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आईआईटी कानपुर का एआई आधारित फैमिली स्कोर बताएगा, किस परिवार को सरकारी मदद की ज़रूरत

आईआईटी कानपुर का एआई आधारित फैमिली स्कोर बताएगा, किस परिवार को सरकारी मदद की ज़रूरत आईआईटी कानपुर की नई तकनीक से सरकारी रिकॉर्ड में मौज़ूद आंकड़ों की मदद से उन परिवारों की पहचान करने में सरकार की मदद होगी. By ETV Bharat…

ETV Bharat के अनुसार9 सितंबर 2026 को 04:31 am बजे
आईआईटी कानपुर का एआई आधारित फैमिली स्कोर बताएगा, किस परिवार को सरकारी मदद की ज़रूरत

सौजन्य से:- ETV Bharat

आईआईटी कानपुर का एआई आधारित फैमिली स्कोर बताएगा, किस परिवार को सरकारी मदद की ज़रूरत

आईआईटी कानपुर की नई तकनीक से सरकारी रिकॉर्ड में मौज़ूद आंकड़ों की मदद से उन परिवारों की पहचान करने में सरकार की मदद होगी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 9, 2026 at 9:41 AM IST

कानपुर: आईआईटी कानपुर ने एक ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित प्रणाली विकसित की है, जो सरकारी रिकॉर्ड में पहले से मौजूद आंकड़ों की मदद से उन परिवारों की पहचान करने में सरकार की मदद कर सकती है, जिन्हें कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सहायता की ज़रूरत हो सकती है.

आईआईटी कानपुर की ‘फैमिली स्कोर’ प्रणाली के ज़रिए परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किया जा सकता है. इसके लिए अलग से घर-घर जाकर सर्वे करने की ज़रूरत नहीं होती.

इससे बड़े स्तर पर ज़रूरतमंद परिवारों की पहचान कम समय और कम लागत में की जा सकती है. या ये भी कह सकते हैं, अब फैमिली स्कोर से ये जानकारी मिल जाएगी, कि किस परिवार को सरकारी मदद की ज़रूरत है?

आईआईटी कानपुर और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच हुए सहयोग के तहत चरण एक में यह जांच की गई कि क्या एआई की मदद से पारंपरिक घरेलू सर्वेक्षणों की जगह परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भरोसेमंद आकलन किया जा सकता है.

इसके शुरुआती नतीजों से पता चला है आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित एआई मॉडल का समूह (एसेम्बल मॉडल) पारंपरिक सर्वेक्षणों की तुलना में परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का पता लगाने में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. इसके लिए सरकार को बहुत कम अतिरिक्त समय, मेहनत और संसाधनों की जरूरत होगी.

सरकारी योजनाओं की चुनौतियों से पल भर में मदद मिल सकती: आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया, फैमिली स्कोर का उपयोग करके हम सरकारी योजनाओं के लिए जो चुनौतियां होती हैं, उन्हें हल करने में मदद ले सकते हैं. इनमें बड़े स्तर पर सही परिवारों की पहचान करना.

आमतौर पर ऐसे परिवारों की पहचान के लिए बड़े पैमाने पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने पड़ते हैं, जिसमें काफी समय, कर्मचारियों और संसाधनों की ज़रूरत होती है.

आईआईटी कानपुर के प्रतिनिधियों ने इन नतीजों को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वरिष्ठ सरकारी अफसरों के सामने प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश सरकार की टीम ने इस प्रणाली की क्षमताओं और ज़रूरतमंद परिवारों तक लक्षित सरकारी सहायता पहुंचाने की इसकी संभावनाओं की सराहना की.

आईआईटी कानपुर की टीम में प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, प्रो. नितिन सक्सेना, डीन, वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंस सिस्टम और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन मनीष श्रीवास्तव शामिल थे.

15 सरकारी डेटासेट का प्रयोग किया गया: डीन वाधवानी स्कूल आफ एआई एंड इंटेलीजेंस सिस्टम नितिन सक्सेना ने बताया, ‘फैमिली स्कोर’ प्रणाली सरकारी रिकॉर्ड में पहले से मौजूद आंकड़ों का इस्तेमाल करके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन करती है और उन्हें तय श्रेणियों में रखती है. इसके लिए करीब 15 सरकारी डेटासेट का इस्तेमाल किया गया है.

इन डेटासेट में परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े अलग-अलग संकेतक शामिल हैं. मॉडल को एक राज्यव्यापी सर्वेक्षण से तैयार किए गए सामाजिक और आर्थिक स्कोर के आधार पर प्रशिक्षित और जांचा गया है.

एक बार मॉडल तैयार हो जाने के बाद, उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में शामिल परिवारों के लिए बिना किसी नए सर्वेक्षण या अतिरिक्त जानकारी जुटाए फैमिली स्कोर तैयार किया जा सकता है.

फैमिली स्कोर एआई एवं उपलब्ध सरकारी आंकड़ों का इस्तेमाल करके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बेहतर निर्धारण करने और उन्हें उचित सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का एक प्रयास है.

आईआईटी कानपुर निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि "इसके प्रारम्भिक नतीजे उत्साहजनक हैं. साथ ही इंगित करते हैं कि यह तरीका महंगे और अधिक समय लेने वाले सर्वेक्षणों पर निर्भरता कम कर सकता है. आंध्र प्रदेश सरकार के साथ यह सहयोग पारदर्शी एवं भरोसेमंद तरीके से AI का प्रयोग नागरिकों के हित में होगा."

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