यूपी में नजूल संपत्तियों का नए सिरे से होगा सर्वे, सीएम योगी का बड़ा आदेश
यूपी में नजूल संपत्तियों का नए सिरे से होगा सर्वे, सीएम योगी का बड़ा आदेश यूपी में नजूल संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई प्रवर समिति की बैठक में यह फैसला लिया…

सौजन्य से:- Hindustan
यूपी में नजूल संपत्तियों का नए सिरे से होगा सर्वे, सीएम योगी का बड़ा आदेश
यूपी में नजूल संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई प्रवर समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। योगी ने निर्देश दिए कि नजूल संपत्तियों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए।
यूपी में नजूल संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे किया जाएगा। अगले महीने विधान परिषद की प्रवर समिति की बैठक में इसकी रिपोर्ट रखी जाएगी। कितनी नजूल की संपत्तियां हैं, कितने मामले न्यायालयों में लंबित हैं, कितनी नजूल संपत्ति फ्री होल्ड हो चुकी है और कितनी संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई प्रवर समिति की बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से निर्देश दिए गए कि नजूल संपत्तियों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए और कहीं किसी भी कीमत पर कोई गड़बड़ी न हो। जिससे उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबंध और उपयोग) विधेयक 2024 को विधान परिषद से भी पारित कराया जा सके। वर्ष 2024 में यह विधेयक विधानसभा से पास हो गया था लेकिन विधान परिषद में इसे प्रवर समिति के समक्ष रखे जाने का निर्णय लिया गया था।
सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके
बुधवार को इस विधेयक को लेकर विधान परिषद की प्रवर समिति की बैठक में इस पर मंथन किया गया। सदस्यों ने विधेयक की धाराओं में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा। सपा के आशुतोष सिन्हा ने कहा कि नजूल संपत्तियों के संबंध में एक ऐसा कानून बनाया जाना आवश्यक है, जिससे वर्षों से वैध रूप से रह रहे नागरिकों, पट्टेदारों, गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की रक्षा हो सके। वहीं सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विधेयक की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने की भी मांग उठाई।
बैठक में पुराने पट्टेदारों के अधिकारों, बेदखली पर चर्चा
बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों, पुराने पट्टेदारों के अधिकारों, बेदखली, मुआवजा, पुनर्वास व अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकार को लेकर भी चर्चा की गई। वहीं नजूल भूमि के भविष्य में उपयोग व आवंटन में पारदर्शिता सहित कई विषयों को भी समिति के समक्ष रखा गया। बैठक में विधान परिषद में नेता सदन व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित प्रवर समिति के सदस्य मौजूद रहे।
जिलावार तथ्यात्मक आंकड़ा रखा जाएगा
प्रवर समिति की अगली बैठक में नजूल संपत्तियों की जिलेवार व तथ्यात्मक रिपोर्ट रखी जाएगी। जिससे आगे व्यापक नीति तैयार की जा सके। वहीं सदस्यों की ओर से संशोधन के किए गए सुझावों पर भी विचार किया जाएगा। जिससे आगे नजूल संपत्तियों को लेकर पारदर्शी व्यवस्था बनाई जा सके।
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