कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही पर हंगामा, मरीज की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन
कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही पर हंगामा, मरीज की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. वेंटिलेटर के नाम पर पैसे ऐंठने का आर…

सौजन्य से:- ETV Bharat
कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही पर हंगामा, मरीज की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन
कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. वेंटिलेटर के नाम पर पैसे ऐंठने का आरोप लगाया.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 15, 2026 at 10:45 PM IST
कानपुर: कानपुर के टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में एक बार फिर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं. जून महीने में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण महिला का हाथ काटे जाने और मुकदमा दर्ज होने के बाद, अब मंगलवार को एक बुजुर्ग मरीज की मौत पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया.
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को तीन दिनों तक जबरन वेंटिलेटर पर रखकर केवल पैसे ऐंठे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने उग्र परिजनों को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया.
31 अगस्त को न्यूरो संबंधी बीमारी के चलते कराया था भर्ती: बाबूपुरवा के ट्रांसपोर्ट नगर ढकना पुरवा निवासी 63 वर्षीय विजय न्यूरो संबंधी बीमारी से पीड़ित थे. उनके बेटे अजय ने पुलिस को बताया कि पिता के दाहिने हाथ-पैर ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने पिता को 31 अगस्त को कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. मंगलवार दोपहर डॉक्टरों ने अचानक उन्हें किसी दूसरे अस्पताल ले जाने को कह दिया. अजय का आरोप है कि अस्पताल ने उनके पिता को तीन दिन से वेंटिलेटर पर रखा हुआ था और जब वे उन्हें डिस्चार्ज कराकर लखनऊ ले जाने लगे, तब डॉक्टरों ने उन्हें मृत अवस्था में सौंपा.
रेलबाजार थाना पुलिस ने संभाली स्थिति: मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा. स्थिति बिगड़ती देख रेलबाजार थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. मामले की जानकारी देते हुए रेलबाजार थाना प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा.
अस्पताल प्रबंधन साधे रहा चुप्पी, पहले भी हो चुका है मुकदमा: परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. मामले में अस्पताल के निदेशक ऐश्वर्य गर्ग ने कहा कि वह अभी बाहर हैं और उनको मामले की कोई जानकारी नहीं है. वहीं अस्पताल प्रबंधन के लोग कुछ भी जानकारी देने से बचते नजर आए. कृष्णा हॉस्पिटल का विवादों से पुराना नाता रहा है. 13 मई 2026 में आईटीबीपी जवान विकास सिंह की 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत होने पर कानपुर के टाटा मिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप ता कि वहां गलत तरीके से कैनुला (वीगो) लगाने और इंजेक्शन के बाद हाथ में सूजन, दर्द और इंफेक्शन फैल गया.
17 मई 2026 को काटना पड़ा था हाथ: हालत बिगड़ने पर उन्हें पारस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी समय पर सर्जन की सलाह नहीं ली गई. इंफेक्शन पूरे शरीर में न फैले, इसलिए 17 मई 2026 को उनका दाहिना हाथ काटना पड़ा. उसके बाद सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी की जांच रिपोर्ट में इलाज में देरी और लापरवाही की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद पुलिस आयुक्त के आदेश पर रेलबाजार थाने में अस्पताल के डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज किया गया था.
यह भी पढ़ें- सपा सांसद प्रिया सरोज और क्रिकेटर रिंकू सिंह की शादी की डेट फाइनल, जानिए कब और कहां लेंगे सात फेरे
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

UP में पलटी मारेगा मौसम! लखनऊ समेत इन 20 जिलों में बारिश का अलर्ट

Varanasi News: शिवपुर में बस की टक्कर से ठेकेदार की मौत

कानपुर में दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटा गिरफ्तार, नौकर का दावा- शालू ने नहीं सुब्रत ने करवाई पिता की हत्या - kanpur vineet minocha murder case son subrat arrested confronted with shalu during probe


