'ये कितने बड़े डकैत...', JPNIC को लेकर CM योगी ने अखिलेश को दिया जवाब
'ये कितने बड़े डकैत...', JPNIC को लेकर CM योगी ने अखिलेश को दिया जवाब सीएम योगी ने लखनऊ के जेपीएनआईसी को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा जनता के पैसे से बनाए जेपीएनआईसी को सपा प्र…

सौजन्य से:- ABP News
'ये कितने बड़े डकैत...', JPNIC को लेकर CM योगी ने अखिलेश को दिया जवाब
सीएम योगी ने लखनऊ के जेपीएनआईसी को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा जनता के पैसे से बनाए जेपीएनआईसी को सपा प्राईवेट लिमिटेड की तरह चलाना चाहती थी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में समाजवादी पार्टी पर ज़ोरदार हमला किया. उन्होंने जेपीएनआईसी का जिक्र कर कहा कि अखिलेश यादव ने अपनी विचारधारा के मुखिया को भी नहीं छोड़ा. ये चाहते थे कि सरकार के पैसे से बने जेपीएनआईसी को इनकी प्राइवेट लिमिडेट कंपनी चलाएगी. उसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और इनके शागिर्द शामिल होगा.
सीएम योगी ने देवरिया में 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने सपा सरकार को याद करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि सपा सरकार में ना रोजगार था, ना गरीब के लिए आवास था. बिजली, सड़क सबकी हालत ख़राब थी, स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे. बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल जर्जर हालत में थे. जुलाई से नवंबर तक पूर्वांचल में भय और दहशत का माहौल रहता था.
सपा मुखिया अखिलेश यादव पर साधा निशाना
पिछली सरकारों के संवेदना मर चुकी थी. उस समय की सपा सरकार और कांग्रेस की मानसिकता बीमार थी. गरीब भूख से दम तोड़ता था और रास्ते में उनका राशन हड़प लिया जाता था. प्रदेश भर में माफिया की समांतर सत्ता चलाते थे लेकिन, आज यूपी नाम के अनुरूप बन चुका है. यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता. दुनिया यूपी के लोगों को सम्मान की नजर से देखती है.
सीएम योगी ने कहा कि अब माफिया मिट्टी में मिल गए. कारण है कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए दो ही जगह है या तो जेल है या तो जहन्नुम. अब वन डिस्ट्रिक वन माफिया नहीं, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है. डबल इंजन की सरकार में किसी का बच्चा सिर्फ उसी का बच्चा नहीं
हमारी भी जिम्मेदारी है.
आज गरीब को बिना मांगे राशन, बिजली, आवास, शौचालय और नौजवान को बिना कुछ कहे रोजगार मिल रहा है. अब यूपी पर कोई प्रश्न खड़ा नहीं कर सकता. अब यूपी में दंगा फ़साद नहीं हो सकता. सपा के लोग मंदिर की धनराशि को कब्रिस्तान के नाम कर बहा देते थे. सपा का मतलब है लूट खसोट है. सपा डकैतों का गिरोह है.
'12 बजे सोकर उठेंगे तो काम कैसे करेंगे?'
सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के काम के लिए समय निकालना पड़ता है. ये सपा के बबुआ 12 बजे सोकर जगेंगे, फिर इनके ट्यूटर इनको सिखाते हैं. लेकिन, इनके दिमाग में कुछ आता ही नहीं है. जो सोकर 12 बजे जगेगा उसका दिमाग तो भारी भरकम होगा. कोई पत्रकार कुछ सवाल कर दे तो हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं.
यूपी में H1N1 इन्फ्लुएंजा को लेकर अलर्ट, ब्रजेश पाठक ने की समीक्षा बैठक
उन्होंने तो अपनी विचारधारा के मुखिया को भी नहीं बख्शा. कितने बड़े डकैत है उसका उदाहरण लखनऊ का जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर है. इसकी प्रारंभिक लागत 200 करोड़ रुपये थी लेकिन सपा ने 864 करोड़ खर्च कर दिया और तब भी अधूरा है. तो, इनकी साजिश क्या थी? 200 करोड़ सैफई सिंडिकेट का पैसा नहीं है, जनता का पैसा है.
जेपीएनआईसी को लेकर अखिलेश को दिया जवाब
आज अगर उसपर सरकार पैसा लगाएगी तो कम से कम 150 से 200 करोड़ खर्च करना पड़ेगा. इनकी साजिश थी कि सरकार के खजाने से 900 से 1000 करोड़ खर्च करके एक सपा जैसी प्राइवेट लिमिडेट कंपनी बनाने की थी. जिसमें एक ही परिवार के सब लोग होंगे. सरकार के पैसे से बने जेपीएनआईसी को प्राइवेट लिमिडेट कंपनी चलाएगी. उसमें होटल, जिम और क्लब सब कुछ रहेगा और कमाई इनके घर में रहेगी. उसमें अखिलेश यादव हैं, डिंपल यादव हैं, धर्मेंद्र यादव और इनके शागिर्द हैं.
सीएम योगी ने कहा कि सपा के मुखिया ने खुद कहा कि हमारी पार्टी इसलिए बची है क्योंकि एक ही परिवार से 5 सासंद हैं हमने कहा घबराएं मत..अपना खैर मनाएं कि सपा बची हुई है. नहीं तो उनका वैसा हाल होने वाला है जैसे कभी जनता दल का हुआ था और वहीं हाल होकर रहेगा.
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

UP में पलटी मारेगा मौसम! लखनऊ समेत इन 20 जिलों में बारिश का अलर्ट

Varanasi News: शिवपुर में बस की टक्कर से ठेकेदार की मौत

कानपुर में दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटा गिरफ्तार, नौकर का दावा- शालू ने नहीं सुब्रत ने करवाई पिता की हत्या - kanpur vineet minocha murder case son subrat arrested confronted with shalu during probe


