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लखनऊ कितना सुरक्षित? कहीं लिफ्ट मांगकर काटी जेब, कहीं कार का शीशा खुलवाकर टप्पेबाजी

लखनऊ कितना सुरक्षित? कहीं लिफ्ट मांगकर काटी जेब, कहीं कार का शीशा खुलवाकर टप्पेबाजी 1 जनवरी से 12 जुलाई 2025 तक लखनऊ में लूट और स्नैचिंग के 107 मामले दर्ज हुए थे. यानी हर 45 घंटे में एक घटना. By ETV Bharat Uttar Pradesh…

ETV Bharat के अनुसार8 अगस्त 2026 को 11:18 am बजे
लखनऊ कितना सुरक्षित? कहीं लिफ्ट मांगकर काटी जेब, कहीं कार का शीशा खुलवाकर टप्पेबाजी

सौजन्य से:- ETV Bharat

लखनऊ कितना सुरक्षित? कहीं लिफ्ट मांगकर काटी जेब, कहीं कार का शीशा खुलवाकर टप्पेबाजी

1 जनवरी से 12 जुलाई 2025 तक लखनऊ में लूट और स्नैचिंग के 107 मामले दर्ज हुए थे. यानी हर 45 घंटे में एक घटना.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 8, 2026 at 3:56 PM IST

लखनऊ : राजधानी की सड़कें इन दिनों एक अलग तरह के अपराध की चुनौती से जूझ रही हैं. कहीं बाइक सवार बदमाश राह चलते लोगों के गले से चेन झपटकर भाग रहे हैं, कहीं लिफ्ट मांगने के बहाने जेब काटी जा रही है और कहीं कार का शीशा खुलवाकर मोबाइल और पर्स पर हाथ साफ करने की कोशिश हो रही है. हाल की घटनाओं को देखें तो अपराधियों ने वारदात के तरीके भी बदल दिए हैं.

पुलिस आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी से 12 जुलाई 2025 तक लखनऊ में लूट और स्नैचिंग के 107 मामले दर्ज हुए थे. पुलिस ने 162 आरोपियों को गिरफ्तार करने और करीब 96.21 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने दावा किया था. दक्षिणी जोन में सबसे ज्यादा 28, जबकि मध्य और पश्चिमी जोन में 24-24 मामले दर्ज हुए थे. यह आंकड़ा केवल जेबकतरी का नहीं है, बल्कि इसमें चेन, मोबाइल, पर्स स्नैचिंग और दूसरी तरह की लूट भी शामिल है. 12 जुलाई 2026 तक कई घटनाएं सामने आई हैं, जो इन दिलों लखनऊ में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ी कर रही है.

मॉर्निंग वॉक पर निकले डॉक्टर से चेन स्नैचिंग : 7 अगस्त 2026 की सुबह गुड़ंबा थाना क्षेत्र में जनता इंटर कॉलेज के पास डॉ. पवन कपूर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. हेलमेट पहने बाइक सवार दो बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए. गुड़ंबा पुलिस मौके पर पहुंची. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है.

जानकीपुरम में लिफ्ट के बहाने जेब काटी : जानकीपुरम की वारदात सबसे अलग तरीके की है. सेक्टर-3 निवासी दुकानदार अजयकांत कटियार स्कूटी से जा रहे थे. रास्ते में एक युवक ने उनसे लिफ्ट मांगी. मदद की नीयत से उन्होंने उसे स्कूटी पर बैठा लिया. कुछ दूर जाने के बाद आरोपी ने मौका देखकर उनकी जेब काट ली. अजयकांत के मुताबिक जेब में 60 हजार रुपये थे. आरोपी के उतरते समय उसके पास मौजूद 13,500 रुपये सड़क पर गिर गए, जिन्हें पीड़ित ने वापस पा लिया, लेकिन 46,500 रुपये आरोपी लेकर फरार हो गया.

भरोसे का उठाया फायदा : पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की है. जानकीपुरम इंस्पेक्टर विनोद कुमार तिवारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बदमाश ने न तो जबरन रास्ता रोका और न ही हथियार दिखाया. उसने सिर्फ लिफ्ट मांगकर भरोसा हासिल किया और उसी भरोसे का फायदा उठाया.

कार का शीशा खुलवाया, मोबाइल-पर्स पर हाथ साफ करने की कोशिश : मड़ियांव क्षेत्र में रहने वाले हर्ष अपनी कार से सीतापुर रोड से आईआईएम रोड की तरफ जा रहे थे. रास्ते में एक युवक ने कार की दाईं तरफ आकर शीशा खटखटाया. हर्ष ने बातचीत के लिए शीशा नीचे किया. इसी दौरान दूसरा युवक कार की दूसरी तरफ पहुंच गया और शीशा खटखटाने लगा. जैसे ही हर्ष ने दूसरी तरफ का शीशा खोला, आरोपी ने गियर के पास रखा मोबाइल-पर्स उठा लिया और भागने लगा. हर्ष ने पीछा किया तो आरोपी घबरा गया और मोबाइल व पर्स रास्ते में फेंककर भाग निकला. पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की.

चेन स्नैचिंग का पुराना तरीका अब भी चुनौती : लखनऊ में चेन स्नैचिंग का सबसे आम तरीका बाइक सवार बदमाशों का है. बदमाश पहले रेकी करते हैं, फिर अकेली महिला, बुजुर्ग या सड़क पर अकेले चल रहे व्यक्ति को निशाना बनाते हैं. बाइक की रफ्तार तेज होती है और कुछ सेकेंड में चेन झपटकर बदमाश फरार हो जाते हैं. 2026 में भी इस तरीके की कई घटनाएं सामने आईं हैं. फरवरी में वृंदावन कॉलोनी में रीता ने चेन छीनने की कोशिश कर रहे बदमाश का मुकाबला किया. घटना CCTV में कैद हुई. महिला ने बदमाश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह बाइक तेज कर भाग गया.

फरवरी में दो चेन स्नैचर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार : 21 फरवरी 2026 को गाजीपुर व इंदिरानगर क्षेत्र में पुलिस ने चेन स्नैचिंग के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की. पुलिस चेकिंग के दौरान स्कूटर सवार संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई. आरोपियों ने भागने की कोशिश की और इस दौरान एक आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और दोनों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उन्हें हाल की चेन स्नैचिंग की घटनाओं से जोड़ा था.

फास्ट फूड ठेले की आड़ में चेन लूट : अप्रैल 2026 में लखनऊ पुलिस ने चेन स्नैचिंग के आरोपी विशाल खत्री को गिरफ्तार किया. आरोपी अपने साथी के साथ महिलाओं को निशाना बनाता था और फास्ट फूड ठेले की आड़ में रेकी करता था. पुलिस ने उसके पास से लूटी गई चेन, लॉकेट, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की थी.

12 घंटे में दो महिलाओं की चेन लूट : अप्रैल 2026 में लखनऊ में महज 12 घंटे के भीतर दो महिलाओं से चेन लूटने की घटनाएं सामने आईं. गोमतीनगर में जनेश्वर मिश्र पार्क रेलवे फ्लाईओवर के पास मॉर्निंग वॉक कर रही महिला को बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बनाया. इसके बाद नाका इलाके के मोतीनगर में भी महिला से चेन लूट की घटना सामने आई. गोमतीनगर मामले में पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों को पकड़ा.

महिला रेलकर्मी से चेन लूट, आरोपी गिरफ्तार : अप्रैल 2026 में दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास ऑटो सवार महिला रेलकर्मी से चेन लूट की घटना हुई. आलमबाग पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से चेन के दो टुकड़े और वारदात में इस्तेमाल नीले रंग की स्कूटी बरामद की गई.

एक ही परिवार की तीन महिलाओं का गिरोह भी पकड़ा गया : लखनऊ के अमीनाबाद क्षेत्र में जनवरी 2026 में पुलिस ने महिलाओं के जेवर चोरी करने वाले तीन महिलाओं के गिरोह का खुलासा किया. तीनों महिलाएं भीड़भाड़ वाले बाजार और सार्वजनिक परिवहन को निशाना बनाती थीं. एक मामले में ई-रिक्शा से यात्रा कर रही महिला और उसकी बेटी के जेवर चोरी होने के बाद पुलिस ने CCTV और तकनीकी इनपुट की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर सोने की चेन, मंगलसूत्र, सोने का लॉकेट और नकदी बरामद की.

जेबकतरी का तरीका भी बदला, लिफ्ट बना नया हथियार : जेबकतरी के मामलों में भी अपराधियों ने तरीका बदला है. अब कई मामलों में बदमाश खुद राहगीर से लिफ्ट मांगते हैं. वाहन पर बैठने के बाद कुछ दूरी तक सामान्य व्यवहार करते हैं और फिर मौका देखकर जेब काट लेते हैं. फरवरी 2026 में लखनऊ के आसपास के इलाके में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया था, जो पुलिस कर्मी जैसी वेशभूषा और तौर-तरीके अपनाकर बाइक सवारों को रोकते और फिर उनकी जेब काटते थे. पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर नकदी, जेब काटने में इस्तेमाल होने वाले ब्लेड और वाहन बरामद किए थे.

हर 45 घंटे में एक घटना : लखनऊ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 12 जुलाई 2025 तक 107 लूट और स्नैचिंग की घटनाएं दर्ज हुई थीं. यानी औसतन करीब हर 45 घंटे में एक मामला. इन मामलों में पुलिस ने 162 लोगों को गिरफ्तार किया था और करीब 96.21 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की थी.

लेकिन यह आंकड़ा सिर्फ जेबकतरी का नहीं है. इसमें चेन स्नैचिंग, मोबाइल-पर्स छीनने और अन्य लूट के मामले शामिल हैं.

पुलिस के सामने चुनौती क्या है? ऐसी घटनाओं में पुलिस के सामने कई स्तर की चुनौती होती है. पहली चुनौती है घटना के तुरंत बाद आरोपी की पहचान. दूसरी चुनौती है कि बदमाश अक्सर नंबर प्लेट छिपाकर या बदलकर चलते हैं. तीसरी चुनौती वारदात कुछ सेकेंड में होती है और आरोपी कई रास्तों से भाग सकता है. CCTV नेटवर्क पुलिस के लिए सबसे अहम हथियार बनता जा रहा है. सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड और चोरी व लूटे गए सामान की बिक्री के रास्तों की जांच की जाती है. अपराधियों के तरीके लगातार बदलने से पुलिस के लिए चुनौती भी बनी रहती है.

जॉइंट पुलिस कमिश्नर बबलू कुमार ने कहा, लखनऊ पुलिस इस तरह की घटनाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. चेन स्नैचिंग, लूट और टप्पेबाजी जैसी घटनाओं में शामिल कई अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है.

बबलू कुमार ने कहा, लोगों की सुरक्षा के लिए शहर में बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग भी बढ़ाई गई है, ताकि सड़क पर होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके. उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की कोई घटना सामने आती है तो पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं.

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