होमक्राइमबाढ़ का खतरा : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच रहीं नदियां
क्राइम

बाढ़ का खतरा : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच रहीं नदियां

बाढ़ का खतरा : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच रहीं नदियां Prayagraj News : प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के करीब पह…

Amar Ujala के अनुसार29 अगस्त 2026 को 12:31 pm बजे
बाढ़ का खतरा : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच रहीं नदियां

सौजन्य से:- Amar Ujala

बाढ़ का खतरा : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच रहीं नदियां

Prayagraj News : प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रही हैं। तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता के बीच लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। हालांकि फिलहाल गंगा और यमुना दोनों खतरे के निशान से नीचे हैं।

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचने लगी हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों और निचले मोहल्लों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर लोग एहतियातन सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। प्रशासन ने अलर्ट घोषित करते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।

केंद्रीय जल आयोग के शनिवार दोपहर के आंकड़ों के अनुसार, इलाहाबाद लेवल स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 80.34 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 83.734 मीटर और खतरे का निशान 84.734 मीटर है। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.75 मीटर पहुंच गया है। यहां भी चेतावनी बिंदु 83.734 मीटर और खतरे का निशान 84.734 मीटर है।

वहीं नैनी में यमुना का जलस्तर 80.88 मीटर दर्ज किया गया है। यमुना का चेतावनी स्तर 83.74 मीटर और खतरे का निशान 84.74 मीटर निर्धारित है। आंकड़ों से साफ है कि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

तटवर्ती क्षेत्रों में पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर संभावित प्रभावित इलाकों की जानकारी जुटाई जा रही है। लोगों से नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले घंटों में तटीय क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें