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यूपी का डंका: इंदौर को पीछे छोड़ लखनऊ बना देश का सबसे साफ शहर, पेपर मिल कॉलोनी सर्वश्रेष्ठ वार्ड

राजधानी लखनऊ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रचा है। लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ का नकद पुरस्कार मिला है। हाइलाइट्स लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ का नकद पुरस्कार महापौर सुषमा खर्कवाल ने जनता और…

Navbharat Times के अनुसार7 सितंबर 2026 को 12:31 pm बजे
यूपी का डंका: इंदौर को पीछे छोड़ लखनऊ बना देश का सबसे साफ शहर, पेपर मिल कॉलोनी सर्वश्रेष्ठ वार्ड

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजधानी लखनऊ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रचा है। लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ का नकद पुरस्कार मिला है।

हाइलाइट्स

लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ का नकद पुरस्कार

महापौर सुषमा खर्कवाल ने जनता और टीम वर्क को श्रेय दिया

पिछले साल 2024-25 की रैंकिंग में लखनऊ 15 नंबर पर था

हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को साफ सुथरा रखने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर लखनऊ नगर निगम एंड़- चोटी का जोर लगाता नजर आ रहा है। तेजी से चल रहे इस प्रयास के चलते अब लखनऊ ने पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में पूरे देश में नया इतिहास रच दिया है।

दरअसल, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) में लखनऊ को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला शहर घोषित किया गया है। लखनऊ ने लगातार कई सालों से शीर्ष पर काबिज रहे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर (2) को पीछे छोड़ते हुए यह पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, जबलपुर को इस बार तीसरा स्थान मिला है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जोन-4 का वार्ड-70 बना देश का सर्वश्रेष्ठ वार्ड

लखनऊ शहर के साथ-साथ लखनऊ नगर निगम के जोन-4 स्थित वार्ड संख्या-70 वाली पेपर मिल कॉलोनी ने भी राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है। 30 हजार से अधिक जनसंख्या वाले वार्डों की राष्ट्रीय श्रेणी में पेपर मिल कॉलोनी को देश का सर्वश्रेष्ठ वार्ड चुना गया है। इस उपलब्धि के लिए वार्ड को 50 लाख का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में आयोजित स्वच्छ वायु दिवस समारोह में NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा और सीपीसीबी अध्यक्ष डॉ. अमनदीप गर्ग की ओर से लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल, लखनऊ नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान को यह सम्मान सौंपा गया।

15वीं रैंक से सीधे नंबर-1 की छलांग

बीते साल 2024-25 के सर्वेक्षण में लखनऊ 15वें पायदान पर था, जहां से लंबी छलांग लगाकर इस बार सीधे शीर्ष पर पहुंचा है। नगर निगम की ओर से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए धरातल पर किए गए कार्यों ने इस सफलता की राह बनाई। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों और संकरी गलियों के लिए ई-ऑटो टिपरों का बेड़ा उतारा गया, जिनकी मॉनिटरिंग जीपीएस कंट्रोल कमांड सेंटर से की जा रही है। शहर में सड़कों की धूल रोकने के लिए 97 इलेक्ट्रिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों से पानी के छिड़काव के साथ सफाई और 559.85 किलोमीटर सड़कों का एंड-टू-एंड पक्कीकरण किया गया। साथ ही 2,550 टीपीडी क्षमता के प्लांट से 100% कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण कर ताजे कूड़े की डंपिंग पूरी तरह बंद की गई और 140 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से हरित परिवहन को बढ़ावा दिया गया।

'यह उपलब्धि लखनऊ की जनता और टीम वर्क को समर्पित'

राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने के बाद लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि देश में पहला स्थान पाना हर लखनऊवासी के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन, नगर निगम के सभी सफाई मित्रों, अधिकारियों और जागरूक शहरवासियों के सामूहिक सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम आगे भी इसी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ काम करते हुए लखनऊ को स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।

अनुभव

यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।

शिक्षा

राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।... और पढ़ें

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