यूपी में लहलहाएगी स्ट्रॉबेरी की फसल; 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा अनुदान, 39 जिलों में लागू होगी योजना
यूपी में लहलहाएगी स्ट्रॉबेरी की फसल; 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा अनुदान, 39 जिलों में लागू होगी योजना पढ़ें प्रताप सिंह के संपादन में संवाददाता खुर्शीद अहमद की खबर. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : Se…

सौजन्य से:- ETV Bharat
यूपी में लहलहाएगी स्ट्रॉबेरी की फसल; 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा अनुदान, 39 जिलों में लागू होगी योजना
पढ़ें प्रताप सिंह के संपादन में संवाददाता खुर्शीद अहमद की खबर.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 19, 2026 at 2:49 PM IST
लखनऊ : मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने उच्च मूल्य वाली फसलें उगाने और बागवानी पर जोर देना शुरू कर दिया है. योजना के तहत अब पारंपरिक गेहूं, धान और दलहन की खेती के साथ-साथ हाई वैल्यू हॉर्टिकल्चर फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी कड़ी में स्ट्रॉबेरी की खेती को प्रोत्साहित करने की योजना शुरू की है. योजना के तहत 39 जिलों में स्ट्रॉबेरी की खेती का लक्ष्य तय किया गया है. इसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये तक का अनुदान भी दिया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का मकसद किसानों को कम क्षेत्रफल में अधिक आमदनी देने वाली फसलों की ओर ले जाना है. स्ट्रॉबेरी ऐसी फसल है, जिसमें किसान अपेक्षाकृत कम क्षेत्रफल में अच्छी आय हासिल कर सकते हैं. एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती से करीब 25 लाख रुपये तक की आय संभव है. सरकार ऐसी ही अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के संवर्धन पर जोर दे रही है.
उद्यान राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक सीधे पहुंचाने के लिए डीबीटी के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था अपनाई जा रही है. प्रथमचरण में राज्य स्तर पर स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए 39 जिलों को योजना में शामिल किया जाना है. सभी 39 जिलों की सूची और जिलेवार लक्ष्य जल्द ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगा. योजना का विस्तृत ब्यौरा निर्धारित लक्ष्य, उपलब्ध बजट और विभागीय मानकों के आधार पर मिलेगा.
80 हजार रुपये का अनुदान पूरी लागत नहीं : किसानों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये का अनुदान स्ट्रॉबेरी की पूरी खेती की लागत नहीं है. यह योजना के निर्धारित मानकों के तहत मिलने वाली सहायता है. खेती की वास्तविक लागत पौध, खेत की तैयारी, मल्चिंग, सिंचाई, मजदूरी, उर्वरक, कीट-रोग नियंत्रण और परिवहन समेत कई चीजों पर निर्भर करेगी.
खेती के लिए आवेदन से पहले करें ये काम : किसानों को आवेदन से पहले जिला उद्यान विभाग और नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से स्ट्रॉबेरी की किस्म, पौध, रोपाई की तकनीक और स्थानीय मौसम के हिसाब से खेती की जानकारी लेनी होगी. योजना की इकाई लागत, अनुदान की गणना, भुगतान की प्रक्रिया और सत्यापन से जुड़े मानकों के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा.
प्रयागराज में पहले से किसानों की दिलचस्पी : स्ट्रॉबेरी की खेती को लेकर किसानों की बढ़ती रुचि का उदाहरण प्रयागराज में देखने को मिल रहा है. जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट में उद्यान विभाग की ओर से किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए मदद और पौध उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी. इसमें किसानों के लिए पौध उपलब्ध कराने और पंजीकरण की व्यवस्था का भी उल्लेख है.
स्ट्राबेरी की खेती मुनाफे का अच्छा विकल्प : स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का विकल्प बन सकती है, लेकिन सिर्फ सब्सिडी देखकर इसकी खेती शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है. इसके लिए किसानों के लिए बेहतर होगा कि वे पहले विभागीय प्रशिक्षण लें, स्थानीय बाजार की संभावनाओं को समझें और शुरुआत छोटे स्तर पर करें.
यह भी पढ़ें : ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती कर देगी मालामाल; बस इस तरीके को आजमाएं
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