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उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के घटते समय को लेकर मायावती चिंतित, बोलीं- सिर्फ औपचारिकता ही न रह जाये - bsp president mayawati is worried for lesser up vidhanmandal session time

उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के घटते समय को लेकर मायावती चिंतित, बोलीं- सिर्फ औपचारिकता ही न रह जाये Mayawati: कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन मंगलवार 4 अगस्त को सरकारी खर्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य…

Jagran के अनुसार3 अगस्त 2026 को 08:18 am बजे
उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के घटते समय को लेकर मायावती चिंतित, बोलीं- सिर्फ औपचारिकता ही न रह जाये
 - bsp president mayawati is worried for lesser up vidhanmandal session time

सौजन्य से:- Jagran

उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के घटते समय को लेकर मायावती चिंतित, बोलीं- सिर्फ औपचारिकता ही न रह जाये

Mayawati: कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन मंगलवार 4 अगस्त को सरकारी खर्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी। ...और पढ़ें

HighLights

- यूपी विधानमंडल का चार दिवसीय मानसून सत्र आज से, छह को होगा समाप्त

- बसपा मुखिया मायावती को अति-अल्पकालीन सत्र से भी काफी अपेक्षा

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती उत्तर प्रदेश विधानमंडल के लगातार घटते सत्र को लेकर काफी चिंतित हैं। चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने इसको लेकर एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट की।

बसपा मुखिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र आज तीन अगस्त से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन मंगलवार 4 अगस्त को सरकारी खर्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी।

मायावती ने कहा कि यह सत्र अति-अल्पकालीन है, फिर भी लोगों की यही अपेक्षा है कि यूपी विधानमण्डल का यह सत्र, संसद के वर्तमान सत्र की तरह ही, देश व जनहित, जनकल्याण एवं जव्लन्त जन समस्याओं के प्रति समर्पित होने के बजाय, संकीर्ण दलगत राजनीति, खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप व हंगामा आदि की पूरी तरह से भेंट ना चढ़ जाये।

सत्र को लेकर लोगों की यह चिंता भी स्वाभाविक

उन्होंने कहा कि वैसे इस अल्पकालीन सत्र को लेकर लोगों की यह चिंता भी स्वाभाविक ही है कि अफसरशाही (ब्यूरोक्रेसी) को संविधान के शपथ के प्रति जवाबदेह एवं जनहित, जनकल्याण को लेकर उत्तरदायी बनाये रखने के लिये ज़रूरी है कि विधायिका का संवैधानिक प्रभाव किसी भी प्रकार से कम ना होने पाये।

इसके लिये यूपी के विधानमंडल के लगातार घटते सत्र के साथ-साथ विधानसभा का इतना संक्षिप्त सत्र क्या अपना वास्तविक उद्देश्य हासिल कर पायेगा या फिर केवल औपचारिकता ही रह जायेगी।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि देश के संविधान व यहा लोकतंत्र की मजबूती तथा अफसरशाही पर लगाम के लिये विधायिका की मजबूती अति-महत्वपूर्ण है। इसके लिये सरकार व विपक्ष दोनों का गंभीर संसदीय आचरण भी जरूरी है।

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1. उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का मानसून सत्र आज दिनांक 3 अगस्त से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक़ कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन दिनांक 4 अगस्त को सरकारी ख़र्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी।

— Mayawati (@Mayawati) August 3, 2026

2. हालाँकि यह सत्र अति-अल्पकालीन है, फिर…

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