क्या यूपी में बीजेपी के सहयोगी दल काशी में पीएम मोदी के जन्मदिन के जश्न से दूर रहेंगे?
बीजेपी पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनके 76वें जन्मदिन और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। वाराणसी में होने वाले इस कार्…

सौजन्य से:- Navbharat Times
बीजेपी पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनके 76वें जन्मदिन और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। वाराणसी में होने वाले इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान जैसे नेताओं के शामिल होने की आशा है। यह जश्न बीजेपी के महीने भर चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। पार्टी इसे सेवा, जन कल्याण और सुशासन पर केंद्रित एक जमीनी स्तर का अभियान बता रही है।
वडनगर से वाराणसी तक बाइक यात्रा
सेवा संकल्प अभियान का एक अहम हिस्सा दोतरफा बाइक यात्रा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान गुजरात के वडनगर से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक होनी है। वाराणसी और वडनगर के बीच 20 रूटों से गुजरने वाली इस रैली का आयोजन बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा करेगी।सहयोगी दलों में नहीं दिख रहा उत्साह
हालांकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सहयोगी दलों में इस आयोजन को लेकर उत्साह कम देखा जा रहा है। यूपी में बीजेपी के महत्वपूर्ण सहयोगी दलों में से एक अपना दल (एस) ने संकेत दिया है कि वाराणसी के कार्यक्रम में पार्टी का कोई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल नहीं होगा। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री आशीष पटेल ने कहा है कि वाराणसी के कार्यक्रम में पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता के शामिल होने के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। पटेल ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल वडनगर के कार्यक्रम में शामिल होंगी।निषाद पार्टी का कानपुर में कार्यक्रम
बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी ने वाराणसी के कार्यक्रम से दूर रहने के बारे में अधिक स्पष्ट बात कही है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण निषाद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पार्टी को मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिला है। निषाद पार्टी ने गुरुवार को कानपुर में अपना कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें पार्टी अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी 20 सितंबर को प्रयागराज में निषाद समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर केंद्रित एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की भी तैयारी कर रही है। निषाद पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए अपने मछुआरा समुदाय पर केंद्रित विशिष्ट राजनीतिक एजेंडे को मजबूत करने की कोशिश करेगी।मछुआरा समुदाय के नेता और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद बीजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं। वे मछुआरा जाति को ओबीसी से हटाकर दलित श्रेणी में शामिल करने और इसी वर्ग के तहत आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब बीजेपी अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के बीच व्यापक संगठनात्मक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।
आरएलडी के स्थानीय नेता ही शामिल होंगे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी मजबूत मानी जाने वाला बीजेपी का एक और महत्वपूर्ण सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने भी संकेत दिया है कि उसका कोई वरिष्ठ नेता वाराणसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि पार्टी ने अपनी स्थानीय इकाइयों को इसमें भाग लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, 'हम एनडीए का हिस्सा हैं और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री का उनके जन्मदिन पर अभिवादन करेंगे।'एसबीएसपी को आमंत्रण नहीं मिला
बीजेपी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की पुष्टि नहीं की है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने कहा है कि पार्टी को कोई निमंत्रण नहीं मिला है। वाराणसी के कार्यक्रम में शामिल होने के बारे में पार्टी नेतृत्व ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। एसबीएसपी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर हैं। वे यूपी के पंचायती राज मंत्री भी हैं।उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सहयोगी दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वाराणसी में होने वाले समारोह केवल पीएम मोदी के जन्मदिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसको उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने से भी जोड़ा गया है। महीने भर चलने वाला यह अभियान बीजेपी संगठन की लोगों के बीच पहुंच बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

UP Election Survey: यूपी का पहला चुनावी सर्वे, बुंदेलखंड और अवध में भाजपा को जोरदार बढ़त; देखें आंकड़े

पश्चिम उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं ने नहीं किया काम; हाई कोर्ट बैंच पर CM के बयान से नाराजगी; मेरठ में निकाला जुलूस - up lawyers protest cm yogis stance on high court bench

Reservation issue sharpens Uttar Pradesh’s caste fault lines ahead of Assembly polls


