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Gorakhpur News: भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना: भाव गिरने पर आलू किसानों को मिलेगा अनुदान

Gorakhpur News: भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना: भाव गिरने पर आलू किसानों को मिलेगा अनुदान Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। आलू की कीमतों में गिरावट से किसानों को राहत देने Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त प…

Hindustan के अनुसार3 सितंबर 2026 को 02:31 pm बजे
Gorakhpur News: भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना: भाव गिरने पर आलू किसानों को मिलेगा अनुदान

सौजन्य से:- Hindustan

Gorakhpur News: भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना: भाव गिरने पर आलू किसानों को मिलेगा अनुदान

Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। आलू की कीमतों में गिरावट से किसानों को राहत देने

Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। आलू की कीमतों में गिरावट से किसानों को राहत देने के लिए उद्यान विभाग ने वर्ष 2026-27 में भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू की है। योजना के तहत आलू की अधिकता के कारण बाजार भाव गिरने की स्थिति में पात्र किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान मिलेगा। गोरखपुर जनपद के सभी पात्र आलू उत्पादक किसान योजना का लाभ ले सकेंगे।

योजना के लाभ

योजना के तहत एक किसान के अधिकतम 2 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल पर प्रति हेक्टेयर अधिकतम 200 क्विंटल की दर से अनुदान देय होगा। रोपित क्षेत्रफल का निर्धारण अद्यतन खसरा-खतौनी के आधार पर किया जाएगा। किसान के पास किसान आईडी कार्ड होना और एग्री स्टैक पोर्टल पर आलू उत्पादक के रूप में पंजीकरण अनिवार्य है।

आवेदन प्रक्रिया

जिला उद्यान अधिकारी पारस नाथ ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना का उद्देश्य आलू किसानों को बाजार भाव में गिरावट की स्थिति में राहत देना है। जिले के पात्र किसान समय से विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक अभिलेख और गेट पास व फार्म-06 उपलब्ध कराना जरूरी है। किसानों के हित को देखते हुए विभाग स्तर से आवेदनों का सत्यापन कर पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान दिलाया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन करने के तरीके

ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। किसानों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक या चेकबुक तथा खसरा-खतौनी जरूरी होगी। अनुदान आधार सीडेड डीबीटी/आधार प्रमाणित बैंक खाते में भेजा जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद गेट पास और प्रपत्र-06 समेत अभिलेखों की प्रतियां जनपदीय उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होंगी।

अनुदान की गणना की प्रक्रिया

योजना का लाभ एफएक्यू गुणवत्ता के 30 से 80 एमएम आकार के बिक्री किए गए आलू पर मिलेगा। आलू खुदाई के दौरान 1 जनवरी से 15 अप्रैल और शीतगृहों से निकासी के दौरान 1 जुलाई से 31 अक्तूबर तक भाव गिरने की अवधि को योजना के लिए निर्धारित है। अनुदान न्यूनतम उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा न्यूनतम उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर में से जो कम होगा, उसके आधार पर निर्धारित किया जाएगा। विभाग ने किसानों से जल्द पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

मुख्य बातें

-जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय ने मांगा ऑनलाइन आवेदन-दो हेक्टेयर तक रोपित क्षेत्रफल पर मिलेगा योजना का लाभ-ऑनलाइन आवेदन के साथ गेट पास और फार्म-06 जरूरी-30 से 80 एमएम आकार के बिके आलू पर ही मिलेगा लाभ

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