होमक्राइममेरठ पुलिस लाइन में सेंधमारी; हाई-सिक्योरिटी भर्ती केंद्र से रिकार्ड वाला कंप्यूटर चोरी, DVR की हार्डडिस्क भी लापता
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मेरठ पुलिस लाइन में सेंधमारी; हाई-सिक्योरिटी भर्ती केंद्र से रिकार्ड वाला कंप्यूटर चोरी, DVR की हार्डडिस्क भी लापता

मेरठ पुलिस लाइन में सेंधमारी; हाई-सिक्योरिटी भर्ती केंद्र से रिकार्ड वाला कंप्यूटर चोरी, DVR की हार्डडिस्क भी लापता दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण केंद्र से होमगार्ड और पुलिस भर्ती से संबंधित डेटा वाला कंप्यूट…

ETV Bharat के अनुसार17 सितंबर 2026 को 08:04 am बजे
मेरठ पुलिस लाइन में सेंधमारी; हाई-सिक्योरिटी भर्ती केंद्र से रिकार्ड वाला कंप्यूटर चोरी, DVR की हार्डडिस्क भी लापता

सौजन्य से:- ETV Bharat

मेरठ पुलिस लाइन में सेंधमारी; हाई-सिक्योरिटी भर्ती केंद्र से रिकार्ड वाला कंप्यूटर चोरी, DVR की हार्डडिस्क भी लापता

दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण केंद्र से होमगार्ड और पुलिस भर्ती से संबंधित डेटा वाला कंप्यूटर चोरी हो गया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 17, 2026 at 1:22 PM IST

मेरठ : उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है. बेहद संवेदनशील मानी जानी वाले पुलिस लाइन क्षेत्र स्थित DV/PST (दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण) केंद्र से होमगार्ड और पुलिस भर्ती के महत्वपूर्ण डेटा वाला कंप्यूटर गायब हो गया है. इस चोरी को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया है. सेंधमारी से पहले पुलिस लाइन के गेट नंबर 3 से लेकर रिकार्डरूम तक लगे 12 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को बंद किया गया था.

हैरानी की बात यह है कि चोरों ने न केवल कंप्यूटर पार किया, बल्कि सीसीटीवी कैमरों के करीब 700 मीटर लंबे तार काट दिए और डीवीआर की दो हार्ड डिस्क भी उखाड़ ले गए. घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं. जिससे पूरी जांच प्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है. बिना ताला तोड़े कंप्यूटर गायब होना विभाग के ही किसी अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता की ओर इशारा करता है.

बता दें, बीते 9 सितंबर को ताला खोलने पर जब सिस्टम गायब मिला तो तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया. जब लखनऊ मुख्यालय से भर्ती डेटा की मांग की गई, तब आनन-फानन मुकदमे की प्रक्रिया शुरू हुई.

बताया जा रहा कि भर्ती केंद्र के रख-रखाव की जिम्मेदारी लिपिक कमल सैनी के पास थी. जिन पर पूर्व में भर्ती प्रक्रिया के दौरान ऑडियो प्रसारित होने पर गंभीर आरोप लगे थे. तत्कालीन एसएसपी विपिन ताडा द्वारा हटाए जाने के बावजूद उन्हें दोबारा भर्ती केंद्र का प्रभारी बनाया गया. चोरी के इस पूरे घटनाक्रम में कार्रवाई के बजाय लिपिक कमल सैनी की तहरीर पर ही मुकदमा दर्ज कराया गया है.

इस मामले में पुलिस टीम ने जेपी स्टोर के संचालक हेड कांस्टेबल बेबी के कंकरखेड़ा स्थित घर पर छापेमारी कर बच्चों के लैपटॉप खंगाले. इस कार्रवाई में क्या कुछ मिला, इसका खुलासा नहीं किया गया. इस कार्रवाई से नाराज कर्मचारी बिना बताए घर छोड़कर चला गया.

पुलिस का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद डेटा की एक कॉपी पुलिस लाइन के 'डबल लॉक' में सुरक्षित रख दी जाती है. इसलिए पुलिस भर्ती का डेटा सुरक्षित है. हालांकि, होमगार्ड भर्ती का डेटा चोरी होने से कुछ व्यावहारिक परेशानियां आ सकती हैं. कार्यदायी संस्था के पास डेटा होने के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने से तो बच गई है, लेकिन 25 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और एसटीएफ कार्यालय के ठीक पास हुई इस सेंधमारी से पुलिस के इकबाल पर संदेह उठना लाजिमी है.

पुलिस लाइन के नोडल अफसर एवं एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि भर्ती केंद्र से कंप्यूटर और सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर/हार्डडिस्क चोरी होने का मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और एसओजी समेत पुलिस की विशेष टीमों को बरामदगी और आरोपियों की तलाश में लगाया गया है. जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा.

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