Gorakhpur News: दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया 25 हजार का इनामी सिपाही
{"_id":"6a8e070442b4ebe1620d6911","slug":"gorakhpur-news-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1429451-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया 25 हजार…

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a8e070442b4ebe1620d6911","slug":"gorakhpur-news-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1429451-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया 25 हजार का इनामी सिपाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया 25 हजार का इनामी सिपाही
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- तीन बैंकों में फर्जी दस्तावेजों से 39.70 लाख का लिया था लोन, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भाग गया था विदेश
- पीएसी आजमगढ़ से शुरू की थी नौकरी, महराजगंज पुलिस लाइन में था तैनात
- लुकआउट नोटिस के चलते एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर गोरखपुर पुलिस को सौंपा गया
गोरखपुर। फर्जी दस्तावेजों के सहारे तीन बैंक शाखाओं से करीब 39.70 लाख रुपये का लोन लेकर विदेश भागे 25 हजार रुपये के इनामी सिपाही नीतीश कुमार यादव को दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया।
कैंट पुलिस की ओर से जारी लुकआउट नोटिस के चलते एयरपोर्ट सुरक्षा टीम ने उसे हिरासत में लेकर गोरखपुर पुलिस को सूचना दी। कैंट पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लेकर आई। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मूलरूप से देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र के जोगउर गांव निवासी नीतीश कुमार यादव वर्ष 2019 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। उसकी पहली तैनाती 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़ में हुई थी। वर्ष 2023 में शस्त्र पुलिस में स्थानांतरण के बाद उसे महराजगंज पुलिस लाइन में तैनाती मिली। इसी दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया और विदेश चला गया था।
विज्ञापन
-- -
पुलिस-बैंक के एमओयू का उठाया फायदा
कैंट पुलिस के अनुसार, नीतीश ने उत्तर प्रदेश पुलिस और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच हुए एमओयू का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उसने फर्जी पुलिस पहचान पत्र, वेतन पर्ची, फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और कर्मचारी सत्यापन रिपोर्ट तैयार कराई। इसके बाद शातिर बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों आदि के नाम पर बचत खाते खुलवाकर व्यक्तिगत लोन हासिल किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की मेडिकल कॉलेज रोड शाखा से पांच लाख, गोलघर मुख्य शाखा से 23 लाख और बेतियाहाता शाखा से 11.70 लाख रुपये का लोन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया गया। तीनों शाखाओं से लिए गए ऋण की कुल रकम करीब 39.70 लाख रुपये है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
--
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद घोषित हुआ था इनाम
बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रमुख आशीष सिंह की तहरीर पर नीतीश यादव के खिलाफ पहले महराजगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मामला गोरखपुर से संबंधित होने के कारण बाद में इसे कैंट थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। कैंट थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। फरार होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके विदेश भागने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने लुकआउट नोटिस भी जारी कराया। इसी नोटिस के कारण दुबई से दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट सुरक्षा टीम ने उसे पकड़ लिया।
--
करीब दो साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी सिपाही नीतीश यादव को गिरफ्तार किया गया है। वह विदेश भाग गया था। देश में आते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी गिरफ्तारी हुई। आरोपी सिपाही को गोरखपुर में कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जालसाजी से जुड़े उसके अन्य मामलों की जांच की जा रही है।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी
विज्ञापन
- पीएसी आजमगढ़ से शुरू की थी नौकरी, महराजगंज पुलिस लाइन में था तैनात
- लुकआउट नोटिस के चलते एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर गोरखपुर पुलिस को सौंपा गया
गोरखपुर। फर्जी दस्तावेजों के सहारे तीन बैंक शाखाओं से करीब 39.70 लाख रुपये का लोन लेकर विदेश भागे 25 हजार रुपये के इनामी सिपाही नीतीश कुमार यादव को दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया।
कैंट पुलिस की ओर से जारी लुकआउट नोटिस के चलते एयरपोर्ट सुरक्षा टीम ने उसे हिरासत में लेकर गोरखपुर पुलिस को सूचना दी। कैंट पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लेकर आई। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मूलरूप से देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र के जोगउर गांव निवासी नीतीश कुमार यादव वर्ष 2019 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। उसकी पहली तैनाती 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़ में हुई थी। वर्ष 2023 में शस्त्र पुलिस में स्थानांतरण के बाद उसे महराजगंज पुलिस लाइन में तैनाती मिली। इसी दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया और विदेश चला गया था।
विज्ञापन
पुलिस-बैंक के एमओयू का उठाया फायदा
कैंट पुलिस के अनुसार, नीतीश ने उत्तर प्रदेश पुलिस और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच हुए एमओयू का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उसने फर्जी पुलिस पहचान पत्र, वेतन पर्ची, फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और कर्मचारी सत्यापन रिपोर्ट तैयार कराई। इसके बाद शातिर बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों आदि के नाम पर बचत खाते खुलवाकर व्यक्तिगत लोन हासिल किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की मेडिकल कॉलेज रोड शाखा से पांच लाख, गोलघर मुख्य शाखा से 23 लाख और बेतियाहाता शाखा से 11.70 लाख रुपये का लोन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया गया। तीनों शाखाओं से लिए गए ऋण की कुल रकम करीब 39.70 लाख रुपये है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद घोषित हुआ था इनाम
बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रमुख आशीष सिंह की तहरीर पर नीतीश यादव के खिलाफ पहले महराजगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मामला गोरखपुर से संबंधित होने के कारण बाद में इसे कैंट थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। कैंट थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। फरार होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके विदेश भागने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने लुकआउट नोटिस भी जारी कराया। इसी नोटिस के कारण दुबई से दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट सुरक्षा टीम ने उसे पकड़ लिया।
करीब दो साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी सिपाही नीतीश यादव को गिरफ्तार किया गया है। वह विदेश भाग गया था। देश में आते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी गिरफ्तारी हुई। आरोपी सिपाही को गोरखपुर में कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जालसाजी से जुड़े उसके अन्य मामलों की जांच की जा रही है।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

UP में पलटी मारेगा मौसम! लखनऊ समेत इन 20 जिलों में बारिश का अलर्ट

Varanasi News: शिवपुर में बस की टक्कर से ठेकेदार की मौत

कानपुर में दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटा गिरफ्तार, नौकर का दावा- शालू ने नहीं सुब्रत ने करवाई पिता की हत्या - kanpur vineet minocha murder case son subrat arrested confronted with shalu during probe


