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यूपी में 'पर ड्रॉप-मोर क्रॉप' योजना; किसानों को मिलेगा 80 से 90 फीसदी अनुदान, जानिये कैसे ले सकते हैं इसका लाभ?

यूपी में 'पर ड्रॉप-मोर क्रॉप' योजना; किसानों को मिलेगा 80 से 90 फीसदी अनुदान, जानिये कैसे ले सकते हैं इसका लाभ? जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि किसानों के लिए यह बेहद लाभकारी योजना है. By ETV Bharat Uttar Pra…

ETV Bharat के अनुसार9 अगस्त 2026 को 11:18 am बजे
यूपी में 'पर ड्रॉप-मोर क्रॉप' योजना; किसानों को मिलेगा 80 से 90 फीसदी अनुदान, जानिये कैसे ले सकते हैं इसका लाभ?

सौजन्य से:- ETV Bharat

यूपी में 'पर ड्रॉप-मोर क्रॉप' योजना; किसानों को मिलेगा 80 से 90 फीसदी अनुदान, जानिये कैसे ले सकते हैं इसका लाभ?

जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि किसानों के लिए यह बेहद लाभकारी योजना है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 9, 2026 at 3:51 PM IST

फिरोजाबाद : प्रगतिशील किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. सिंचाई के लिए किसान केंद्र सरकार की 'पर ड्रॉप-मोर क्रॉप' योजना का लाभ ले सकते हैं. इस योजना के तहत किसान टपक सिंचाई (ड्रिप सिंचाई) और फव्वारा (स्प्रिंकलर) से सिंचाई कर सकते हैं. सरकार इस योजना पर 90 फीसदी अनुदान भी दे रही है. कोई भी किसान जो खेती करता है, वह इस योजना का लाभ ले सकता है.

जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि किसानों के लिए यह बेहद लाभकारी योजना है. इस योजना से जहां पानी की बचत होगी, वहीं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा. उन्होंने बताया कि इस योजना में फव्वारा विधि से फसलों की सिंचाई होती है. उन्होंने बताया कि जनपद के किसान इस योजना का लाभ ले चुके हैं.

उन्होंने बताया कि इस विशेष योजना में सरकार किसानों को 90 फीसदी तक अनुदान देती है. लघु सीमांत किसानों को जहां 90 फीसदी अनुदान दिया जाता है, वहीं बड़े काश्तकारों के लिए 80 फीसदी अनुदान है. कोई भी किसान इस योजना का लाभ ले सकता है. इस योजना के अंतर्गत आच्छादित होने वाले किसान के पास जलस्रोत होना चाहिए या फिर किसी जलस्रोत वाले किसान से अनुबंध होना चाहिए.

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस योजना से किसानों को कई फायदे मिलेगें. सबसे बड़ा फायदा पानी की बचत है. फव्वारा विधि और टपक सिंचाई विधि से सिंचाई करने पर 30 से 50 प्रतिशत पानी की बचत होगी. वहीं, फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा.

उन्होंने बताया कि इससे फसल की कीमत बढ़ेगी और लागत कम आएगी. उन्होंने बताया कि कोई भी किसान जो पात्रता की श्रेणी में आता हो वह उद्यान विभाग से सम्पर्क कर इस योजना के तहत आवेदन कर सकता है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिये सब्सिडी सीधे किसान के खाते में जाएगी.

अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना के लिये कोई भी किसान आवेदन कर सकता है, जिसके पास जमीन हो. किसान उद्यान विभाग से सम्पर्क कर सकता है. विभागीय कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जाता है.

उद्यान निरीक्षक रणदीप यादव के मुताबिक, यह योजना साल 2015-16 में शुरू हुई थी. जिले में अब तक दो हजार से ज्यादा किसानों को आच्छादित किया जा चुका है. इस साल भी अब तक लगभग एक हजार आवेदन मिल चुके हैं, जिनमें से लगभग दो सौ को योजना का लाभ मिल चुका है. अन्य लाभार्थियों को लाभ दिलाने का काम चल रहा है.

उन्होंने बताया कि 'पर ड्राप, मोर क्रॉप' एक ऐसी योजना है जिसमें स्प्रिंकलर सिंचाई यानी कि फव्वारा पद्धति से सिंचाई होती है. इसमें पम्प और पाइप की मदद से बारिश की तरह फुहारों के रूप में खेतों में पानी का छिड़काव किया जाता है. इस पद्धति से सिंचाई करने से पूरे खेत में समान रूप से पानी फैलता है और उसकी बर्बादी नहीं होती. ऊंची, नीची और पथरीली जमीन पर भी आसानी से सिंचाई हो सकती है.

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