होमक्राइम'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति खत्म करें...', राजस्व और कानून व्यवस्था पर सख्त CM योगी - cm yogi directs timely resolution of up revenue court cases
क्राइम

'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति खत्म करें...', राजस्व और कानून व्यवस्था पर सख्त CM योगी - cm yogi directs timely resolution of up revenue court cases

'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति खत्म करें...', राजस्व और कानून व्यवस्था पर सख्त CM योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने और 'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति ...और पढ…

Jagran के अनुसार30 अगस्त 2026 को 01:31 am बजे
'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति खत्म करें...', राजस्व और कानून व्यवस्था पर सख्त CM योगी

 - cm yogi directs timely resolution of up revenue court cases

सौजन्य से:- Jagran

'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति खत्म करें...', राजस्व और कानून व्यवस्था पर सख्त CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने और 'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति ...और पढ़ें

HighLights

- राजस्व न्यायालयों के लंबित मामले समयबद्ध निपटाने के निर्देश।

- जनशिकायतों का केवल कागजी नहीं, वास्तविक समाधान करें।

- त्योहारों पर सुरक्षा और बाढ़ राहत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नायब तहसीलदार कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद के न्यायालयों तक पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए। उन्होंने धारा 33 के अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने शनिवार देर शाम गोरखपुर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जनता दर्शन तथा आइजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

समीक्षा के दौरान कई मामले जानकारी में आए जिन्हें दूसरी जानकारी के आधार पर निस्तारित कर दिया गया। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि, गलत रिपोर्ट के आधार पर बंद किए मामलों को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संबंधित जिलाधिकारी अथवा पुलिस कप्तान को भेजकर पांच दिनों में स्पष्टीकरण मांगा जाए।

बैठक में राजस्व परिषद की ओर से नायब तहसीलदार के न्यायालय से लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर तक नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से संबंधित मामलों के निस्तारण की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मानिटरिंग करने के निर्देश दिए।

बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जिलावार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में एफआइआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति व जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

उन्होंने गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा 10 फुट के भीतर ही रखी जाए। उन्होंने कई नदियों के उफान पर होने के दृष्टिगत विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को भी कहा है।

मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा।

बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से बात कर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की उपलब्धता सभी अस्पतालों में करने को कहा है।

त्योहारों पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भीड़ नियंत्रण की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही मंदिरों के पास सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल

मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित कर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग संयुक्त मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के भाव से मनाई जाए।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें