बृजभूषण शरण सिंह का दावा, यूपी में कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं, सपा के सहारे लड़ेगी चुनाव - ex mp brijbhushan sharan singh claims congress will contest with help of samajwadi party in up in 2027 election
बृजभूषण शरण सिंह का दावा, यूपी में कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं, सपा के सहारे लड़ेगी चुनाव Brijbhushan Sharan Singh: कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों से यौन शोषण के मामले को ले…

सौजन्य से:- Jagran
बृजभूषण शरण सिंह का दावा, यूपी में कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं, सपा के सहारे लड़ेगी चुनाव
Brijbhushan Sharan Singh: कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों से यौन शोषण के मामले को लेकर हरियाणा के महादेव रेसलिंग एकेडम ...और पढ़ें
HighLights
- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा और सपा में टक्कर का आंकलन
- कुश्ती नियमों में बदलाव को लेकर विरोध चला गया राजनीतिक दलों के हाथ
- पूर्व सांसद ने कोर्ट के निर्णय की प्रति मिलने पर साजिश करने वालों पर बोला हमला
जागरण संवाददाता, गोंडा। महिला पहलवानों के शोषण के मामले में दिल्ली की कोर्ट से बरी पूर्व सांसद अब फिर राजनीतिक और सार्वजनिक रूप से काफी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने अगले वर्ष यानी 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर भी अपना आंकलन किया। इसके साथ ही हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर जमकर हमला बोला।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की संभावनाओं पर कैसरगंज से भाजपा के सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी के सहारे या उसके कंधे पर बैठकर ही चुनाव लड़ सकती है।
गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस को कुछ सीटें मिल सकती हैं या नहीं भी मिल सकतीं, लेकिन वह इसकी कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की अपनी कोई बड़ी राजनीतिक हैसियत नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे भी वह अपने राजनीतिक और सार्वजनिक रुख पर कायम रहेंगे।
भूपेंद्र हुड्डा के दबाव में पहलवान आई थीं आगे: बृजभूषण
कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों से यौन शोषण के मामले को लेकर हरियाणा के महादेव रेसलिंग एकेडमी और हुड्डा परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नवाबगंज के विश्नोहरपुर में अपने आवास पर पूर्व सांसद ने कहा कि मेरे खिलाफ कथित साजिश के पीछे कई कारण थे। सबसे पहला कारण यह था कि मैंने भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा को चुनाव में हराया था। उस समय भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। मैं अकेले चुनाव लड़ रहा था, लेकिन देश के लोगों ने मुझ पर भरोसा किया और मैं लगातार जीतता रहा।
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मैंने जो दावा किया था, कोर्ट के फैसले में साबित
बृजभूषण ने अदालत के निर्णय की प्रति मिलने के बाद दावा किया कि 18 जनवरी 2023 को उन्होंने जो बातें कही थीं, कोर्ट के फैसले से वही बातें साबित हुई हैं। पहलवानों की ओर से अलग-अलग स्तर पर दिए गए बयानों में विरोधाभास था और अदालत में दो पीड़ित लड़कियों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर फैसला आया।
उन्होंने कहा कि अदालत का 'एक परिवार, एक अखाड़ा' वाला निष्कर्ष उनके बयान के आधार पर नहीं, बल्कि दो पीड़ित लड़कियों के जज के चैंबर में दिए गए बयानों के आधार पर आया है। बृजभूषण ने यह भी कहा कि अदालत के फैसले से उन्हें खुशी है, क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने शुरुआत से जो बातें कही थीं, वही अब न्यायिक रिकार्ड में सामने आई हैं।
मेरे नियमों से थी परेशानी
पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने जूनियर पहलवानों के हित में कुछ नियमों में बदलाव किए थे। उनके मुताबिक, नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना जरूरी किया गया था और किसी कारण से ऐसा नहीं कर पाने वाले खिलाड़ियों के लिए मेडिकल जैसी व्यवस्था जरूरी की गई थी। कैंप में रहना और बड़े टूर्नामेंट के दौरान ट्रायल की व्यवस्था भी जरूरी की गई थी।
बृजभूषण ने आरोप लगाया कि कुछ पहलवान चाहते थे कि उन्हें बिना जिला, स्टेट और नेशनल स्तर की प्रक्रिया से गुजरे सीधे बड़े मुकाबलों में भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों में बदलाव को लेकर भी विरोध हुआ और बाद में यह पूरा मामला राजनीतिक दलों के हाथ में चला गया।
पहलवानों के बयान अलग-अलग
बृजभूषण शरण ने पहलवानों की गवाही और बयानों में विरोधाभास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ पहलवान हिसार और रोहतक से थे, लेकिन सभी का पता बजरंग पूनिया के नाम से दिया गया था। उनके मुताबिक, ओवरसाइट कमेटी के सामने अलग बयान दिया गया, शपथ पत्र में कुछ और बातें कही गईं और अंतिम गवाही के दौरान उनके वकील ने उसी शपथ पत्र को 'कूड़ा' बताते हुए उसकी वैल्यू से इनकार किया।
उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के दौरान वह किसी भी घटना के समय पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे। सिंह ने कहा कि अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग बयान दिए गए और अदालत के रिकॉर्ड से भी कई बातें स्पष्ट हुई हैं। पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि दो पीड़ित लड़कियों ने जज के चैंबर में जाकर अपनी बात रखी थी। उनके अनुसार, इन बयानों को अदालत में रिकॉर्ड किया गया और फैसले में इन्हीं तथ्यों को आधार बनाया गया।
कुछ उद्योगपतियों ने खोल दिया था खजाना
कथित साजिश में कितने लोगों के शामिल होने पर बृजभूषण ने दावा किया कि इसमें करीब 42 लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि इसमें बड़े-बड़े नाम हैं और कुछ उद्योगपतियों ने कथित तौर पर अपना खजाना खोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया में उनके खिलाफ लगातार बहस चलाकर उन्हें बलात्कारी के रूप में पेश किया गया। बृजभूषण ने कहा कि उन पर ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे उनसे बड़ा रेपिस्ट देश में कोई नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद से भारतीय ही नहीं, बल्कि दुनिया की खेल व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा। उनके मुताबिक, महिला खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर भी इसका असर पड़ा और खेल जगत की छवि खराब हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहलवानों का आंदोलन बाद में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों का 'खिलौना' बन गया। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने इस मुद्दे पर कैंडल मार्च निकाला। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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