नेपाल के लिए शुरू हुई ट्रेन, सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, इन स्टेशनों पर होगा ठहराव
नेपाल के लिए शुरू हुई ट्रेन, सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, इन स्टेशनों पर होगा ठहराव पड़ोसी देश नेपाल के लिए यूपी से पहली ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथन ने खुद हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को…

सौजन्य से:- Hindustan
नेपाल के लिए शुरू हुई ट्रेन, सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, इन स्टेशनों पर होगा ठहराव
पड़ोसी देश नेपाल के लिए यूपी से पहली ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथन ने खुद हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। अब एक-दो नहीं चार ट्रेनें दोनों देशों के बीच दौड़ेंगी।
भारत से नेपाल के बीच ट्रेन संचालन का इंतजार सोमवार को खत्म हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में आयोजित भव्य समारोह में वाराणसी से नेपालगंज रोड के बीच चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर संचालन का शुभारंभ किया। पहले दिन नेपालगंज रुपईडीहा से वाराणसी के लिए नई ट्रेन शुरू हुई। इस दौरान दिल्ली से केन्द्रीय रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव भी वर्चुअल जुड़े रहे। अब इस रूट पर चार ट्रेनों का संचालन होगा। इनमें दो ट्रेनें एक्सप्रेस और दो पैसेंजर हैं। यूपी के एक दर्जन स्टेशनों पर इन ट्रेनों का ठहराव होगा। ट्रेन सेवा के शुभारंभ से पड़ोसी देश के साथ संबंधों के और अधिक घनिष्ट होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपालगंज रोड से ब्रॉडगेज पर रेल संचालन दशकों के सपने को साकार करने जैसा है। नेपाल हमारे लिए केवल एक राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं बल्कि हमारी एक साझी सांस्कृतिक विरासत भी है। सांस्कृतिक विरासत काशी विश्वनाथ, गोरखा से लेकर गोरखपुर, जनकपुर से लेकर अयोध्या तक देखा जा सकता है। यह सभी कुछ आज भी देश के अंदर बड़ी श्रद्धा के साथ हम सब स्मरण करते हैं। एक दूसरे भागों में जाकर इस साझी विरासत का आदर भी करते हैं।
दशकों पहले देखा सपना साकार हो रहा
सीएम योगी ने कहा कि दशकों से देखा सपना अब साकार हो रहा है। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेल खंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़कर दोनों देशों की साझी विरासत को मजबूत किया गया है। आजादी के बाद से रेल की कनेक्टिविटी न के बराबर थी और अगर थी भी तो वह मीटर गेज के रूप में थी। मित्र राष्ट्र नेपाल से भी कनेक्टिविटी नहीं हो पाई। कहीं शताब्दी चली तो कहीं पर कोई और ट्रेन चली। लेकिन यह खंड मीटर गेज के रूप में उन सरकारों के संकीर्ण सोच का प्रतीक बनी रही। इसको बॉर्डर का क्षेत्र मानकर पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था। हमारे लिए नानपारा का एक क्षेत्र भारत के प्रवेश द्वार के रूप में रहा है। पीएम मोदी और रेलमंत्री की प्रेरणा से 730 करोड़ रुपए की लागत से 56 किलोमीटर के रेलखंड को एक समय सीमा के अंदर पूरा किया गया है।
कनेक्टिविटी से बढ़ेगी गति, होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपालगंज को जोड़ने का काम भी हो गया है। ट्रेन संचालित की जा रही है। इन ट्रेनों के संचालन से कनेक्टिविटी तेज होगी। जब कनेक्टिविटी होती है तो वहां के विकास में गति आती है। जब गति अपने सकारात्मक गंतव्य की ओर बढ़ती है तो क्षेत्र में विकास के अनंत संभावनाएं बढ़ जाती है। व्यापार बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन और कृषि को एक नया आयाम मिलेगा और पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेंगी। अयोध्या-वाराणसी-गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों को जोड़ने में मदद मिलेगी। आर्थिक प्रगति में भी एक बड़ी भूमिका का निर्माण होगा। यह ट्रेन वाराणसी बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचाने का काम करने जा रही है।
चार ट्रेनों का होगा संचालन
इस रूट पर चार ट्रेनों का संचालन होगा। इसमें दो एक्सप्रेस और दो पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी।पहली ट्रेन 14214 डाउन नेपालगंज रोड-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे नेपालगंज रोड से रवाना होकर दोपहर 1.35 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 14213 अप वाराणसी से दोपहर 2 बजे चलकर रात 11 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी।
इसी तरह 15131/15132 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस और गोंडा से नेपालगंज रोड के लिए दो मेमू/पैसेंजर ट्रेनें 75109/75110 और 75111/75112 सुबह 5 बजे और दोपहर 12.30 बजे गोंडा से संचालित होंगी। इन ट्रेनों के चलने से न सिर्फ पड़ोसी देश जाना आसान होगा बल्कि यूपी के शहरों बहराइच से वाराणसी, गोंडा की सीधी कनेक्टिविटी भी हो गई है।
नेपालगंज से वाराणसी के दौड़ी उद्घाटन विशेष गाड़ी
ट्रेनों के संचालन के शुभारंभ के अवसर पर उद्घाटन विशेष गाड़ी चलाई गई। 05064 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी उद्घाटन विशेष गाड़ी नेपालगंज रोड स्टेशन से 14.45 बजे शुरू हुई। इसके बाद नानपारा से 15.10 बजे, रिसिया से 15.44 बजे, बहराइच से 16.02 बजे, पयागपुर से 16.32 बजे, गोंडा से 17.40 बजे, बलरामपुर से 18.22 बजे, तुलसीपुर से 18.57 बजे, बढ़नी से 20.12 बजे, शोहरतगढ़ से 20.37 बजे, सिद्धार्थ नगर से 20.57 बजे, आनन्द नगर से 21.40 बजे, कैम्पियरगंज से 21.56 बजे, पीपीगंज से 22.22 बजे, नकहा जंगल से 22.55 बजे, गोरखपुर से 23.35 बजे, दूसरे दिन चौरी चौरा से 00.32 बजे, गौरी बाजार से 00.47 बजे, देवरिया सदर से 01.05 बजे, भटनी से 01.35 बजे, सलेमपुर से 01.57 बजे, लार रोड से 02.10 बजे, बेलथरा रोड से 02.25 बजे, मऊ से 03.05 बजे, दुल्लहपुर से 03.30 बजे, जखनियां से 03.42 बजे, सादात से 03.57 बजे, औंड़िहार से 04.17 बजे और सारनाथ से 05.02 बजे छूटकर वाराणसी सिटी 05.25 बजे पहुंचेगी। विशेष गाड़ी में जनरेटर सह लगेजयान के 2, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 5, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 1, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 2 और शयनयान श्रेणी के 7 कोचों सहित कुल 17 कोच लगाये गए हैं।
पहली ट्रेन पर मुफ्त यात्रा, नेपालगंज से 600 यात्रियों ने किया सफर
नेपालगंज (रुपईडीहा) से आमान परिवर्तन के बाद शुरू हुई ट्रेन सेवा को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह रहा। पहले दिन करीब 600 यात्रियों ने मुफ्त ट्रेन सेवा का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद नेपालगंज से रवाना हुई ट्रेन जिले के चार स्टेशनों पर रुकी। ब्रॉडगेज के बाद पहली ट्रेन में सफर के यादगार पल का साक्षी बनने के लिए स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ जुटी रही।
ट्रेन पर यात्रा के लिए रेलवे की ओर से यात्रियों को मुफ्त कूपन वितरित किए गए थे। पिछले दो दिनों से कूपन लेने के लिए यात्री जुटे थे। स्टेशन अधीक्षक रकेश सेठ ने बताया कि करीब 600 यात्रियों को मुफ्त कूपन बांटे गए। इनमें ज्यादातर यात्री वाराणसी जाने वाले थे, जो काशी विश्वनाथ के दर्शन की अभिलाषा रखते थे। इसके बाद गोरखपुर जाने वाले यात्री रहे। इन यात्रियों में बहराइच सांसद डॉ. आनंद गोंड भी शामिल रहे। वह मुख्यमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद ट्रेन से रिसिया तक आए।
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