लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से गिरा मलबा, हादसे का बढ़ा खतरा: बंथरा में वाहन गुजरते ही नीचे गिर रहे कंक्रीट के टुकड़े, सरिया भी दिखने लगी - Banthara(Sarojaninagar) News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से गिरा मलबा, हादसे का बढ़ा खतरा:बंथरा में वाहन गुजरते ही नीचे गिर रहे कंक्रीट के टुकड़े, सरिया भी दिखने लगी
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लखनऊ में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है।
बंथरा थाना क्षेत्र के आजाद विहार कॉलोनी स्थित रॉयल गेस्ट हाउस के सामने कानपुर से लखनऊ जाने वाले मार्ग पर एक्सप्रेसवे के निचले हिस्से से कंक्रीट का मलबा टूटकर नीचे गिर रहा है।
मलबा गिरने से एक्सप्रेसवे के नीचे से गुजरने वाले वाहन चालकों में सुरक्षा को लेकर चिंता है।
वाहन चालकों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के ऊपर से जब वाहन गुजरते हैं, उसी दौरान नीचे का मलबा टूटकर टपकने लगता है। कई वाहनों के ऊपर मलबा गिरने की बात भी सामने आई है। मौके पर एक्सप्रेसवे के निचले हिस्से में बड़ी मात्रा में कंक्रीट टूटकर नीचे आ चुका है और सरिया दिखाई देने लगी है।
रात 11:42 बजे गिरा मलबा
बताया गया कि रविवार रात करीब 11:42 बजे एक्सप्रेसवे के ऊपर से वाहन गुजर रहे थे। इसी दौरान नीचे कंक्रीट का मलबा गिरता दिखाई दिया। वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय तेज रफ्तार से गुजर रहे वाहनों पर अचानक मलबा गिरने से गंभीर हादसा हो सकता है। यदि कंक्रीट का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा तो इसकी चपेट में आने वाले वाहन सवारों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
NHAI ने रात में मरम्मत का दिया था भरोसा
घटना की जानकारी NHAI अधिकारियों को दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। मरम्मत कराए जाने की बात कही थी। हालांकि, इसके बावजूद मौके पर मरम्मत नहीं हो सकी। इससे वाहन चालकों में नाराजगी है।
वाहन चालकों का कहना है कि केवल निरीक्षण करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। संबंधित हिस्से की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना जरूरी है कि एक्सप्रेसवे के ऊपर से वाहनों के गुजरने पर नीचे का कंक्रीट क्यों टूटकर गिर रहा है।
साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि कहीं संरचना को किसी तरह का नुकसान तो नहीं पहुंचा है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। परियोजना की लागत करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये बताई जाती है।
इसका उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था।
उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद एक्सप्रेसवे के निचले हिस्से से मलबा गिरने और सरिया दिखाई देने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों पर दरार और डामर उखड़ने जैसी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है।
बड़े हादसे से पहले हो स्थायी समाधान
वाहन चालकों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के नीचे से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में मलबा गिरने की समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय अभी से विशेषज्ञों की टीम से संबंधित हिस्से की जांच कराकर स्थायी समाधान कराया जाए।
फिलहाल मरम्मत का आश्वासन दिए जाने के बावजूद काम नहीं हो पाने से सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि NHAI इस मामले में केवल अस्थायी मरम्मत करता है या एक्सप्रेसवे के संबंधित हिस्से की विस्तृत तकनीकी जांच कराकर समस्या की वास्तविक वजह सामने लाता है।
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