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कानपुर नगर निगम घोटाला: ब्लैक लिस्ट क्यों नहीं किया? एसआईटी की सात घंटे जांच, अभियंता बोले- फाइलों में कमियां

कानपुर नगर निगम घोटाला: ब्लैक लिस्ट क्यों नहीं किया? एसआईटी की सात घंटे जांच, अभियंता बोले- फाइलों में कमियां Kanpur News: कानपुर नगर निगम में टेंडर और फर्म रजिस्ट्रेशन घोटाले की जांच के लिए बारावफात की छुट्टी के दिन बुध…

Amar Ujala के अनुसार27 अगस्त 2026 को 04:23 am बजे
कानपुर नगर निगम घोटाला: ब्लैक लिस्ट क्यों नहीं किया? एसआईटी की सात घंटे जांच, अभियंता बोले- फाइलों में कमियां

सौजन्य से:- Amar Ujala

कानपुर नगर निगम घोटाला: ब्लैक लिस्ट क्यों नहीं किया? एसआईटी की सात घंटे जांच, अभियंता बोले- फाइलों में कमियां

Kanpur News: कानपुर नगर निगम में टेंडर और फर्म रजिस्ट्रेशन घोटाले की जांच के लिए बारावफात की छुट्टी के दिन बुधवार को एसआईटी की टीम ने सात घंटे तक मुख्यालय में डेरा डाला। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने अभियंत्रण विभाग की फाइलों को खंगाला।

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विस्तार

कानपुर में टेंडर और फर्म रजिस्ट्रेशन में घोटाले की जांच करने बुधवार को बारावफात की छुट्टी के दिन एसआईटी की टीम नगर निगम मुख्यालय में डटी रही। करीब सात घंटे तक अभियंत्रण विभाग के कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) अभिलेख खंगालती रही। एसआईटी प्रभारी एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने टेंडर प्रक्रिया, भुगतान, फर्म पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच की।

फाइलों में नंबरिंग न मिलने पर टीम ने मुख्य अभियंता से सवाल किया तो उन्होंने माना कि फाइलों में कमियां हैं। खास बात यह है कि इनमें से अधिकतर फाइलें ठेकेदारों के सिंडिकेट के सरगना मेसर्स कैला देवी कंस्ट्रक्शन के मालिक गोविंद शर्मा की हैं। भारी पुलिस फोर्स के साथ बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे एसआईटी टीम मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंची।

आरोपी ठेकेदारों और संबंधित फर्मों की फाइलें मंगवाईं

मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी से हॉट मिक्स प्लांट से संबंधित दस्तावेज और भुगतान से जुड़ी फाइलें मांगीं। टीम ने एफआईआर में आरोपी ठेकेदारों और संबंधित फर्मों के टेंडर की फाइलें भी मंगवाईं। इनमें गिरफ्तार किए जा चुके ठेकेदार संदीप जैन, रज्जन बाजपेई के साथ फरार चल रहे गोविंद शर्मा से जुड़ी फर्मों के दस्तावेज भी खंगाले।

टीम अपने साथ एक दर्जन से अधिक फाइलें ले गई

टीम ने इनकी फर्मों के पंजीकरण, टेंडर आवंटन, काम, भुगतान में हुई अनियमितताओं की पड़ताल की। टीम को किसी भी फाइल में नंबरिंग नहीं मिली। कर्मचारियों के अलावा एफआईआर कराने वाले अभियंताओं से घंटों पूछताछ भी की। जिन ठेकेदारों पर एफआईआर हुई है, उनसे जुड़े दस्तावेजों में टीम को कई अनियमितताएं मिली हैं। शाम साढ़े छह बजे टीम लौट गई। टीम अपने साथ फर्म पंजीकरण, भुगतान, टेडरिंग समेत एक दर्जन से अधिक फाइलें ले गई है।

पूछा- अनियमितता पर ब्लैक लिस्ट क्यों नहीं किया

जांच के दौरान अधिशासी अभियंता आरके सिंह, दिवाकर भास्कर और कमलेश पटेल से भी टीम ने टेंडर प्रक्रिया, हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े कार्यों व भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों से पूछा कि जब पहली बार अनियमितता की खबर मिली तो फिर ब्लैक लिस्ट करने या नोटिस देने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

डेरा जमाए रहे बागी भाजपा पार्षद

एसआईटी के नगर निगम पहुंचते की भनक लगते ही बागी पार्षद विकास जायसवाल, पवन गुप्ता, लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडेय भी आ गए। उन्होंने टीम से मिलने की कोशिश की लेकिन अधिकारियों ने अपनी जांच पर ही फोकस रखा। बागी पार्षद नगर निगम में बने केयर टेकर कार्यालय में घंटों डेरा जमाए रहे और टीम की जांच पूरी होने का इंतजार करते रहे।

एसआईटी में ये हैं शामिल

नगर निगम के भ्रष्टाचार की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इसमें एडीसीपी समेत एसीपी स्वरूपनगर ज्योति श्री, फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय व स्वरूपनगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह शामिल हैं।

वीडियो बनाया, बयान दर्ज किए

टीम ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले नगर निगम के अधिशासी अभियंताओं के बयान भी दर्ज किए। इसकी वीडियोग्राफी कराई और पूरी टेंडर, भुगतान व पंजीकरण प्रक्रिया भी समझी। टीम ने पेन ड्राइव में अभियंत्रण विभाग के कई दस्तावेज ले गई है। कई दस्तावेजों की फोटो भी खींची है।

इन पर दर्ज हुई है एफआईआर

- मेसर्स तिरुपति ट्रेडर्स- मालकिन प्रार्थना शर्मा

- मेसर्स पारसनाथ बिल्डर्स- मालिक संदीप जैन

- मेसर्स अजय इंटरप्राइजेज- मालिक अजय कुमार बाजपेई

- मेसर्स दिलीप बाजपेई- मालिक दिलीप बाजपेई

- मेसर्स कैला देवी कंस्ट्रक्शन- मालिक गोविंद शर्मा

टेंडर मामले में अभी तक पांच फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। टीम ने नगर निगम में दस्तावेजों की जांच की है। कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। अनियमितता किस स्तर तक हुई है, इसका अध्ययन किया जा रहा है। मामले में कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया, भुगतान, फर्म पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों का गहनता से परीक्षण किया जा रहा है। -डॉ. अर्चना सिंह, एडीसीपी, एसआईटी प्रभारी

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