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कानपुर में KDA का बड़ा बुलडोजर एक्शन; सरकारी जमीन पर बना अवैध कब्रिस्तान ध्वस्त

कानपुर में KDA का बड़ा बुलडोजर एक्शन; सरकारी जमीन पर बना अवैध कब्रिस्तान ध्वस्त हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई, बाउंड्री वॉल और कमरों को ढहाया By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : September 19,…

ETV Bharat के अनुसार19 सितंबर 2026 को 12:04 pm बजे
कानपुर में KDA का बड़ा बुलडोजर एक्शन; सरकारी जमीन पर बना अवैध कब्रिस्तान ध्वस्त

सौजन्य से:- ETV Bharat

कानपुर में KDA का बड़ा बुलडोजर एक्शन; सरकारी जमीन पर बना अवैध कब्रिस्तान ध्वस्त

हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई, बाउंड्री वॉल और कमरों को ढहाया

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 19, 2026 at 3:37 PM IST

कानपुर: शहर के बर्रा-6 स्थित टेंपो स्टैंड के पास कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शनिवार तड़के 5 बजे ध्वस्तीकरण कार्रवाई करते हुए लगभग 500 वर्गमीटर सरकारी भूमि (आराजी संख्या 314) को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया. हाईकोर्ट से मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी की याचिका खारिज होने के बाद प्राधिकरण ने पुलिस-पीएसी और महिला पुलिस बल की तैनाती के बीच सरकारी जमीन पर बनी बाउंड्री वॉल और कमरों को ढहाकर जमीन अपने संरक्षण में ले ली.

केडीए के ओएसडी सत शुक्ला ने बताया कि यह भूमि सरकारी संपत्ति थी, जिस पर अवैध निर्माण कराया गया था. समिति को पक्ष रखने का पूरा अवसर देने के बाद ही विधिक आदेश पारित किया गया, जिसके खिलाफ दायर रिट याचिका को उच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दिया. पर्याप्त समय देने के बाद ही केवल सरकारी जमीन वाले हिस्से को ध्वस्त किया गया. प्राधिकरण ने कहा कि किसी भी कब्र को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है, बल्कि केवल पक्के निर्माण और मिट्टी के ऊपरी चबूतरों को हटाया गया है.

दूसरी ओर, मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी के सदस्य इमरान और मोहम्मद इकरम ने इस कार्रवाई को एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है. करीब 100 वर्षों से अधिक पुराने इस कब्रिस्तान में उनकी कई पीढ़ियों के लोग दफन हैं. समिति का दावा है कि उनके पास खतौनी व सभी कानूनी कागजात मौजूद हैं और आराजी संख्या 265 पर अदालत में दो मुकदमे लंबित थे.

कमेटी ने अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस के जवाब में सौंपे गए दस्तावेजों को अफसरों ने डस्टबिन में फेंक दिया. साथ ही 3 दिन का नोटिस देने के बावजूद 24 घंटे के भीतर सुबह बुलडोजर चला दिया. समिति ने इस मामले में कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है.

यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 26(क)(4) के तहत अंजाम दी गई. ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा. इसके लिए केडीए सचिव की ओर से 14 अगस्त 2026 को ही अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था को पत्र भेजकर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था.

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