उत्तर प्रदेश : शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान को गति देने के लिए किसान गोष्ठी आयोजित, किसानों को दी गई उन्नत खेती की तकनीकों की जानकारी - ChiniMandi
सीतापुर: जिले के पिसावां विकास खंड के बरगावां गांव में डीसीएम श्रीराम हरियांवा चीनी मिल की ओर से आयोजित किसान गोष्ठी में शरदकालीन गन्ना बुवाई को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से अवगत कराने पर विशेष जोर…

सौजन्य से:- ChiniMandi
सीतापुर: जिले के पिसावां विकास खंड के बरगावां गांव में डीसीएम श्रीराम हरियांवा चीनी मिल की ओर से आयोजित किसान गोष्ठी में शरदकालीन गन्ना बुवाई को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से अवगत कराने पर विशेष जोर दिया गया। बुधवार दोपहर शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर शाम तक चला, जिसमें क्षेत्र के 200 से अधिक गन्ना किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी का आयोजन ग्राम बरगावां स्थित सिंह मैरिज लॉन में किया गया। इस दौरान किसानों को गन्ने की उन्नत खेती, अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों, बीज उपचार, पौध प्रबंधन तथा यंत्रीकृत खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
उन्नत प्रजातियों की बुवाई पर विशेष जोर
चीनी मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) रविंद्र सिंह ने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में शरदकालीन गन्ने की बुवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने 0118, 14201, 15023, 16202 और 13235 जैसी उन्नत गन्ना प्रजातियों की खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि बेहतर किस्मों के उपयोग से उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है।उन्होंने किसानों को स्वस्थ और उपचारित बीज का चयन करने तथा चार फीट की दूरी पर सिंगल लाइन में दो आंख वाले गन्ने के टुकड़ों की बुवाई करने की तकनीक अपनाने की सलाह दी, जिससे फसल की वृद्धि और उत्पादकता बेहतर हो सके।
ट्राइकोडर्मा और कृषि मशीनों पर अनुदान की सुविधा
सहायक महाप्रबंधक (गन्ना) हरिओम शुक्ला ने बताया कि गन्ने की फसल को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए चीनी मिल किसानों को ट्राइकोडर्मा निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा, गन्ना खेती में उपयोग होने वाली कृषि मशीनों पर आकर्षक अनुदान की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष हरियांवा गन्ना विकास परिषद के माध्यम से किसानों को केन हार्वेस्टर (गन्ना कटाई एवं छिलाई मशीन) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कटाई कार्य में समय और श्रम दोनों की बचत होगी।कार्यक्रम में गन्ना समिति महोली के डायरेक्टर राजेश सिंह, जोनल अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ला तथा उच्च उत्पादन प्राप्त करने वाले कई प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।
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