इलाहाबाद HC जांचेगा कि समय से क्यों नहीं करवाए जा सके पंचायत चुनाव, यूपी सरकार से तलब किया रिकॉर्ड
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया में हुई देरी पर यूपी सरकार से रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम दो साल पहले शुरू की जानी चाहिए।…

सौजन्य से:- Navbharat Times
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया में हुई देरी पर यूपी सरकार से रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम दो साल पहले शुरू की जानी चाहिए।
लखनऊ: पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम दो साल पहले शुरू की जानी चाहिए। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया में हुई देरी पर यह टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने पर ही संविधान के अनुच्छेद 243-ई में निर्धारित पांच वर्ष की अवधि के भीतर पंचायत चुनाव करवाना संभव हो सकेगा।
पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हुआ
न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने संजय कुमार शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव प्रक्रिया मई 2025 में शुरू की थी। इसके बावजूद अब तक पंचायत चुनाव नहीं हो सके हैं। पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से रिकॉर्ड तलब किया
पीठ ने राज्य सरकार से रिकॉर्ड तलब किए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौजूदा पंचायत चुनाव पांच वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले क्यों नहीं कराए जा सके। कोर्ट यह भी देखना चाहता है कि चुनाव कराने में देरी के पीछे राज्य सरकार के नियंत्रण से बाहर की कोई परिस्थिति थी या फिर सरकार ने समय पर चुनाव कराने के अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया। अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
'न्यायिक फैसलों को भी तवज्जो नहीं देती पुलिस'
वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक सुरक्षा उपायों की अनदेखी पर पुलिस के रवैये को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस अक्सर गिरफ्तारी के समय संविधान के अनुच्छेद 22 (1) के तहत मिले मौलिक अधिकारों की घोर उपेक्षा करती है और उन्हें लागू करने वाले न्यायिक फैसलों को भी महत्व नहीं देती है।
'पुलिस संदिग्धों को पहले से दोषी मान लेती है'
जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने एक व्यक्ति की गिरफ्तारी और रिमांड आदेश निरस्त करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी कई बार संदिग्धों को पहले से ही दोषी मान लेते हैं और गिरफ्तारी के वास्तविक आधार बताने की संवैधानिक बाध्यता का पालन नहीं करते। याचिकाकर्ता राकेश ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने पाया कि मामले में गिरफ्तारी ज्ञापन और सामान्य डायरी में केवल औपचारिक कारण दर्ज थे, जबकि वास्तविक आधार नहीं बताए गए।
लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

योगी का सपा पर हमला, कहा- सदन नहीं, जनता के हितों को किया बाधित - yogi adityanath slams sp for obstructing up budget discussion

आईजीआरएस निस्तारण में बाराबंकी पुलिस यूपी में नंबर-1: 21 थानों ने भी पहला स्थान, एसपी बोले- जनता का विश्वास मजबूत करना प्राथमिकता - Nawabganj News

यूपी चुनाव पर राहुल गांधी की बड़ी बैठक, बनाया ये खास मास्टर प्लान!


