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मस्जिदों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर मायावती का योगी सरकार पर हमला, बोलीं- तुरंत रोक लगाए सरकार - Awaaz India Tv Channel

मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध घोषित…

Awaaz India Tv Channel के अनुसार5 सितंबर 2026 को 09:31 am बजे
मस्जिदों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर मायावती का योगी सरकार पर हमला, बोलीं- तुरंत रोक लगाए सरकार - Awaaz India Tv Channel

सौजन्य से:- Awaaz India Tv Channel

मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध घोषित कर ध्वस्त करने का सरकारी अभियान उचित नहीं है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख Mayawati ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रदेश में मस्जिदों को कथित तौर पर अवैध बताकर गिराए जाने के अभियान को तत्काल रोकने की मांग की है। मायावती ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सरकार को वैकल्पिक और कानूनी रास्तों से समाधान तलाशना चाहिए, ताकि समाज में तनाव और नकारात्मक माहौल पैदा न हो।

मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध घोषित कर ध्वस्त करने का सरकारी अभियान उचित नहीं है।

‘धार्मिक स्थलों का समान सम्मान और सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी’

BSP प्रमुख ने अपने बयान में संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि एक संवैधानिक सेक्युलर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी धर्मों को मानने वाले लोगों और उनके धार्मिक स्थलों का समान रूप से सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मायावती ने विशेष रूप से मस्जिदों की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लाम में मस्जिदें केवल धार्मिक इमारतें नहीं बल्कि इबादत और सामूहिक नमाज का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उनके मुताबिक, भारतीय परंपरा और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए धार्मिक स्थलों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाना चाहिए।

सहारनपुर मस्जिद मामले में क्या हुआ?

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा था। जुलाई 2026 में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इसे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा निर्माण मानते हुए हटाने का आदेश दिया था। आदेश में कथित अनधिकृत कब्जे को लेकर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति भी निर्धारित की गई थी।

मस्जिद पक्ष ने इस आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी, लेकिन सितंबर की शुरुआत में जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद 5 सितंबर को प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मस्जिद के ढांचे को ध्वस्त कर दिया।

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया और उन्हें नजरबंद किया गया।

‘अभियुक्त के मकान को गिराकर परिवार को सजा देना भी गलत’

मायावती ने अपने बयान में केवल धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर कोई अपराध या आरोप है, तो बिना नियम-कानून का समुचित पालन किए उसके मकान को ध्वस्त करना और उसके पूरे परिवार को सामूहिक रूप से सजा देकर बेघर करना उचित नहीं है।

BSP प्रमुख ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से आम लोगों में चिंता और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि शासन में ‘कानून द्वारा कानून का राज’ कायम होना चाहिए।

अदालतों से भी हस्तक्षेप की अपील

मायावती ने इस पूरे मामले में न्यायपालिका से भी समुचित ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि माननीय न्यायालयों को भी ऐसे मामलों में कानून और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप उचित ध्यान देना चाहिए।

हालांकि, सहारनपुर मामले में प्रशासन और अदालत का पक्ष यह रहा है कि संबंधित ढांचा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़ा था और अदालत ने उसके हटाने के आदेश को बरकरार रखा। इसलिए विवाद का एक प्रमुख पहलू धार्मिक स्थल के अधिकार के साथ-साथ सरकारी भूमि और सार्वजनिक परिसर के कथित अतिक्रमण से भी जुड़ा है।

‘लोग सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखें’

मायावती ने सरकार की आलोचना के साथ-साथ आम लोगों से भी संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह का तनाव या टकराव समाज के व्यापक हित में नहीं है।

उनके बयान से साफ है कि BSP इस मुद्दे को कानून के शासन, धार्मिक स्थलों के सम्मान और संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता के सवाल से जोड़कर देख रही है। सहारनपुर की घटना के बाद अब यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

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