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Kanpur News: कानपुर की महापौर बोलीं-सड़कें खराब तो सांसद-विधायक क्या फोटो खिंचाने के लिए हैं?

Kanpur News: कानपुर की महापौर बोलीं-सड़कें खराब तो सांसद-विधायक क्या फोटो खिंचाने के लिए हैं? Kanpur News: कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने खराब सड़कों को लेकर जनप्रतिनिधियों पर जिम्मेदारी डालते हुए कहा कि क्या वे सिर्…

Hindustan के अनुसार22 सितंबर 2026 को 08:04 am बजे
Kanpur News: कानपुर की महापौर बोलीं-सड़कें खराब तो सांसद-विधायक क्या फोटो खिंचाने के लिए हैं?

सौजन्य से:- Hindustan

Kanpur News: कानपुर की महापौर बोलीं-सड़कें खराब तो सांसद-विधायक क्या फोटो खिंचाने के लिए हैं?

Kanpur News: कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने खराब सड़कों को लेकर जनप्रतिनिधियों पर जिम्मेदारी डालते हुए कहा कि क्या वे सिर्फ ज्ञापन और फोटो खिंचवाने के लिए हैं। उन्होंने अधिकारियों की क्लास लेते हुए सड़कों के सुधार करने के लिए सख्त निर्देश दिए।

Kanpur News: - प्रमिला पांडेय ने खराब सड़कों को लेकर शहर की फजीहत पर जनप्रतिनिधियों पर फोड़ा ठीकरा - कहा-क्या जनप्रतिनिधि ज्ञापन लेने के लिए हैं, शहर के प्रति उनकी भी जिम्मेदारी पर निभाई नहीं

खराब सड़कों पर महापौर का बयान

कानपुर। लंबे समय से सरकारी स्तर की बैठकों से दूर रहीं महापौर प्रमिला पांडेय ने सोमवार को न सिर्फ नगर निगम में बैठक की बल्कि मीडिया से भी रूबरू हुईं। मीडिया के सवालों पर उन्होंने शहर की सड़कें खराब होने और इसे लेकर हो रही फजीहत का सारा ठीकरा जनप्रतिनिधियों पर फोड़ दिया। बोलीं-‘शहर की सड़कें खराब थीं तो सांसद-विधायक क्या कर रहे थे? क्या वे सिर्फ ज्ञापन लेने, माला पहनने और फोटो खिंचाने के लिए हैं? मेरे पति की तबीयत खराब थी तो उनकी सेवा के लिए चार माह से अस्पताल में थी। जनप्रतिनिधियों का भी शहर के प्रति दायित्व है, सड़कें बनती हैं तो वो भी फोटो खिंचाते हैं। सवाल उनसे भी होना चाहिए कि इन परिस्थितियों में वो क्या कर रहे थे? क्या ये शहर सिर्फ मेरा है? उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं?’ पैचवर्क को लेकर उन्होंने अफसरों को भी घेरा। कहा झूठे आंकड़े पेश किए जा रहे हैं।

नगर निगम में बैठक

महापौर ने सोमवार को दोपहर बाद एक बजे नगर निगम मुख्यालय के समिति कक्ष में अफसरों की बैठक बुलाई थी। बैठक के पहले ही बता दिया था कि शहर की खराब सड़कों और सुधार के लिए किए गए कार्यों का ब्योरा पेश करें। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की मौजूदगी में उन्होंने इंजीनियरों की जमकर क्लास ली। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा-‘अप्रैल माह में मैंने सड़कों और नालियों को लेकर आखिरी बैठक की थी। तभी अफसरों को चेता दिया था और कड़े निर्देश दिए थे कि शहर की सड़कों पर जलभराव नहीं होना चाहिए। सड़कें दुरुस्त करा लें। मई से मेरे पति बीमार हो गए। आईसीयू में भर्ती रहे। मैं उनकी सेवा में लगी रही। खराब सड़कों पर मेरी फोटो लगाकर वायरल की गई। तमाम टिप्पणियां होती रहीं। सिर्फ मैं ही सभी का निशाना रही। शहर के बाकी जनप्रतिनिधि क्या कर रहे थे? उन्हें भी तो अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी’।

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