यूपी में भाजपा के कई मौजूदा विधायकों के कट सकते हैं टिकट, आंतरिक सर्वे में ठीक नहीं मिला रिपोर्ट कार्ड
यूपी में भाजपा के कई मौजूदा विधायकों के कट सकते हैं टिकट, आंतरिक सर्वे में ठीक नहीं मिला रिपोर्ट कार्ड UP BJP News: यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा कई मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। इसे लेकर रा…

सौजन्य से:- Hindustan
यूपी में भाजपा के कई मौजूदा विधायकों के कट सकते हैं टिकट, आंतरिक सर्वे में ठीक नहीं मिला रिपोर्ट कार्ड
UP BJP News: यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा कई मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि हाईकमान कई राउंड में आंतरिक सर्वे करा चुका है। इसमें इन विधायकों का रिपोर्ट कार्ड सही नहीं पाया गया है।
अजय श्रीवास्तव, गोरखपुर
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। प्रदेश में जीत की हैट्रिक को लेकर शीर्ष नेतृत्व कई राउंड में आंतरिक सर्वे करा चुका है। ताजा सर्वे में गोरखपुर क्षेत्र के कई सीटिंग विधायकों का रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं मिला है। ऐसे में इनका टिकट कटने की अटकलें लगने लगीं हैं। वहीं, 17 सितंबर से महीने भर चलने वाले सेवा संकल्प अभियान में गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के आने की चर्चाओं ने विधायकों की नींद उड़ा रखी है।
गोरखपुर क्षेत्र में 10 प्रशासनिक और 12 संगठनात्मक जिले आते हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के सामने न सिर्फ 2022 के विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन के दोहराने के साथ ही इसे बेहतर करने की चुनौती है। पिछले विधानसभा चुनाव में गोरखपुर क्षेत्र की 62 विधानसभा में 42 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, लोकसभा की 13 सीटों में 6 भाजपा के पास है। पिछले अनुभव बताते हैं कि भाजपा की स्थिति भले ही गोरखपुर-बस्ती मंडल में ठीक रही हो लेकिन मऊ, आजमगढ़ और बलिया में अच्छी नहीं थी।
गोरखपुर क्षेत्र के 15 विधायकों का रिपोर्ट कॉर्ड ठीक नहीं
आंतरिक सर्वे में साफ हुआ है कि सीटिंग 42 विधायकों में 15 से अधिक विधायकों की रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं है। पार्टी के जानकार बताते हैं कि सर्वे में लाभार्थी योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थितियां ठीक हैं, लेकिन विधायकों के प्रदर्शन के स्तर पर लोगों में आक्रोश दिख रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी चेहरों को बदल कर लोगों के गुस्से को कम कर जीत सुनिश्चित करना चाहती है।
17 सितम्बर के बाद आ सकते हैं अमित शाह और तावड़े
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की माने तो 17 सितम्बर से 17 अक्तूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के बहाने पार्टी लोगों के बीच पहुंचने की कोशिश में है। 13 बिंदुओं पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से पार्टी संदेश पहुंचाना चाहती है कि डबल इंजन की सरकार में विकास के हर पैमाने पर बेहतर काम हुआ है। इन कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े जैसे दिग्गज गोरखपुर क्षेत्र में आ सकते हैं। दिग्गज नेता गोरखपुर आएंगे या फिर बलिया-आजमगढ़ इसपर स्थानीय नेता कुछ बोलने से बच रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि यूपी विधानसभा को लेकर संभावित चेहरों की तलाश को लेकर दौरे के बहाने कोशिशें जरूर होंगी।
प्रदेश में जल्द लगेंगे बड़े नेताओं के दौरे
गोरखपुर क्षेत्र के भाजपा के अध्यक्ष विनोद राय ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष प्रदेश के छह क्षेत्रों में आएंगे। इन्हें गोरखपुर क्षेत्र में भी आना है।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

UP Election Survey: यूपी का पहला चुनावी सर्वे, बुंदेलखंड और अवध में भाजपा को जोरदार बढ़त; देखें आंकड़े

पश्चिम उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं ने नहीं किया काम; हाई कोर्ट बैंच पर CM के बयान से नाराजगी; मेरठ में निकाला जुलूस - up lawyers protest cm yogis stance on high court bench

Reservation issue sharpens Uttar Pradesh’s caste fault lines ahead of Assembly polls


