधियां हैं।

बैंक से घर की दूरी करीब 10 से 15 मिनट बताई गई है, जबकि दिव्या की हत्या के बाद मानस के घर पहुंचने के बीच करीब 35 से 45 मिनट का अंतर जांच का विषय है। पुलिस इस दौरान उसकी लोकेशन, फोन गतिविधियों और रास्ते में संभावित ठहराव की जानकारी जुटा रही है। साथ ही मानस के अंतिम स्टेटस में ‘चीट’ शब्द लिखे जाने को भी पुलिस ने जांच के दायरे में रखा है।

तलाक का मुकदमा पहले से चल रहा था। इसलिए पुलिस यह भी देख रही है कि स्टेटस में लिखे शब्द किसी वास्तविक विवाद से जुड़े थे या किसी को भ्रमित करने की कोशिश। पुलिस यह भी पता कर रही है कि घटना से पहले मानस किन लोगों के संपर्क में था। क्या किसी ने उसे हथियार उपलब्ध कराए, घटना के लिए उकसाया या उसकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाया।

इन पहलुओं पर भी जांच हो रही है। घर में किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी, प्रवेश और निकास के अन्य रास्ते तथा घटना के बाद की गतिविधियां भी जांच का हिस्सा हैं। इस मामले में इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि घटना से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ होगी। साथ ही अन्य बिंदु पर जांच की जा रही है।

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यह था पूरा मामला

गोमतीनगर के मिठाईवाले चौराहे के पास गुरुवार को मानस ने पत्नी दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद घर पहुंचकर बहन तूलिका की हत्या करने के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली थी। अब पुलिस बैंक खातों, फोन गतिविधियों, हथियारों के स्रोत और कानूनी विवाद से जुड़े घटनाक्रम को जोड़कर मामले की कड़ियां तलाश रही है। पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि तीन हथियार मानस तक कैसे पहुंचे और घटना से पहले उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।

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