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वाराणसी में पढ़ा ल‍िखाकर पत्‍नी को बना द‍िया स‍िपाही, नौकरी म‍िलते ही बदले तेवर तो पहुंचा कानून की शरण में - after educating his wife and helping her secure a job as a police constable in varanasi

वाराणसी में पढ़ा लिखाकर पत्नी को बना दिया सिपाही, नौकरी मिलते ही बदले तेवर तो पहुंचा कानून की शरण में वाराणसी में एक पति ने पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सिपाही बनाया, लेकिन नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया ...और पढ़ें…

Jagran के अनुसार22 सितंबर 2026 को 07:04 am बजे
वाराणसी में पढ़ा ल‍िखाकर पत्‍नी को बना द‍िया स‍िपाही, नौकरी म‍िलते ही बदले तेवर तो पहुंचा कानून की शरण में
 - after educating his wife and helping her secure a job as a police constable in varanasi

सौजन्य से:- Jagran

वाराणसी में पढ़ा लिखाकर पत्नी को बना दिया सिपाही, नौकरी मिलते ही बदले तेवर तो पहुंचा कानून की शरण में

वाराणसी में एक पति ने पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सिपाही बनाया, लेकिन नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया ...और पढ़ें

HighLights

- पति ने पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सिपाही बनाया, फिर विवाद हुआ।

- नौकरी मिलने पर पत्नी ने पति को धमकाया, सामान भी ले गई।

- न्यायालय के आदेश पर शिवपुर थाने में महिला कांस्टेबल पर मुकदमा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सिपाही बनाने के बाद पति के खिलाफ धमकी देने का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर थाना शिवपुर पुलिस ने महिला कांस्टेबल पत्नी ममता यादव, उनके ससुर नखड़ु यादव और साले आशीष यादव तथा सतीश यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित माता प्रसाद यादव ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका विवाह वर्ष 2011 में ममता यादव के साथ हुआ। माता प्रसाद, जो कक्षा 10 पास हैं और मजदूरी करते हैं, ने अपनी पत्नी की पढ़ाई के प्रति ललक को देखते हुए उन्हें बीए, एमए, बीएड और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई। इसी दौरान ममता की नौकरी आबकारी विभाग प्रयागराज में महिला कांस्टेबल के पद पर लग गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नौकरी मिलने के बाद ममता ने पति के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव कर लिया। वह आए दिन उन्हें नीचा दिखाने लगीं और झगड़ा करने लगीं। जब माता प्रसाद बच्चों से मिलने जाते, तो ममता उन्हें बच्चों से मिलने भी नहीं देती थीं। इसके अलावा, कभी-कभी ममता अपने नौकरी से भी गायब रहती थीं।

पीड़ित ने बताया कि 8 जनवरी 2024 को ममता अपने भाइयों के साथ उनके घर आईं और अलमारी में रखे 48 हजार रुपए, अंगूठी, सोने की चेन और घड़ी लेकर धमकी देते हुए चली गईं। जब माता प्रसाद ने इस बारे में अपने ससुर और साले से बात की, तो उन्होंने भी गाली देते हुए धमकी दी। माता प्रसाद का आरोप है कि ममता अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे रही हैं।

इस मामले में थाना शिवपुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई करते हुए ममता यादव, उनके ससुर और साले के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद का प्रतीक है, बल्कि यह सरकारी नौकरी के दुरुपयोग और घरेलू हिंसा के मुद्दों को भी उजागर करता है। समाज में इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है, और यह आवश्यक है कि ऐसे मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करे ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।

इस घटना ने यह भी दर्शाया है कि कैसे एक व्यक्ति की सफलता उसके पारिवारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है। माता प्रसाद की मेहनत और पत्नी की पढ़ाई के बाद मिली नौकरी ने उनके रिश्ते में दरार डाल दी, जो कि एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है। पुलिस की जांच और न्यायालय की कार्रवाई इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

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