गोरखपुर में विदेशी फंडिंग: यूके, अमेरिका, कनाडा व जर्मनी से तीन खातों में पहुंचे रुपये, एजेंसियां अलर्ट - gorakhpur agencies alert over suspicious foreign funds in 3 accounts
गोरखपुर में विदेशी फंडिंग: यूके, अमेरिका, कनाडा व जर्मनी से तीन खातों में पहुंचे रुपये, एजेंसियां अलर्ट गोरखपुर में यूके, अमेरिका, कनाडा और जर्मनी से तीन संदिग्ध बैंक खातों में धनराशि आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट ह…

सौजन्य से:- Jagran
गोरखपुर में विदेशी फंडिंग: यूके, अमेरिका, कनाडा व जर्मनी से तीन खातों में पहुंचे रुपये, एजेंसियां अलर्ट
गोरखपुर में यूके, अमेरिका, कनाडा और जर्मनी से तीन संदिग्ध बैंक खातों में धनराशि आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पुलिस और खुफिया इकाइयां ...और पढ़ें
HighLights
- गोरखपुर के तीन बैंक खातों में विदेश से संदिग्ध फंडिंग।
- यूके, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी से आए धन की जांच जारी।
- सुरक्षा एजेंसियां खाताधारकों और लेनदेन के उद्देश्य की पड़ताल कर रही हैं।
सतीश पांडेय, गोरखपुर। यूके (यूनाइटेड किंगडम), अमेरिका, कनाडा और जर्मनी से गोरखपुर के तीन संदिग्ध बैंक खातों में धनराशि आने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पुलिस, खुफिया इकाइयां और अन्य जांच एजेंसियां खाताधारकों, धन भेजने वालों और लेनदेन के उद्देश्य की गहन पड़ताल कर रही हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि विदेशी रकम निजी कारणों से भेजी गई या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
प्रारंभिक जांच में एक बैंक खाते का संबंध माली टोला स्थित पते से मिला। सत्यापन के लिए पहुंची टीम को वहां संबंधित व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद खाते में दर्ज दस्तावेजों और वास्तविक पते की जांच शुरू कर दी गई है। इसी तरह सूर्य विहार क्षेत्र के एक अन्य पते का भी सत्यापन कराया जा रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाताधारक वास्तव में इन पतों पर रहते हैं या बैंक खाता खोलने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कुछ बैंक खातों में दर्ज पता गोरखपुर का है, जबकि उसकी वास्तविक लोकेशन मऊ जिले में मिल रही है। इस विसंगति ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब संबंधित दस्तावेजों, आधार, केवाईसी रिकार्ड और बैंक विवरण का मिलान कराया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, तीनों खातों में विदेश से धनराशि आने का तरीका और लेनदेन का पैटर्न भी जांच के दायरे में है। एजेंसियां बैंक खातों के केवाइसी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, आइपी डिटेल, पते और विदेशी प्रेषकों (सेंडर्स) की जानकारी जुटा रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि रकम व्यक्तिगत सहायता, व्यापारिक लेनदेन या किसी अन्य उद्देश्य से भेजी गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक जिन स्थानों के खातों में विदेश से धन भेजा गया है, वे कोई प्रमुख पर्यटन स्थल या अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों वाले क्षेत्र नहीं हैं। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण हो गया है कि विदेशी नागरिकों ने इन्हीं खातों को क्यों चुना। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पूरे लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
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पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए तीनों बैंक खातों और उनसे जुड़े सभी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि सत्यापन और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सामान्य विदेशी लेनदेन है या किसी संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधि। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
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