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लखनऊ: 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का हंगामा, केशव प्रसाद मौर्य के आवास का किया घेराव

लखनऊ: 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का हंगामा, केशव प्रसाद मौर्य के आवास का किया घेराव अभ्यर्थियों के मुताबिक साल 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थिय…

abplive.com के अनुसार12 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
लखनऊ: 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का हंगामा, केशव प्रसाद मौर्य के आवास का किया घेराव

सौजन्य से:- abplive.com

लखनऊ: 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का हंगामा, केशव प्रसाद मौर्य के आवास का किया घेराव

अभ्यर्थियों के मुताबिक साल 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 5 फीसदी छूट का प्रावधान था.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर पहुंच गए और घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी. करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की कोशिश की. इस दौरान कई अभ्यर्थियों को पुलिसकर्मी उठाकर वहां से ले गए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन हटाया गया और पुलिस ने उनके साथ अभद्रता करते हुए कपड़े तक फाड़ दिए. हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे. उन्होंने 'ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है' और 'पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है' जैसे नारे लगाए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने 'केशव चाचा न्याय करो' के नारे भी लगाए. अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया. इसी को लेकर वे लंबे समय से नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं.

मंत्री और अधिकारियों ने भी माना कि गड़बड़ी हुई

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी तूफान सिंह ने कहा कि 10 सितंबर को उनकी बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ बैठक हुई थी. उनके मुताबिक बैठक में दोनों विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. तूफान सिंह का दावा है कि बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों ने भी भर्ती में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की. उन्होंने कहा कि जब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से भी आरक्षण से जुड़े मामले में आदेश दिए गए हैं, तो फिर अभ्यर्थियों को नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है?

5 फीसदी छूट की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों के मुताबिक, 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 5 फीसदी छूट का प्रावधान था. उनका आरोप है कि इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इस छूट का लाभ नहीं दिया गया और सामान्य अभ्यर्थियों के समान ही परिणाम जारी कर दिया गया.

अब अभ्यर्थी परीक्षा के न्यूनतम अंकों में 5 फीसदी की छूट देने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि 150 अंकों की परीक्षा में 40 फीसदी यानी 60 अंक को आधार मानकर परिणाम में संशोधन किया जाए और इसके बाद नई चयन सूची जारी की जाए.

लंबे समय से नियुक्ति की मांग

68,500 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. शनिवार को डिप्टी सीएम के आवास का घेराव इसी मांग को लेकर किया गया. अभ्यर्थियों का कहना है कि आठ साल से चल रहे विवाद का अब सरकार को समाधान करना चाहिए और आयोगों के निर्देशों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में जरूरी संशोधन कर नियुक्ति का रास्ता साफ करना चाहिए.

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