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झांसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका; कौन हैं नीता यादव, रितिका तिवारी को दे दी मात

BJP Lost in Jhansi Nagar Nigam Election: झांसी नगर निगम की कार्यकारिणी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी मात झेलनी पड़ी है। भाजपा उम्मीदवार को स्वतंत्र प्रत्याशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। झांसी: उत्तर प्रदेश क…

Navbharat Times के अनुसार11 सितंबर 2026 को 06:04 am बजे
झांसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका; कौन हैं नीता यादव, रितिका तिवारी को दे दी मात

सौजन्य से:- Navbharat Times

BJP Lost in Jhansi Nagar Nigam Election: झांसी नगर निगम की कार्यकारिणी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी मात झेलनी पड़ी है। भाजपा उम्मीदवार को स्वतंत्र प्रत्याशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में भारतीय जनता पार्टी की रणनीति को बड़ा झटका लगने की बात सामने आई है। दरअसल, नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार को स्वतंत्र प्रत्याशी के हाथों हार झेलनी पड़ी। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के रणनीति पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी की बागी उम्मीदवार नीता यादव भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी रितिका तिवारी के सामने खड़ी हो गईं। नीता यादव ने विपक्षी पार्षदों को अपने पाले में लिया और भारतीय जनता पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार को तीन वोट के अंतर से मात दे दी। कार्यकारिणी चुनाव में नीता यादव को 9 और रितिक तिवारी को छह वोट मिले।

मान-मनौव्वल नहीं आई काम

झांसी नगर निगम कार्यकारिणी का चुनाव राजनीतिक अखाड़ा बना। गुरुवार को बगावत और क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा को मात झेलनी पड़ी। दरअसल, कार्यकारिणी सदस्य के लिए होने वाले चुनाव में अपना नाम न आने के बाद नीता यादव ने विरोध शुरू कर दिया था। उन्होंने विपक्षी पार्षदों को अपने पाले में किया। भाजपा के नाराज पार्षदों को क्रॉस वोटिंग के लिए राजी किया। जीत दर्ज करने में सफल रहीं। संगठन की पसंद रितिका तिवारी को चुनावी में करारी हार का सामना करना पड़ा। रितिका तिवारी की हार ने संगठन की खूब किरकिरी कराई है।

सामने आई नाराजगी

भाजपा की ओर से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से पार्षद नीता यादव और अरविंद खटीक की नाराजगी सामने आई। दोनों नामांकन पत्र ले लिया। इसके बाद नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान कांग्रेस पार्षद सुलेमान मंसूरी बागी अरविंद खटीक के प्रस्तावक बन गए। वहीं, नीता यादव की प्रस्तावक भाजपा की नाराज चल रही पार्षद ममता पाल बनीं। नीता ने सुबह 11:57 बजे पर्चा जमा किया। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजियों का दौर तेज होने लगी।

भाजपा में बगावत देख नीता खटीक के समर्थ में विपक्ष एकजुट हो गया। विपक्ष के 15 में से 14 पार्षद मौजूद थे। इनमें से चार वोट नीता के लिए तय किए गए। अरविंद खटीक भी नीता के पक्ष में आ गए। वहीं, वोटिंग के दौरान प्रत्याशी न बनाए जाने से नाराज पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। इससे नीता की जीत तय हो गई।

बसपा उम्मीदवार को सबसे अधिक वोट

झांसी नगर निगम कार्यकारणी चुनाव में बहुजन समाज पार्टी उम्मीदवार महेश गौतम को सबसे अधिक वोट मिला। वह तीसरी बार कार्यकारिणी का चुनाव लड़ रहे थे। साथ ही, भाजपा के रामजी यादव, सुनील नैनवानी, राखी परिहार और राजकुमारी वर्मा को भी जीत मिली। हालांकि, सबसे अधिक चर्चा रितिका तिवारी की हार की हुई।

यादव कार्ड की चर्चा

नगर निगम कार्यकारिणी में नीता यादव की जीत को लेकर कई प्रकार की राजनीतिक चर्चा हो रही है। दरअसल, इसे भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, नीता यादव के जरिए यादव चेहरे को जीत दिलाने के लिए पार्टी पार्षदों के वोट करने की बात कही जा रही है। रामजी यादव को पार्टी ने पहले से उम्मीदवार बनाया था। अब उनकी बहन नीता विकास यादव भी कार्यकारिणी सदस्य चुन ली गई हैं।

भाजपा की आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से इसे जोड़ा जा रहा है। दरअसल, पड़ोस के मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव के सत्ता में होने के कारण इन इलाकों में इस वर्ग को पार्टी के पाले में लाने की कोशिश हो रही है। रितिका तिवारी को उम्मीदवार बनाकर पीछे से नीता यादव को जीत दिलाने के पीछे की वजह को भी यही बताया जा रहा है।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

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पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत

राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा:

राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

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