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आगरा में आयुष्मान योजना से अनुबंधित 68 अस्पतालों पर संकट; सिर्फ 10 के पास एनएबीएच की मान्यता

आगरा में आयुष्मान योजना से अनुबंधित 68 अस्पतालों पर संकट; सिर्फ 10 के पास एनएबीएच की मान्यता इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने छोटे अस्पतालों के लिए एनएबीएच की मान्यता समाप्त करने की मांग रखी थी. By ETV Bharat Uttar Prades…

ETV Bharat के अनुसार6 अगस्त 2026 को 01:18 am बजे
आगरा में आयुष्मान योजना से अनुबंधित 68 अस्पतालों पर संकट; सिर्फ 10 के पास एनएबीएच की मान्यता

सौजन्य से:- ETV Bharat

आगरा में आयुष्मान योजना से अनुबंधित 68 अस्पतालों पर संकट; सिर्फ 10 के पास एनएबीएच की मान्यता

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने छोटे अस्पतालों के लिए एनएबीएच की मान्यता समाप्त करने की मांग रखी थी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 5, 2026 at 6:31 PM IST

आगरा : आगरा में आने वाले दिनों में आयुष्मान योजना के पात्रों को उपचार में मुश्किल हो सकती है. जिसकी वजह नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की मान्यता होगी. आयुष्मान योजना से पंजीकृत हर अस्पताल के पास एनएबीएच की मान्यता अनिवार्य है.

आगरा में आयुष्मान योजना में 78 अस्पताल पंजीकृत हैं, मगर 10 अस्पताल के पास ही एनएबीएच की मान्यता है. जिससे 68 अस्पतालों पर अनुबंध खत्म होने का संकट मंडरा रहा है. सीएमओ ने अस्पताल संचालकों को एनएबीएच की मान्यता के लिए अक्टूबर 2026 तक का समय दिया है. आगरा में 15 लाख 19 हजार 341 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं. अभी तक 9 लाख 53 हजार 434 लोगों के आयुष्मान कार्ड. बन चुके हैं

बता दें, केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना में आगरा के 78 निजी अस्पताल अनुबंधित हैं. जिनमें से महज 10 अस्पताल के पास ही एनएबीएच की मान्यता है. जबकि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना में अनुबंधित हर अस्पताल के लिए एनएबीएच की मान्यता अनिवार्य कर दी है. साथ ही जिन अनुबंधित निजी अस्पतालों के पास एनएबीएच की मान्यता नहीं है. उन्हें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने तीन माह का समय दिया है. आगरा में आयुष्मान योजना में 68 निजी अस्पताल हैं. जिनके पास एनएबीएच की मान्यता नहीं हैं. जिसमें अधिकांश अस्प्ताल 50 बेड से कम के हैं.

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान योजना में अनुबंधित निजी अस्पताल के लिए एनएबीएच की मान्यता अनिवार्य है. जिले में 68 ऐसे अनुबंधित अस्पताल हैं. जिनके पास एनएबीएच की मान्यता नहीं है. ऐसे में इन सभी 68 अस्पताल के संचालकों को तीन माह का समय एनएबीएच की मान्यता के लिए दिया है. यदि इस समयावधि में एनएबीएच की मान्यता नहीं मिली तो आयुष्मान योजना में पंजीकृत अस्पताल का अनुबंध खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

ऑनलाइन शुल्क जमा कराएं, निरीक्षण करने आएगी टीम

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एनएबीएच की मान्यता के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है. 50 बेड तक के अस्पताल के लिए एनएबीएच की मान्यता का शुल्क 25 हजार रुपये और 50 से 100 बेड के अस्पताल के लिए एनएबीएच का शुल्क 35 हजार रुपये निर्धारित है. जैसे ही निजी अस्पताल अपना ऑनलाइन शुल्क जमा कराएंगे. वैसे ही एनएबीएच की टीम निरीक्षण की तिथि दे देती है.

पात्रों को फ्री उपचार सुविधा में होगी परेशानी

आईएमए आगरा शाखा के प्रेसिडेंट डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि हर जिले में अस्पतालों का पंजीकरण स्थानीय सीएमओ कार्यलय में आवेदन और निरीक्षण के बाद ही किया जाता है. निरीक्षण में सीएमओ कार्यालय की टीम पूरे मानक देखती है. जिसके बाद ही नए अस्पताल का पंजीकरण होता है.

आयुष्मान कार्ड धारकों की सुविधा और सरकार की आयुष्मान योजना से जुड़कर सेवाएं देने के लिए जिले में निजी अस्पतालों ने आयुष्मान आयोजन में पंजीकरण कराया. जिसमें ऐसे तमाम छोटे अस्पताल हैं. जिनके पास नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की मान्यता नहीं हैं. जबकि, छोटे अस्पताल के लिए एनएबीएच की मान्यता की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए. यदि इन छोटे अस्पतालों का अनुबंध खत्म कर दिया जाएगा तो सबसे अधिक आयुष्मान योजना के पात्रों को परेशानी होगी.

आईएमए की एनएबीएच की मान्यता समाप्त करने की मांग

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा शाखा के प्रेसिडेंट डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि अस्पताल संचालकों की समस्या और आयुष्मान योजना के पात्रों को भविष्य में होने वाली पेरशानी को देखकर आईएमए आगरा के प्रतिनिधि मंडल ने बीते दिनों प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं को संचालित करने वाली राज्य व्यापक स्वास्थ्य एंव एकीकृत सेवा एजेंसी की सीईओ अर्चना वर्मा से मुलाकात की थी. जिसमें उनसे छोटे अस्पतालों के लिए एनएबीएच की मान्यता समाप्त करने की मांग की थी.

अभी इनके बने आयुष्मान कार्ड : देश में 2011 की आर्थिक जनगणना में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जिनका ऑनलाइन ब्योरा दर्ज है. परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं. परिवार के पास राशन कार्ड है. राशन कार्ड भी 2019 से पहले का बना है तो ऐसे लोगों के आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं. साथ ही जिनकी उम्र 70 साल या उससे अधिक है. उनके भी आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं.

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