उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नई बिसात, आरक्षण और राष्ट्रगान के मुद्दे पर भाजपा पर बोला हमला - congress challenges bjp on social justice anthem in up politics
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नई बिसात, आरक्षण और राष्ट्रगान के मुद्दे पर भाजपा पर बोला हमला कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भाजपा पर आरक्षण, सामाजिक न्याय और राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर हमला बोला है। समय कम है? जान…

सौजन्य से:- Jagran
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नई बिसात, आरक्षण और राष्ट्रगान के मुद्दे पर भाजपा पर बोला हमला
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भाजपा पर आरक्षण, सामाजिक न्याय और राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर हमला बोला है।
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कांग्रेस राज्य की राजनीति को सामाजिक न्याय, प्रतीकात्मक राष्ट्रवाद और सत्ता के दुरुपयोग के तीन संवेदनशील मुददे की ओर मोड़ने के प्रयास में लग गयी है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को सरकार पर आक्रमण करते हुए भाजपा की ‘हिंदुत्व व सामाजिक न्याय’ की छवि को चुनौती देने का प्रयास किया।
गौतम ने कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय ने पत्रकार वार्ता ने दिल्ली के जंतर मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन दिखाने के लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर साधते हुए कहा कि यह भाजपा की आरक्षण विरोधी मानसिकता का प्रमाण है।
सवाल किया कि क्या भाजपा एससी-एसटी और ओबीसी समुदायों को न्याय देने के खिलाफ है? जातिगत जनगणना के नोटिफिकेशन में ओबीसी कालम की अनुपस्थिति और 68,000 रिक्तियों में एससी-ओबीसी की आरक्षित सीटों को जनरल कैटेगरी में स्थानांतरित करने के आरोपों से अपने हमले को और पैना बनाने का प्रयास किया।
सतीश महाना पर राष्ट्रगान के अपमान का लगाया आरोप
कहा कि उत्तर प्रदेश में ओबीसी और दलित वोट बैंक भाजपा की सत्ता का महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं। गौतम ने भाजपा को सामाजिक न्याय विरोधी साबित करने और कांग्रेस को उनके पारंपरिक संरक्षक के रूप में भी पेश किया।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा उन्नाव में राष्ट्रगान बीच में छोड़ने का आरोप लगाते हुए इसे अपराध करार दिया। हालांकि सतीश महाना और उस कार्यक्रम के आयोजक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जहां राष्ट्रगान हो रहा था, वहां वह नहीं थे। कानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को सत्ता के दुरुपयोग की मिसाल बताकर गौतम ने लोकतंत्र खतरे में नैरेटिव फिर से जिंदा किया।
मछली नहीं बनी थी- गौतम
अयोध्या में कांग्रेस के मछली भोज के आरोपों का जवाब देते हुए गौतम ने कहा कि कार्यक्रम में मछली नहीं बनी थी। उन्होंने भाजपा नेताओं के मांस खाने की तस्वीरें दिखाकर ‘पहले अपने गिरेबान में झांकने’ की सलाह दी। आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह और अखिलेश यादव की मुलाकात को लेकर पूछे गये सवाल पर गौतम ने कहा कि राजनीति में मेल-मिलाप जरूरी है। वह भी जल्द अखिलेश से मुलाकात होगी करेंगे।
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