होमशिक्षा-करियरयूपी में न्यूनतम मजदूरी तय, ओवरटाइम करने पर देना होगा दोगुना भुगतान
शिक्षा-करियर

यूपी में न्यूनतम मजदूरी तय, ओवरटाइम करने पर देना होगा दोगुना भुगतान

यूपी में न्यूनतम मजदूरी तय, ओवरटाइम करने पर देना होगा दोगुना भुगतान Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में यूपी मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दी गई है. नई संहिता के तहत किसी भी कर्मचारी क…

ABP News के अनुसार7 अगस्त 2026 को 08:18 am बजे
यूपी में न्यूनतम मजदूरी तय, ओवरटाइम करने पर देना होगा दोगुना भुगतान

सौजन्य से:- ABP News

यूपी में न्यूनतम मजदूरी तय, ओवरटाइम करने पर देना होगा दोगुना भुगतान

Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में यूपी मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दी गई है. नई संहिता के तहत किसी भी कर्मचारी को न्यूनतम से कम वेतन नहीं दिया जा सकेगा.

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने सरकार ने यूपी मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान और श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े नियम पूरी तरह से से बदल जाएंगे. नई संहिता लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को न्यूनतम से कम वेतन नहीं दिया जा सकेगा. इसके साथ ही ओवरटाइम कराने पर दोगुनी दर से पैसे देने होंगे.

लखनऊ में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में यूपी मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दी गई है, जिसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं. नई संहिता लागू होने के बाद किसी भी पात्र कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन नहीं दिया जा सकेगा, चाहे वो किसी भी क्षेत्र, प्रतिष्ठान या नियोजन में कार्यरत हो.

नई संहिता के तहत बड़ी व्यवस्थाएं

इसके साथ ही नौकरी छोड़ने, सेवा समाप्त होने पर कर्मचारी को उसके बकाया दो दिन के भीतर चुकाना अनिवार्य होगा. कंपनी अगर किसी कर्मचारी से तय समय से अधिक काम लेती है तो उसे दोगुनी दरों से ओवरटाइम देना होगा. नए नियमों में महिला और पुरुष को समान काम के लिए समान वेतन देना अनिवार्य कर दिया गया है. वेतन देने से पहले वेतन की पर्ची देना भी जरूरी होगा.

संविदा पर काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी, ओवर टाइम और बोनस का भुगतान कराने की जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता की होगी. अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उनके बकाया भुगतान के लिए नामित व्यक्ति और उसे अभाव में विधिक उत्तराधिकारी को राशि देने का प्रावधान भी किया गया है.

राहुल गांधी से मिलने लाखों की संख्या में प्रयागराज आएंगे छात्र, अजय राय ने दी जानकारी

श्रमिकों से जुड़े कानूनों को एकीकृत किया

नए नियमों के तहत इस बात का भी प्रावधान किया गया है कि श्रमिकों की मजदूरी में वैधानिक तौर पर कटौती की अधिकतम सीमा 50 फ़ीसद तय की गई है. श्रमिकों को उनके कुल वेतन का 50 फ़ीसद मूल वेतन का भुगतान करना होगा. नई व्यवस्था में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन, वेतन के भुगतान, एक समान काम के लिए समान वेतन और बोनस से जुड़े पुराने कानूनों को एकीकृत कर दिया गया है. जिससे इनके अनुपालन में भी आसानी होगी.

'BJP सरकार है या वॉटर फिल्टर?' MLA सचिन यादव के निलंबन पर भड़के अखिलेश

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें