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योगी सरकार की Gen Z तक पहुंच बढ़ाने की योजना, युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने जाएंगे एक स्कूल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार राज्य की जेन ज़ी तक युवा सरकारी अधिकारियों के जरिए पहुंचने की योजना बना रही है. इसके तहत आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर महीने अप…

ThePrint Hindi के अनुसार10 अगस्त 2026 को 08:18 am बजे
योगी सरकार की Gen Z तक पहुंच बढ़ाने की योजना, युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने जाएंगे एक स्कूल

सौजन्य से:- ThePrint Hindi

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार राज्य की जेन ज़ी तक युवा सरकारी अधिकारियों के जरिए पहुंचने की योजना बना रही है. इसके तहत आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर महीने अपने जिलों के स्कूलों में जाएंगे, छात्रों से बातचीत करेंगे और उन्हें करियर और ज़िंदगी से जुड़े फैसलों पर सलाह देंगे.

सरकार के अनुसार, ये अधिकारी हर महीने अपने-अपने जिलों के कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के स्कूल में जाएंगे और छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे. वे करियर के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाएं, उच्च शिक्षा और जिंदगी में आने वाली चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर चर्चा करेंगे.

यह पहल दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में जेन ज़ी की भूमिका को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच आई है. इस प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था.

पता चला है कि यूपी सरकार इस कार्यक्रम को छात्रों के साथ जुड़ाव मजबूत करने और सकारात्मक सोच व अच्छे कामों को बढ़ावा देने की कोशिश के तौर पर देख रही है. इसी दिशा में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को इस कार्यक्रम को लागू करने का निर्देश दिया है. बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने भी जिला मजिस्ट्रेटों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ये बातचीत नियमित रूप से की जाए.

इन सत्रों के दौरान सरकारी अधिकारी छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे और सवाल-जवाब के जरिए उनके सवालों का जवाब देंगे.

दिप्रिंट से बात करते हुए पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि विभाग को मुख्य सचिव के निर्देश को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा, “आदेश में जेन ज़ी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन यह कार्यक्रम खास तौर पर छात्रों के लिए है.”

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि छात्रों को करियर के विकल्प, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य की योजनाओं से जुड़े सवाल खुलकर पूछने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इन बातचीत से छात्रों को अलग-अलग करियर विकल्पों की वास्तविकता समझने का मौका मिलेगा. इसमें सिविल सेवाएं भी शामिल हैं. वे नौकरी कर रहे सरकारी अधिकारियों के अनुभवों से यह समझ सकेंगे.

इन सत्रों में ज़िंदगी के लक्ष्य तय करना, पढ़ाई के सही तरीके, समय का सही इस्तेमाल और खुद पर नियंत्रण जैसे विषयों पर भी बात होगी. स्कूल जाने वाले अधिकारी यूपीएससी, यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एसएससी, एनडीए, आईआईटी-जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में भी मार्गदर्शन देंगे. इसके अलावा, छात्रों को उच्च और तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, स्टार्टअप, सरकारी योजनाओं, वित्तीय जानकारी और बिजनेस मैनेजमेंट के विकल्पों के बारे में भी बताया जाएगा.

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि बातचीत में साइबर सुरक्षा, नशे से छुटकारा, तनाव से निपटना और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे मुद्दों को शामिल किया जाए.

अपने अनुभवों के आधार पर सरकारी अधिकारी छात्रों को दबाव और असफलता से निपटने और अपने लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

जानकारी मिली है कि जिला मजिस्ट्रेट ऐसे कार्यक्रमों का हर महीने का कैलेंडर तैयार करेंगे और युवा अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे. हर महीने की पांच तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को पिछले महीने हुए कार्यक्रमों की रिपोर्ट मिल जाएगी. रिपोर्ट में स्कूल का नाम, कार्यक्रम में शामिल अधिकारी, चर्चा किए गए विषय और छात्रों की ओर से दिए गए सुझाव शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में तैनात एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया कि सरकार जेन ज़ी के प्रभाव और क्षमता को समझती है और नहीं चाहती कि युवा लोग अपना ध्यान भटकाएं.

अधिकारी ने कहा, “सरकार जेन ज़ी की ताकत को समझती है और नहीं चाहती कि किसी भी तरह उनका ध्यान भटके. अगर उन्हें शुरुआत से ही सही दिशा दी जाए तो यह बेहतर होगा. नौकरशाहों से बेहतर उन्हें कौन मार्गदर्शन दे सकता है? छात्र उनके अनुभवों से सीखेंगे, वहीं अधिकारियों को भी यह समझने का मौका मिलेगा कि आज की जेन ज़ी क्या चाहती है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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