कानपुर: छह साल से अक्तूबर में लगातार बारिश, आगे बढ़ रहा वर्षा चक्र, दो दिन और बारिश के आसार, शुरू होगी ठंड
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सौजन्य से:- Amar Ujala
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कानपुर: छह साल से अक्तूबर में लगातार बारिश, आगे बढ़ रहा वर्षा चक्र, दो दिन और बारिश के आसार, शुरू होगी ठंड
Thu, 08 Oct 2026 11:33 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:33 PM IST
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लगातार छह साल से अक्टूबर में बारिश हो रही है लेकिन 55 साल में 17 बार अक्टूबर में शून्य बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग का मानना है कि यह जलवायु परिवर्तन का प्रभाव है। वर्षा चक्र आगे की तरफ खिसक रहा है।
इस बार अक्टूबर में अभी तक 20.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 से अक्टूबर में लगातार बारिश हो रही है। वर्ष 2020 में अक्टूबर में शून्य बारिश रिकॉर्ड की गई थी। अक्टूबर के महीने में सबसे अधिक 367.4 मिमी बारिश वर्ष 1985 में हुई है।
मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। बारिश तो उतनी ही हो रही है लेकिन जलवायु परिवर्तन का असर मौसम चक्र पर पड़ा है। एक स्थान पर एक समय में इकट्ठी बारिश हो जाती है। पॉकेट रेन के मामले बढ़ गए हैं। इसके अलावा बारिश का समय आगे-पीछे हुआ है।
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न्यूनतम- 19.6 डिग्री सेल्सियस
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इस बार अक्टूबर में अभी तक 20.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 से अक्टूबर में लगातार बारिश हो रही है। वर्ष 2020 में अक्टूबर में शून्य बारिश रिकॉर्ड की गई थी। अक्टूबर के महीने में सबसे अधिक 367.4 मिमी बारिश वर्ष 1985 में हुई है।
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मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। बारिश तो उतनी ही हो रही है लेकिन जलवायु परिवर्तन का असर मौसम चक्र पर पड़ा है। एक स्थान पर एक समय में इकट्ठी बारिश हो जाती है। पॉकेट रेन के मामले बढ़ गए हैं। इसके अलावा बारिश का समय आगे-पीछे हुआ है।
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छह वर्षों में बारिश
वर्ष 2021: 144.8 मिमी
वर्ष 2022: 221.6 मिमी
वर्ष 2023:19.1 मिमी
वर्ष 2024:11.3 मिमी
वर्ष 2025:96.2 मिमी
वर्ष 2026 (अबतक):20.3 मिमी
वर्ष 2021: 144.8 मिमी
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वर्ष 2025:96.2 मिमी
वर्ष 2026 (अबतक):20.3 मिमी
दो दिन और बारिश के आसार, शुरू होगी ठंड
पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण दो दिन और बूंदाबांदी और हल्की बारिश के आसार हैं। पुरवा और पछुवा की टकराहट ने अगर जोर पकड़ा तो घने बादल बनेंगे और बारिश होगी। इसके साथ ही इसे ठंड की शुरुआत माना जा रहा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य औसत 33.6 से तीन डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 20.6 डिग्री से एक डिग्री कम हो गया।
सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ से 24 से 48 घंटों में कानपुर के तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे रात और सुबह के समय गुलाबी ठंड का अहसास बढ़ जाएगा। पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश तो नहीं होगी लेकिन यह कानपुर परिक्षेत्र में सर्दियों की शुरुआत के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर देगा।
पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण दो दिन और बूंदाबांदी और हल्की बारिश के आसार हैं। पुरवा और पछुवा की टकराहट ने अगर जोर पकड़ा तो घने बादल बनेंगे और बारिश होगी। इसके साथ ही इसे ठंड की शुरुआत माना जा रहा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य औसत 33.6 से तीन डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 20.6 डिग्री से एक डिग्री कम हो गया।
सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ से 24 से 48 घंटों में कानपुर के तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे रात और सुबह के समय गुलाबी ठंड का अहसास बढ़ जाएगा। पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश तो नहीं होगी लेकिन यह कानपुर परिक्षेत्र में सर्दियों की शुरुआत के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर देगा।
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