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Instagram पर रील देखकर 55 हजार में खरीदी पिस्टल, यूपी के व्यापारी से एक साल किया था संपर्क, कार से पकड़े गए आरोपी

पुलिस के अनुसार दोनों युवकों ने उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी से करीब 55 हजार रुपये में हथियार और कारतूस खरीदे थे। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यूपी के हथियार सप्लायर की तलाश की जा रही है। एक र…

Navbharat Times के अनुसार30 अगस्त 2026 को 02:31 pm बजे
Instagram पर रील देखकर 55 हजार में खरीदी पिस्टल, यूपी के व्यापारी से एक साल किया था संपर्क, कार से पकड़े गए आरोपी

सौजन्य से:- Navbharat Times

पुलिस के अनुसार दोनों युवकों ने उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी से करीब 55 हजार रुपये में हथियार और कारतूस खरीदे थे। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यूपी के हथियार सप्लायर की तलाश की जा रही है।

एक रील से शुरू हुआ हथियारों का कनेक्शन

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर हथियारों से संबंधित एक रील देखी थी। इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए वे ऐसे लोगों के संपर्क में आए, जिन्होंने उन्हें उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी तक पहुंचाया।इसके बाद हथियार खरीदने का सौदा हुआ। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संपर्क केवल इन्हीं दो युवकों तक सीमित था या सोशल मीडिया के जरिए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

पोआमा में कार देखकर पुलिस को हुआ शक

पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि पोआमा पानी टंकी के पास सफेद रंग की कार में दो युवक बैठे हैं और उनके पास हथियार व कारतूस हैं। दोनों किसी गंभीर वारदात की तैयारी कर सकते हैं।सूचना मिलते ही देहात थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोका और उसमें बैठे दोनों युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान हथियार और कारतूस मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कार भी जब्त, हथियारों के परिवहन की आशंका

पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियारों के अलावा सफेद रंग की CG04-DY-4001 कार भी जब्त की है। पुलिस को आशंका है कि इसी वाहन का इस्तेमाल हथियारों के परिवहन में किया जा रहा था। जांच में अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हथियार कहां से लाए गए और इन्हें छिंदवाड़ा में किस उद्देश्य से रखा गया था।दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास पिता तिमाजी मर्सकोले (25) निवासी कुकड़ीखापा, थाना मोहखेड़, हाल गुलाबरा गली नंबर-15, थाना कोतवाली और मिथुन पिता रामाजी उइके (31) निवासी उसरिया, थाना देहात के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ पहले से देहात, कुण्डीपुरा, मोहखेड़ और कोतवाली थाना क्षेत्रों में अपराध दर्ज हैं। अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने के बाद पुलिस उनके पुराने मामलों और आपराधिक संपर्कों की भी जांच कर रही है। मामले में अपराध क्रमांक 500/26 के तहत बीएनएस की धारा 3(5) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

परासिया नाके पर निकाला जुलूस

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को परासिया नाके से जुलूस के रूप में निकाला। इस दौरान दोनों आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दिए। कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों में सख्त संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि जांच का सबसे अहम पहलू अब हथियारों के सप्लायर और उसके नेटवर्क तक पहुंचना है।- रील के जरिए संपर्क बढ़ने के बाद 55 हजार रुपये में हथियार खरीदने की बात पूछताछ में सामने आई।

- पुलिस ने दोनों आरोपियों से दो पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए।

- अब पुलिस उत्तर प्रदेश के हथियार सप्लायर और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

अब यूपी के व्यापारी की तलाश

पुलिस आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर उत्तर प्रदेश के उस व्यापारी की पहचान और ठिकानों की जानकारी जुटा रही है, जिससे हथियार खरीदने की बात सामने आई है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि 55 हजार रुपये का यह सौदा पहली बार हुआ था या दोनों आरोपी इससे पहले भी हथियार खरीद चुके हैं। पुलिस उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और सोशल मीडिया कनेक्शन को भी खंगाल रही है।'हाथी राजा कहां चले', बिटिया की तोतली जुबान सुन मुस्कुरा उठे कटनी कलेक्टर, बच्चों से राखी बंधवाने वाले IAS आशीष तिवारी कौन हैं?

क्या सोशल मीडिया बना अवैध हथियारों का रास्ता?

इस मामले ने सोशल मीडिया के जरिए अवैध हथियारों तक पहुंच की चिंता भी बढ़ा दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंस्टाग्राम रील देखने के बाद दोनों आरोपी किन लोगों के संपर्क में आए और क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं। अगर जांच में यूपी के हथियार सप्लायर तक पुलिस पहुंचती है तो छिंदवाड़ा में अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।चंबल के डकैतों से लेकर मेघालय के उग्रवादी भी खाते थे खौफ, UP के एटा में जन्में IPS अंशुमन यादव कौन? जिन्हें सीएम ने बनाया ADG इंटेलिजेंसएयर होस्टेस से डीएसपी बनी फरार नेहा पच्चीसिया पर 10 हजार का ईनाम घोषित, कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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