रायबरेली में बवाल, लखनऊ तक उबाल: सपा-ABVP विवाद की पूरी कहानी
यूपी के रायबरेली में बीते दिन समाजवादी पार्टी छात्र सभा और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद जमकर बवाल हुआ. सपा विधायक…

सौजन्य से:- AajTak
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यूपी के रायबरेली में बीते दिन समाजवादी पार्टी छात्र सभा और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद जमकर बवाल हुआ. सपा विधायक राहुल लोधी ने पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाया. हालांकि, पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है. मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है. फिलहाल, इसे पूरे घटनाक्रम के बाद जिले का सियासी पारा हाई हो गया है. सपाइयों और भाजपाइयों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. मामला लखनऊ तक पहुंच गया है. अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट कर इसे 'पीडीए पर प्रहार' बताया है. आइए जानते हैं पूरा विवाद...
सदस्यता अभियान के दौरान शुरू हुआ विवाद
दरअसल, गुरुवार दोपहर शहर कोतवाली क्षेत्र के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के गेट पर चलाए जा रहे सदस्यता अभियान के दौरान समाजवादी छात्र सभा के वर्कर्स और एबीवीपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते वाद-विवाद झड़प में बदल गया. खबर मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष, दो विधायक और तमाम कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. पुलिस भी आ गई. गहमागहमी के बीच कोतवाल शिवशंकर सिंह और सपा जिलाध्यक्ष में तीखी नोकझोंक हो गई. बात चूड़ी पहनने और घर बैठने तक पहुंच गई. गुस्साये सपाई एसपी ऑफिस की ओर कूच कर गए जहां हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को खदेड़ दिया.
कोतवाल शिवशंकर सिंह और सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव आपस में भिड़े
हंगामे की सूचना पर शहर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह जब मौके पर पहुंचे तो उनकी सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव से बहस हो गई. कोतवाल और जिलाध्यक्ष ने एक दूसरे को मर्यादा में रहने, 'चूड़ी पहनने' और 'औकात में रहने' तक की नसीहत दे डाली. इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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सपा विधायक का आरोप
बवाल के बीच हरचंदपुर से सपा के विधायक राहुल लोधी ने आरोप लगाया कि उनके साथ पुलिस ने मारपीट की. बकौल लोधी- 'आज हमारे साथ पुलिस के द्वारा मारपीट की गई... याद रखिएगा पीडीए समाज के लोगों आगे हम और आप जैसे लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी जाएगी और हमारे बच्चों की भी.'
राहुल लोधी ने कहा कि लोकतंत्र की आवाज़ पर जिस तरह बल प्रयोग हुआ, वह बेहद चिंताजनक है. सवाल पूछना और अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना कोई अपराध नहीं है. सत्ता के दबाव से आवाज़ें कुछ समय के लिए रोकी जा सकती हैं, मिटाई नहीं जा सकतीं. अन्याय के खिलाफ हमारा लोकतांत्रिक और संवैधानिक संघर्ष जारी रहेगा.
रायबरेली पुलिस का स्पष्टीकरण
मामले में सीओ सिटी ने बयान जारी कर बताया कि 17 सितंबर को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में एक कार्यक्रम को लेकर समाजवादी छात्रसभा और एबीवीपी सदस्यों के बीच बहस व कहासुनी हो गई. सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर एवं कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया.
दोनों पक्षों ने कॉलेज प्रशासन और अधिकारियों को अपनी मांगें व शिकायतें सौंपीं. पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर छात्रों के साथ मारपीट के आरोप पूरी तरह असत्य, भ्रामक और निराधार हैं. पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की, केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाई. वर्तमान में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है.
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अखिलेश यादव ने इसे 'पीडीए पर प्रहार' बताया
वहीं, इस पूरे मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रिएक्ट किया है. उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- 'रायबरेली में पीडीए समाज पर किया गया ये प्रहार बेहद अपमानजनक एवं निंदनीय है. हम सपा छात्र सभा के सभी सदस्यों की सराहना करते हैं कि भाजपा सरकार की पुलिस के दमन के बावजूद भी छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने में वे सब पूरी तरह सफल रहे. इससे भाजपा सरकार की पुलिस की हिंसक प्रवृत्ति भी सामने आ गई, ये सब देखकर भी पीडीए समाज में एक नई चेतना जागी है कि जब पीडीए समाज अपनी सरकार बनाएगा तभी बदलाव आएगा. ‘पीडीए’ पर किया गया हर वार-प्रहार, मिलके बनाएगा अपनी पीडीए सरकार.'
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कही ये बात
वहीं, प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने गृह जिले में हुए इस हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष और कोतवाल के बीच हुई बहस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- 'बाप रे इतना अहंकार... ये पब्लिक है सब जानती है... ये UP की पुलिस है जून में जनवरी का एहसास करा ही देती है.'
समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ता ने क्या कहा?
जब इस पूरे विवाद पर दोनों पक्षों से बात की गई तो उनके अपने-अपने तर्क थे. सपा नेता अखिलेश यादव 'माही' ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा हर साल सितंबर में सदस्यता अभियान चलाती है. इसी क्रम में फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के गेट पर छात्र सभा के जिलाध्यक्ष शुभम लोहिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता छात्र जागरूकता अभियान चला रहे थे. इसी बीच एबीवीपी के लोग वहां पहुंच गए, जबकि उनका कार्यक्रम पूर्व से निर्धारित नहीं था. काउंटर हटाने और पोस्टर-बैनर को लेकर कहासुनी करने लगे. विवाद बढ़ते देख सीनियर नेताओं को बुलाया गया. पार्टी के जिलाध्यक्ष ने पुलिस के सामने जब सपा का बैनर उतराने पर सवाल किया तो उल्टा जवाब मिला. इसी के बाद स्थिति बिगड़ गई और पुलिस ने पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया.
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उधर, एबीवीपी से जुड़े रहे अनुराग शुक्ला ने बताया कि समाजवादी छात्र सभा से पहले हम लोग सदस्यता अभियान चला रहे थे. हमने अपना काउंटर अलॉट करा रखा था. लेकिन दूसरा पक्ष उसे जबरन यूज करना चाह रहा था. इसी बात पर विवाद शुरू हुआ जो आगे बढ़ता गया. हम लोगों की संख्या कम थी, समाजवादी लोगों ने अपने जिलाध्यक्ष समेत तमाम नेताओं को बुला लिया था, उन्होंने हमारे और पुलिस के साथ अभद्रता की. इस मामले में तहरीर दी गई है.
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