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योगी सरकार का नए बजट से देश को तोहफा, शिक्षा, उद्योग, और ग्रामीण विकास को मिली प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना पहला अनुपूरक बजट पेश किया, जिसमें शिक्षा, उद्योग, ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गई। इस बजट में कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं शामिल हैं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी से लेकर फ्री बस यात्रा तक की सुविधाएं शामिल हैं। सूत्र: Aaj Tak

Navbharat Times के अनुसार5 अगस्त 2026 को 11:18 pm बजे
योगी सरकार का नए बजट से देश को तोहफा, शिक्षा, उद्योग, और ग्रामीण विकास को मिली प्राथमिकता

सौजन्य से:- Navbharat Times

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में मंगलवार को पेश किया। इसमें शिक्षा, उद्योग, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गई है। भारी और मध्यम उद्योगों के लिए सबसे ज्यादा 22 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 59019.54 करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट में इंडस्ट्री, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और ग्रामीण विकास का विशेष ध्यान रखा है। इस बजट में कई ऐसी व्यवस्थाएं रखी गई हैं जिनका यूपी के आम नागरिकों को फायदा मिलेगा।

1. बुजुर्ग महिलाएं कर सकेंगी मुफ्त बस यात्रा

यूपी के अनुपूरक बजट में राज्य की 60 साल या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। योगी सरकार ने इसके लिए रोडवेज को पेमेंट करने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह सुविधा मिलने से प्रदेश की लाखों बुजुर्ग महिलाए धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए मुफ्त में यात्रा कर सकेंगी।

2. प्रत्येक मजदूर को न्यूनतम मजदूरी का अधिकार

यूपी में श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी और सैलरी से जुड़े नियम बदल दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता, 2026 को स्वीकृति दे दी है। यह लागू होने पर सभी पात्र श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी पाने का अधिकार होगा। समान काम के लिए समान वेतन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। ओवरटाइम की राशि दोगुनी की जाएगी। कुल वेतन का 50 प्रतिशत मूल वेतन माना जाएगा। इससे वेतन का बड़ा हिस्सा भत्तों के रूप में देने की प्रवृत्ति पर रोक लग सकेगी।

3. पेपर लीक रोकने के लिए कड़ी व्यवस्था

योगी सरकार भर्ती परीक्षाओं में सतर्कता और पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए कड़े प्रबंध करने जा रही है। इसके लिए बजट में 66 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को इसके लिए राशि दी जाएगी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को आईटी इन्फ्रा डेवलपमेंट के लिए 20.19 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, गोपनीय और पारदर्शी बनाने के लिए 46.19 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

4. प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण में आठ जिले शामिल

सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन पर मुहर लगा दी है। अब प्रयागराज और चित्रकूट मंडल के कुल आठ जिलों प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर व प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर एवं महोबा जिले को प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किया गया है। पहले इसमें 6 ही जिले शामिल कराने का प्रस्ताव था। इस फैसले से प्राधिकरण क्षेत्र के जिलों में औद्योगिक विकास होगा। इसके अलावा आम लोगों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।

5. एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के आसपास आंतरिक विकास

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पास औद्योगिक कॉरिडोर का विकास करने के लिए हमीरपुर नोड, महोबा नोड, जालौन नोड, उन्नाव नोड, इटावा, अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर और बदायूं में आंतरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों का विकास होगा जो कि उद्योगों के विकास में सहायक होगा। इससे रोजगार बढ़ने के हालात बनेंगे।

लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।

सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।

सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।

पत्रकारिता अनुभव

सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।

सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।

सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।

अवॉर्ड/अचीवमेंट्स

बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें

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