होमक्राइमअखिलेश यादव पर बीजेपी का बड़ा हमला, साधु-संतों के अपमान का आरोप; यूपी चुनाव से पहले AI वीडियो पर तकरार
क्राइम

अखिलेश यादव पर बीजेपी का बड़ा हमला, साधु-संतों के अपमान का आरोप; यूपी चुनाव से पहले AI वीडियो पर तकरार

Akhilesh Yadav AI Video: यूपी चुनाव से पहले एआई वीडियो अभियान पर घमासान मच गया है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर उनके खिलाफ कैंपेन चलाने का आरोप लगाया है। लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व…

Navbharat Times के अनुसार1 सितंबर 2026 को 12:31 pm बजे
अखिलेश यादव पर बीजेपी का बड़ा हमला, साधु-संतों के अपमान का आरोप; यूपी चुनाव से पहले AI वीडियो पर तकरार

सौजन्य से:- Navbharat Times

Akhilesh Yadav AI Video: यूपी चुनाव से पहले एआई वीडियो अभियान पर घमासान मच गया है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर उनके खिलाफ कैंपेन चलाने का आरोप लगाया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वीडियो पर घमासान मच गया है। अखिलेश यादव से जुड़े विवादित मामलों को लेकर लगातार एआई वीडियो सामने आ रहे हैं। इन एआई वीडियो पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है। साथ ही, उन्होंने एक एआई वीडियो राम मंदिर चोरी प्रकरण पर भी पेश कर दिया। दरअसल, लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर रुख अपनाते हुए एआई वीडियो के जरिए राजनीतिक आक्षेप का आरोप लगाया।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर चोरी मुद्दे से जुड़ा एक एआई वीडियो भी चलवा दिया। इसमें दिखाया गया है कि साधु-संत राम मंदिर के खजाने से चोरी कर रहे हैं। इस वीडियो को चलाए जाने के दौरान अखिलेश यादव भी मुस्कुराते हुए इसे देख रहे थे। अब इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने हमला बोल दिया है।

भाजपा ने बोला हमला

यूपी भाजपा की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट पर अखिलेश यादव पर निशाना साधा गया है। इसमें कहा गया है कि अब अखिलेश यादव ने अपना मुखौटा स्वयं उतारकर फेंक दिया है। अब उन्होंने लकीर भी खींच दी है। प्रदेश की जनता के सामने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मूल विचारधारा क्या है? प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साधु-संतों, सनातन परंपरा और करोड़ों सनातनियों की आस्था का जिस प्रकार अपमान किया गया, वह उनकी सनातन विरोधी सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है।

राम मंदिर चोरी मामले पर चलाए जा रहे वीडियो के दौरान सपा अध्यक्ष के मुस्कुराने पर भी यूपी भाजपा की ओर से तंज कसा गया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि ऊपर से ये मुस्कान, मानो साधु-संतों और सनातन के अपमान पर उन्हें गर्व हो। दरअसल, राम मंदिर चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दान गणना कार्य में लगे आठ आरोपियों पर केस दर्ज कर जेल भेजा गया है। हालांकि, इस पर राजनीति जारी है।

अखिलेश की भी चेतावनी

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सपा एवं खुद के ऊपर बने एआई वीडियो और मीम्स को लेकर भाजपा को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा पैसे खर्च कर मेरे खिलाफ एआई कैंपेन चला रही है। अब हम भी एआई से वीडियो बनवाएंगे तो उन लोगों को बहुत बुरा लगेगा। सपा अध्यक्ष ने ऐलान किया कि शिक्षक दिवस पर समाजवादी पार्टी बंद किए गए 26 हजार स्कूलों पर कार्यक्रम करेगी।

अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष को बदनाम करने के लिए एआई वीडियो बनाकर प्रसारित करा रही है। हद तो ये हो गई कि वे डिंपल यादव के लिए भी बना रहे हैं। भाजपा ये बचपना बंद करे। हमें तो किसी ने फ्री में बनाकर भेज दिया है। उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी जोरदार हमला बोला।

सोशल मीडिया पर बढ़त की होड़

यूपी चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी लगातार एआई वीडियो के जरिए अपने चुनावी कैंपेन को आगे बढ़ती दिख रही हैं। कई एआई वीडियो में अखिलेश यादव पर समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान कानून व्यवस्था से लेकर महिला सुरक्षा तक के मुद्दे पर निशाना साधा गया है। इसके अलावा कई अन्य विवादित मुद्दों पर भी एआई वीडियो बनाए गए हैं। इस पूरे खेल के पीछे की वजह सोशल मीडिया पर पार्टी की छवि को बेहतर बनाना माना जा रहा है। युवाओं के बीच पहुंचने में ये वीडियो बड़े कारगर साबित हो रहे हैं और चर्चा का विषय बन रहे हैं।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

विशेषज्ञता- राजनीतिक खबरों का विश्लेषण, क्राइम की घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट, प्रशासनिक हलचल को लेकर इनसाइड स्टोरी, सरकार के फैसलों का आम लोगों पर असर का विश्लेषण।

पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत

राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा:

राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें