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मेरी तलाश में पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची थी यूपी पुलिस: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

मेरी तलाश में पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची थी यूपी पुलिस: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा Praveen Mishra 4 Sept 2026 9:30 PM IST पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दावा किया है कि उत्तर…

Live Law Hindi के अनुसार4 सितंबर 2026 को 04:31 pm बजे
मेरी तलाश में पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची थी यूपी पुलिस: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सौजन्य से:- Live Law Hindi

मेरी तलाश में पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची थी यूपी पुलिस: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

Praveen Mishra

4 Sept 2026 9:30 PM IST

पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दावा किया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम ने 22-23 अगस्त की दरम्यानी रात दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित पूर्व दिल्ली मेयर फरहाद सूरी के आवास में प्रवेश किया था। उपाध्याय के अनुसार, पुलिस टीम कथित तौर पर उनकी तलाश में वहां पहुंची थी।

उपाध्याय ने अपने लंबित रिट याचिका मामले में 3 सितंबर को दाखिल अतिरिक्त हलफनामे में इस कथित घटना से संबंधित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एक रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फरहाद सूरी ने पुलिस से संपर्क कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

हालांकि, उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि घटना के समय वह स्वयं सूरी के आवास पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड मंगाए जाने जरूरी हैं।

पुलिस टीम के दिल्ली पहुंचने का रिकॉर्ड मांगा

उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से पुलिस कार्रवाई से जुड़े विभिन्न रिकॉर्ड तलब करने का अनुरोध किया है। इनमें दिल्ली आने के लिए पुलिस टीम को दी गई अनुमति या प्राधिकरण, पुलिसकर्मियों और वाहनों की आवाजाही का विवरण, दिल्ली पुलिस के साथ हुई बातचीत एवं संचार रिकॉर्ड तथा सीसीटीवी फुटेज, बॉडी-कैमरा रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं।

हलफनामे में एक महत्वपूर्ण तथ्य के तौर पर यह भी बताया गया है कि जिस पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में कथित तौर पर टीम सूरी के आवास पहुंची थी, वही अधिकारी उपाध्याय के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई में भी शामिल है।

सड़क विवाद की एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में दी है चुनौती

दरअसल, अभिषेक उपाध्याय ने गाजियाबाद पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। यह एफआईआर कथित रोड-रेज की घटना से संबंधित है।

उपाध्याय का आरोप है कि उनके खिलाफ दर्ज मामला उनकी पत्रकारिता और रिपोर्टिंग के कारण उन्हें परेशान करने की दुर्भावनापूर्ण कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने विशेष रूप से राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर अपनी रिपोर्टिंग का उल्लेख किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने उन्हें इस एफआईआर के मामले में दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण दिया था और पुलिस को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

X अकाउंट से जुड़ी जानकारी मांगने पर भी जताई थी आपत्ति

इसके बाद उपाध्याय ने एक और आवेदन दाखिल कर बताया कि गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने X से उनके अकाउंट से जुड़ी व्यापक डिजिटल जानकारी मांगी है। इसमें आईपी एड्रेस और डिवाइस से संबंधित जानकारी भी शामिल थी, जो कथित 18 अगस्त की रोड-रेज घटना से कई सप्ताह पहले, 1 जून से मांगी गई थी।

उपाध्याय ने आशंका जताई कि इस तरह की जानकारी हासिल करने से उनके पत्रकारीय स्रोतों की पहचान उजागर हो सकती है, खासकर उन लोगों की जिन्होंने राम मंदिर चंदे से जुड़ी उनकी जांच में उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई थी।

पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग

अपने ताजा हलफनामे में उपाध्याय ने कहा है कि दिल्ली में पुलिस टीम के कथित रूप से पहुंचने की घटना को उनके खिलाफ की गई अन्य पुलिस कार्रवाइयों के साथ देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या जांच की शक्तियों का इस्तेमाल चुनिंदा या अनुपातहीन तरीके से किया जा रहा है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पूरे मामले से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड मंगाकर इसकी न्यायिक जांच के दायरे में समीक्षा करने का आग्रह किया है।

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अनूप प्रकाश अवस्थी पेश हो रहे हैं।

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