सावधान! कानपुर में भिखारियों का बड़ा नेटवर्क, समाज कल्याण विभाग के सर्वे में खुलासा
सावधान! कानपुर में भिखारियों का बड़ा नेटवर्क, समाज कल्याण विभाग के सर्वे में खुलासा कानपुर के चौराहों पर 1097 भिखारी सक्रिय, बच्चे भी शामिल By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 2, 2026 at 9:04 AM IST कानपु…

सौजन्य से:- ETV Bharat
सावधान! कानपुर में भिखारियों का बड़ा नेटवर्क, समाज कल्याण विभाग के सर्वे में खुलासा
कानपुर के चौराहों पर 1097 भिखारी सक्रिय, बच्चे भी शामिल
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 2, 2026 at 9:04 AM IST
कानपुर: अगर आप कानपुर में रहते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. खासकर ऐसे लोग जो शहर के भिखारियों को लेकर पूरी तरह से बेफिक्र रहते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि कानपुर में एक दो, पांच या 10 नहीं बल्कि 1000 से अधिक भिखारी सक्रिय हैं. इस्माइल योजना के तहत हुए एक सर्वे में ये खुलासा हुआ है.
कानपुर के चौराहों का कड़वा सच: इस्माइल योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से सर्वे का काम सौंपा गया था. उम्मीद संस्था की ओर से जनवरी 2026 से शुरू किए गए सर्वे के बाद जुलाई में ये आंकड़े सामने आए हैं. रोचक बात ये भी है कि कुल 1097 की संख्या में जहां 494 मेल यानी पुरुष, 368 फीमेल्स यानी महिलाएं और 235 बच्चे भिखारी शामिल हैं.
जब सर्वे के दौरान इनसे बात की गई तो अधिकतर का कहना था वह कुछ माह के लिए कानपुर आते हैं. ज्यादातर मध्यप्रदेश के रीवा से हैं. वहां पर कुछ माह खेती करते हैं. जब खेती का काम नहीं होता तो वह कानपुर आ जाते हैं. कानपुर बड़ा शहर है. यहां अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों में ये सक्रिय रहते हैं और दिनभर लोगों से भीख मांगते हैं.- डॉ.रैना शर्मा, यूपी प्रभारी, उम्मीद संस्था
अलर्ट मोड में प्रशासन: उम्मीद संस्था की ओर से इस सर्वे की जानकारी डीपीओ और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को दे दी गई है. एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट के जिम्मेदारों को भी रिपोर्ट दी गई है. उनसे कहा गया है कि शहर के ऐसे हॉटस्पॉट चिह्नित करें जहां ये बच्चे, महिलाएं और पुरुष घूमते रहते हैं. साथ ही इनका रेस्क्यू करने का भी उल्लेख है. इन सभी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने प्रस्तुत किया जाए, जिससे इनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो सके, भले ही वह चेतावनी हो.
डॉ.रैना ने बताया कि प्रदेश में उम्मीद संस्था द्वारा पिछले 23 सालों से लगातार समाज से जुड़े कार्यों को किया जा रहा है. इसका मकसद है, समाज में जो कुरीतियां हैं उन्हें किसी तरह दूर करें. यूपी के कई शहरों में भिखारीमुक्त शहर बनाने के लिए भी कवायद जारी है. कानपुर में भी जल्द सुधार दिखेगा.
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